'खामेनेई के बाद जो भी संभालेगा सत्ता, वो होगा हमारा अगला निशाना', इजरायली रक्षा मंत्री की खुली धमकी

अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी है कि जो भी नेता इजरायल के खिलाफ कार्रवाई करेगा, वह उनका अगला निशाना होगा।

फोटो: AI Generated
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इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि अली खामेनेई की जगह ईरानी सरकार की ओर से चुने गए किसी भी लीडर का खात्मा “स्पष्ट तौर पर उनका टारगेट होगा।”

उन्होंने कहा कि जो भी नेता इजरायल के खिलाफ काम करेगा या उसे खत्म करने की बात करेगा, वह इजरायल के निशाने पर होगा। काट्ज ने यह भी कहा कि नाम या जगह से कोई फर्क नहीं पड़ता, इजरायल उसे ढूंढ लेगा।

'द टाइम्स ऑफ इजरायल' के अनुसार, काट्ज ने एक बयान में कहा, “ईरानी सरकार की ओर से नियुक्त किया गया कोई भी नेता जो इजरायल को खत्म करने, यूएस और आजाद दुनिया के साथ इलाके के देशों को धमकी देने और ईरानी जनता पर जुल्म करने की योजना को आगे बढ़ाएगा, स्पष्ट तौर पर उसका खात्मा हमारा अगला टारगेट होगा।”

उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका नाम क्या है या वह कहां छिपा है।"


काट्ज ने आगे कहा, “हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर, सरकार की काबिलियत को खत्म करने और ईरानी लोगों के लिए उसे उखाड़ फेंकने और उसकी जगह किसी और को लाने के लिए हालात बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करते रहेंगे।”

बुधवार को खामेनेई के बेटे मोजतबा को देश का सर्वोच्च नेता चुन लिए जाने की घोषणा की गई। ईरान की विशेषज्ञ सभा ने उन्हें इस पद के लिए नियुक्त किया। शनिवार को तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के दिन ही सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत ईरान के कई शीर्ष कमांडर्स की मौत हो गई थी।

ईरान इंटरनेशनल की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह चयन शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के दबाव में किया गया। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान युद्ध स्थिति के कारण विशेषज्ञ सभा की पूर्ण बैठक संभव नहीं हो पाई, इसलिए फैसला आभासी बैठकों और आंतरिक परामर्श के जरिए लिया गया।

रिपोर्ट कहती है कि उनका इस पद के लिए चुना जाना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि कुछ ही दिन पहले अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और टकराव बढ़ गया है।


ईरान का इस्लामी गणराज्य हमेशा से खुद को वंशानुगत राजतंत्र के खिलाफ एक वैचारिक विकल्प के रूप में पेश करता रहा है। यानी ईरान की व्यवस्था में सत्ता परिवार के आधार पर आगे बढ़ाने का समर्थन नहीं किया जाता। ऐसे में अगर पिता के बाद बेटा सत्ता संभालता है, तो इससे व्यवस्था के सिद्धांतों पर सवाल उठ सकते हैं।

तेहरान में बुधवार रात 12 बजे (भारतीय समयानुसार) से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की याद में तीन दिनों का शोक सभा कार्यक्रम भी शुरू होगा। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लोग तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में इकट्ठा होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक की तारीख और बाकी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।

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