मिडिल ईस्ट जंग से बड़े अपडेट: तेहरान, हाइफ़ा और खाड़ी देशों में हमले, बीती रात से सुबह तक क्या-क्या हुआ?

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बीती रात से सुबह तक तेहरान के ऑयल डिपो, इजरायल के हाइफ़ा और कई खाड़ी देशों में हमलों की बड़ी घटनाएं सामने आईं।

फोटो: AI Generated
i
user

नवजीवन डेस्क

मिडिल ईस्ट में जंग की आग लगातार भड़कती जा रही है। जंग का आज 9वां दिन है। बीती रात से आज सुबह तक ईजराय-अमेरिका ने जहां तेहरान में कई बड़े हमे किए तो वहीं ईरान ने भी ताबड़तोड़ जवाबी हमले किए।

इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में तेल भंडारण केंद्रों और ईंधन सुविधाओं को निशाना बनाया। इस हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में भीषण आग और धमाके देखे गए, जिनकी लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीती रात तेहरान के एक बड़े ईंधन भंडारण केंद्र पर हमले के बाद आसमान में बहुत ऊंची-ऊंची आग की लपटें आसमान की तरफ उठती दिखीं। पूरी राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से बताया गया कि हमले का निशाना बना ऑयल डिपो राजधानी और आसपास के उत्तरी प्रांतों को ईंधन सप्लाई करने वाला अहम केंद्र है।

किन इलाकों में हुए हमले

रिपोर्टों के अनुसार हमले मुख्य रूप से दक्षिणी और पूर्वी तेहरान के औद्योगिक इलाकों में हुए।

दक्षिणी तेहरान के एक बड़े ऑयल डिपो को निशाना बनाया गया।

पास में स्थित तेल रिफाइनरी के आसपास भी धमाके सुनाई दिए, हालांकि रिफाइनरी को सीधे नुकसान नहीं पहुंचने की शुरुआती रिपोर्ट है।

कुछ हमलों की जानकारी राजधानी के आसपास स्थित करज (Karaj) क्षेत्र के ईंधन भंडारों पर भी मिली।

इन हमलों के बाद पूरे शहर में आग की लपटें और घना धुआं फैल गया। वीडियो और तस्वीरों में रात के अंधेरे में जलते तेल टैंकों से उठती आग साफ दिखाई दी।


पहली बार नागरिक औद्योगिक ढांचे पर हमला

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध में यह पहली बार है जब किसी बड़े नागरिक औद्योगिक ढांचे, खासकर तेल भंडारण प्रणाली को निशाना बनाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन भंडारों को निशाना बनाने का मकसद ईरान की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर करना हो सकता है, क्योंकि तेल और गैस ढांचे देश की ऊर्जा प्रणाली की रीढ़ हैं।

इजरायल बोला- “आने वाले दिनों में कई सरप्राइज”

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में “कई और सरप्राइज” देखने को मिल सकते हैं।

उनका कहना है कि इजरायल और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को आगे बढ़ाते रहेंगे।


ईरान का जवाबीह हमला

तेहरान पर हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। रॉयटर्स और क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजरायल के हाइफा ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले का दावा किया।

यह हमला ऊर्जा ढांचे पर सीधी जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

खाड़ी देशों तक जंग की आंच

अल जज़ीरा के के अनुसार, इस संघर्ष का दायरा अब खाड़ी क्षेत्र तक फैल गया है। कतर, सऊदी अरब और यूएई ने भी मिसाइल या ड्रोन हमलों की घटनाओं की सूचना दी है।

हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों को रोकने की कोशिश की जाएगी। इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।


अमेरिकी रुख और युद्ध की दिशा

अल जज़ीरा के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया कि युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक ईरान “बिना शर्त समर्पण” नहीं करता।

इस बीच ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा है कि अमेरिका को इस युद्ध की कीमत चुकानी पड़ेगी और वॉशिंगटन अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पा रहा है।

क्षेत्रीय युद्ध की आशंका

विश्लेषकों के अनुसार, ऊर्जा ढांचे, राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों और खाड़ी देशों तक फैलती कार्रवाई इस बात का संकेत है कि यह संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

तेहरान के तेल भंडारों पर हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार भी सतर्क हो गया है, क्योंकि मध्य पूर्व दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे अहम केंद्र है।  

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia