अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद में कमला हैरिस हुईं भावुक! मां की भारत से अमेरिका तक की यात्रा का किया जिक्र

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जीतने वाली कमला हैरिस ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करना होता है, बलिदान देना होता है, लेकिन उसमें आनंद और प्रगति होती है, क्योंकि हमारे पास बेहतर भविष्य बनाने की शक्ति है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद भारतीय मूल की कमला हैरिस ने अपने संबोधन में दिल को छूल लेने वाली कई बातें कहीं। उन्होंने अपने संबोधन में अपनी मां श्यामला गोपालन का जिक्र किया। उन्होंने भारत से अमेरिका तक अपनी मां की यात्रा का जिक्र किया।

कमला हैरिस ने अपनी मां को शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि मेरी मां श्यामला गोपालन जब 19 साल की उम्र में भारत से यहां आईं, तो शायद उन्होंने भी इस पल की कल्पना नहीं की होगी। लेकिन वह अमेरिका में इतनी गहराई से विश्वास करती थीं, जहां इस तरह का क्षण संभव है।

कमला हैरिस ने कहा, “मैं उनकी (मां) और पीढ़ियों के बारे में सोच रही हूं, ब्लैक महिलाओं, एशियाई, श्वेत, लैटिना और मूल अमेरिकी महिलाओं के बारे में, जिन्होंने हमारे देश के इतिहास में इस पल के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।”

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जीतने वाली कमला हैरिस ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करना होता है, बलिदान देना होता है, लेकिन उसमें आनंद और प्रगति होती है, क्योंकि हमारे पास बेहतर भविष्य बनाने की शक्ति है।


कमला हैरिस की जीत के बाद उनके परिवार में जश्न का माहौल है। कमला हैरिस की जीत के बाद उनकी बहन माया हैरिस ने कहा कि मम्मी ने हमें सिखाया कि हम कुछ भी कर सकते हैं। वह आज गर्व से परे होंगी। कमला हैरिस के मामा गोपाल बालचंद्रन भी कमला की जात की खबर से खुश हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कल ही अपनी भांजी से कहा था कि वह जीतने जा रही है।

20 अक्टूबर 1964 को कैलिफोर्निया के ओकलैंड में जन्मी कमला देवी हैरिस की मां श्यामला गोपालन 1960 में भारत के तमिलनाडु से यूसी बर्कले पहुंची थीं। उनके पिता डोनाल्ड जे हैरिस 1961 में ब्रिटिश जमैका से इकोनॉमिक्स में स्नातक की पढ़ाई करने यूसी बर्कले आए थे। यहीं अध्ययन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और मानव अधिकार आंदोलनों में भाग लेने के दौरान उन्होंने विवाह करने का फैसला कर लिया।

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Published: 08 Nov 2020, 8:57 AM