मुझे इजरायल ने ईरान युद्ध के लिए नहीं उकसाया- ट्रंप ने नेतन्याहू के दबाव को लेकर दी सफाई

हाल ही में कई खबरों में कहा गया था कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन पर फरवरी के आखिर में ईरान पर अपना संयुक्त हमला शुरू करने के लिए दबाव डाला था। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने इजरायल के दबाव के दावों को फर्जी करार देते हुए फेक न्यूज करार दिया।

मुझे इजरायल ने ईरान युद्ध के लिए नहीं उकसाया- ट्रंप ने नेतन्याहू के दबाव को लेकर दी सफाई
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नवजीवन डेस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज दावा किया है कि उन्हें ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के लिए इजरायल ने नहीं बरगलाया है। ईरान युद्ध को लेकर देश में आलोचनाओं में घिरे ट्रंप ने नेतन्याहू को क्लीन चिट देते हुए यह भी बताने की कोशिश की कि वह ईरान को क्यों परमाणु संपन्न होने नहीं देना चाहते हैं।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा कि इजरायल ने उनको ईरान के साथ युद्ध करने के लिए कभी नहीं उकसाया। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर किए गए सरप्राइज अटैक का जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार यही वजह है कि ईरान को न्यूक्लियर संपन्न देश नहीं होने दिया जा सकता।

दरअसल, हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन पर फरवरी के आखिर में ईरान पर अपना संयुक्त हमला शुरू करने के लिए दबाव डाला था। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने इजरायल के दबाव के दावों को फर्जी करार देते हुए फर्जी खबर करार दिया।


ट्रंप ने कहा, "मैं 'फेक न्यूज' (फर्जी खबरों) फैलाने वालों और इस आधार पर पोल करने वालों पर रत्ती भर भरोसा नहीं करता। वे जो 90% बातें कहते हैं, वे झूठ और मनगढ़ंत कहानियां होती हैं, और उनके पोल्स में भी धांधली होती है। ठीक वैसे ही, जैसे 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। वेनेज़ुएला के नतीजों की तरह ही। ये ऐसे मामले हैं जिनके बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता।"

अपनी बातों को विराम देते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान का भविष्य शानदार होगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के नए नेता "समझदार" हैं, तो देश का भविष्य "उज्जवल और समृद्ध" हो सकता है। ये पोस्ट इस्लामाबाद टॉक्स के राउंड टू की संभावानाओं और आशंकाओं के बीच सामने आई है।


गौरतलब है कि इस्लामाबाद वार्ता के दूसरे चरण को लेकर सब पसोपेश में हैं। दरअसल, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने की बात तो कही जा रही है लेकिन ईरान लगातार होर्मुज पर अमेरिकी नाकेबंदी को सीजफायर उल्लंघन बताकर दूरी बना रहा है। स्पीकर एमबी गालिबाफ का कहना है कि ईरान संवाद कर रहा है लेकिन उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है।

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