इज़राइल-हमास युद्ध : PM नेतन्याहू पर बढ़ रहा दबाव! दो महीने के संघर्ष विराम के लिए बातचीत जारी

इजराइल को अपने देश में बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बंधकों के परिवारों ने कैदियों की रिहाई के लिए देश और विदेश में कई विरोध प्रदर्शन किए हैं।

इजराइल को अपने देश में बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
इजराइल को अपने देश में बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
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आईएएनएस

बंधकों की रिहाई के लिए इजरायल और हमास के बीच दो महीने के संघर्ष विराम के लिए दोहा, काहिरा और वाशिंगटन में बातचीत चल रही है। अरब और कतरी मीडिया ने बताया कि हमास नेतृत्व बंधकों की रिहाई पर स्थायी संघर्ष विराम चाहता है।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इजराइल इस तरह के युद्धविराम पर सहमत नहीं है।

आईएएनएस ने पहले बताया था कि मध्यस्थता वार्ता का नवीनतम दौर 28 दिसंबर को शुरू हुआ और जारी है। हालांकि, इज़राइल की जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी कैदियों के बदले बंधकों की चरणबद्ध रिहाई के लिए इज़राइल एक महीने के युद्धविराम पर सहमत हो सकता है।

यदि समझौता हो जाता है, तो बंधकों की चरणबद्ध रिहाई होगी, जिसमें नागरिकों से लेकर सैनिक और रिजर्विस्ट तक शामिल होंगे, जो हमास की कैद में हैं।


हमास यह भी चाहता है कि इजराइल मोहम्मद दीफ और याह्या सिनवार सहित उसके शीर्ष नेताओं को अन्य देशों में भेजने के लिए सहमत हो, जिस पर सूत्रों के अनुसार, इजराइल सहमत नहीं है।

इजराइल को अपने देश में बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बंधकों के परिवारों ने कैदियों की रिहाई के लिए देश और विदेश में कई विरोध प्रदर्शन किए हैं।

इस बीच हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मशाल ने इजरायल और फिलिस्तीन के प्रस्तावित दो राष्ट्र सिद्धांत को खारिज कर दिया है।

हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुट जॉर्डन नदी से भूमध्य सागर तक की जमीन को मुक्त कराने के पक्ष में हैं। इसका मतलब वेस्ट बैंक, गाजा और पूरा इजराइल होगा। मध्यस्थता वार्ता में एक महीने के युद्धविराम की संभावना बन रही है।

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