इजरायल ने गाजा के सबसे बड़े शहर को युद्धक्षेत्र घोषित किया, मानवीय सहायता पर लगाया पूर्ण रोक

तीन जगहों गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी में लाखों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब इजरायल अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है।

इजरायल ने गाजा के सबसे बड़े शहर को युद्धक्षेत्र घोषित किया, मानवीय सहायता पर लगाया पूर्ण रोक
i
user

नवजीवन डेस्क

इजरायल की सेना ने शुक्रवार को गाजा सिटी को ‘खतरनाक युद्ध क्षेत्र’ घोषित करते हुए कहा कि वह शहर में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए दी गई दोपहर तक की छूट को भी हटा रही है।यह शहर उन जगहों में से एक है जहां इजरायल ने पिछले महीने सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए लड़ाई रोक दी थी।

गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी में रणनीतिक रोक लागू रही। इन तीन जगहों पर लाखों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब इजरायल अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है।


इजरायल की सेना ने यह नहीं बताया कि उसने दिन में युद्ध शुरू करने की योजना के बारे में निवासियों या सहायता समूहों को सूचित किया है या नहीं। इजरायल ने पहले भी कहा है कि गाजा सिटी हमास का गढ़ है जहां बारूदी सुरंगों का जाल बिछा है। यह शहर इस क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी केंद्र है।

वहीं, ताजा घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को कहा कि अगर इजरायल अपनी योजना के अनुसार हमला करता है, तो इस क्षेत्र में अस्पतालों के बिस्तरों की आधी क्षमता खत्म हो सकती है। वहीं, गाजा में सक्रिय सहायता समूहों के गठबंधन का समन्वय करने वाली ‘नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल’ ने कहा कि इजराइल द्वारा बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की तैयारी किए जाने के कारण आपूर्ति चुनौतीपूर्ण हो गई है।


वहीं मानवीय सहायता संगठन ‘इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन’ (आईपीसी) ने कहा कि भुखमरी की समस्या लड़ाई और इजरायल द्वारा अधिकांश सहायता पर रोक लगाए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, तथा व्यापक विस्थापन और खाद्य उत्पादन में गिरावट के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई है।