दुनिया की खबरें: 'अब युद्ध रोकने का वक्त, दुनिया बड़े संघर्ष के मुहाने पर' और होर्मुज को लेकर 35 देशों की बैठक

गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं और दुनिया एक व्यापक युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। उनके मुताबिक, अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ेगा।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से संघर्ष रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अब "युद्ध रोकने का वक्त" आ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष न सिर्फ भारी मानवीय पीड़ा पैदा कर रहा है, बल्कि इसके आर्थिक असर भी पूरी दुनिया में तेजी से महसूस किए जा रहे हैं।

गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं और दुनिया एक व्यापक युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। उनके मुताबिक, अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ेगा।

गुटेरेस ने साफ तौर पर कहा, “अब समय आ गया है कि इस युद्ध को रोका जाए,” क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है और पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे चुका है। ऊर्जा संकट, व्यापार बाधाएं और सप्लाई चेन पर दबाव इसके कुछ बड़े उदाहरण हैं, जो इस संघर्ष के कारण और गंभीर हो गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने केवल अमेरिका और इजरायल को ही नहीं, बल्कि ईरान को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले तुरंत बंद करने चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव और भड़क रहा है। उनका मानना है कि सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत के रास्ते पर लौटना होगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुटेरेस ने अपने विशेष दूत को मध्य पूर्व भेजने का फैसला किया है। यह कदम शांति वार्ता को आगे बढ़ाने और सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

होर्मुज को लेकर ब्रिटेन ने बुलाई 35 देशों की बैठक, भारत भी शामिल: विदेश मंत्रालय

होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की राह निकालने और इसे दुनिया के लिए सुरक्षित बनाने की मुहिम के तहत ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें भारत भी शामिल हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यूके की ओर से भारत को भी एक खत मिला है और इसमें हमारी नुमाइंदगी भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं।

बुधवार को होर्मुज पर अहम बैठक की घोषणा ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने की थी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही ये बैठक होगी। गुरुवार को ऑनलाइन मोड में इसका आयोजन किया गया। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है।

बैठक के दौरान कूपर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर सीधा हमला" बताया।

अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान की "लापरवाही" ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

उन्होंने दावा किया कि ब्रिटेन इस संकट को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश में आगे बढ़ रहा है। यूके का लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री रास्तों को फिर से सुरक्षित और चालू करना है, जिसे ईरान ने अमेरिका-इजरायल अभियान के जवाब में निशाना बनाया है।

कूपर के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में अब तक 25 से अधिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इसके चलते करीब 2,000 जहाजों पर सवार लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी, ओमान और इराक के व्यापार मार्गों पर ही नहीं एशिया के लिए लिक्विड नेचुरल गैस, अफ्रीका के लिए खाद और पूरी दुनिया के लिए जेट फ्यूल की आपूर्ति पर असर पड़ा है।


ईरान: पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी की हालत गंभीर, घर पर हुई थी एयर स्ट्राइक

ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और सुप्रीम लीडर के सलाहकार कमाल खराजी की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार एयर स्ट्राइक में उनकी पत्नी की मौत हो गई जबकि खराजी घायल हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान में उनके घर पर हमला हुआ। इस हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। ईरानी मीडिया और स्थानीय रिपोर्ट्स में इसे एक 'हत्या की कोशिश' बताया गया है।

खराजी ईरान की 'स्ट्रेटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल' के अध्यक्ष हैं। यह संस्था सीधे देश के सर्वोच्च नेता को सलाह देती है और विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार पांचवें हफ्ते भी ईरान पर जारी हैं।

ईरानी मीडिया ने बताया कि बुधवार को तेहरान में खराजी के घर को निशाना बनाया गया था। 'शर्ग', 'एतेमाद' और 'हम मिहान' दैनिक के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गुरुवार को भी तेहरान, इस्फाहान और शिराज पर हवाई हमलों की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी। दक्षिणी ईरान के लारेस्तान में चार लोगों के मारे जाने की खबर है।

इस बीच, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि राजधानी स्थित 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसे तबाह कर दिया गया है।

ईरान में जल्द ‘‘काम खत्म करेगी’’ अमेरिकी सेना : ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ईरान में जल्द ही ‘‘काम खत्म कर देगी क्योंकि मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने वाले हैं।’’

ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने के करीब एक महीने बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में अपने इस कदम का बचाव किया।

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर 28 फरवरी, 2026 को पहली बार हमला किया था जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हो गया।

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हमलों के संदर्भ में कहा, ‘‘अगले दो से तीन सप्ताह में हम उन पर बेहद कड़ा प्रहार करेंगे। हम उन्हें पाषाण युग में भेज देंगे, जहां उन्हें वास्तव में होना चाहिए।’’

ट्रंप ने लगभग 20 मिनट के इस संबोधन में हाल के हफ्तों में कही गई अपनी कई बातों को दोहराया।

जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, कई अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिका की सेना ने ईरान में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण गैस एवं तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। ऐसे में ट्रंप के इस भाषण से जनभावना में कोई खास बदलाव आने की संभावना नहीं लगती।

ट्रंप के बयान का वैश्विक वित्तीय बाजारों पर तत्काल असर दिखा। ईरान पर अमेरिका के कड़े हमले जारी रखने संबंधी ट्रंप की टिप्पणियों के बाद तेल की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और एशियाई शेयर बाजार गिर गए।

ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे आज रात यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मुख्य रणनीतिक उद्देश्य लगभग पूरे होने वाले हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम काम खत्म करने वाले हैं और हम इसे बहुत तेजी से पूरा करेंगे। हम बहुत करीब पहुंच चुके हैं।’’

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