'सिर्फ एक मुलाकात…', एपस्टीन कनेक्शन पर मेलानिया ट्रंप का खुलासा, सर्वाइवर्स को लेकर की ये मांग

मेलानिया ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन से किसी भी संबंध से इनकार किया है। उन्होंने पीड़ितों के लिए अमेरिकी संसद में सार्वजनिक सुनवाई की मांग की।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार करते हुए विवाद पर विराम लगाने की अपील की है। उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी और उनसे जुड़ी सभी अफवाहें दुर्भावनापूर्ण हैं।

“अफवाहें आज ही खत्म होनी चाहिए”

व्हाइट हाउस में अचानक दिए गए बयान में मेलानिया ट्रंप ने कहा कि उन्हें और एपस्टीन को जोड़ने वाले दावे “आज ही खत्म हो जाने चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि साल 2000 में उनकी केवल एक “संक्षिप्त मुलाकात” हुई थी और वह कभी एपस्टीन की पीड़ित नहीं रहीं।

उन्होंने कहा, “यह मेरी छवि खराब करने की कोशिश है।” साथ ही उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि एपस्टीन ने उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से कराई थी।


ईमेल, मैक्सवेल और पुराने विवादों पर सफाई

मेलानिया ट्रंप ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजो में सामने आए 2002 के एक ईमेल का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिर्फ “साधारण बातचीत” और “शिष्ट जवाब” था। इस ईमेल में उन्होंने “जी” (संभवतः गिलेन मैक्सवेल) को संबोधित करते हुए एक पत्रिका में छपी कहानी की तारीफ की थी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह गिलेन मैक्सवेल को नहीं जानतीं। वहीं, एक पत्रिका में प्रकाशित उस लेख का भी जिक्र हुआ जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन को “दिलचस्प साथी” बताया था।

मेलानिया ट्रंप का लेखक माइकल वोल्फ के साथ भी कानूनी विवाद रहा है। उनकी किताब “फायर एंड फ्यूरी” में किए गए दावों को लेकर उन्होंने मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी थी।

संसद में सुनवाई की मांग, पीड़ितों की प्रतिक्रिया

मेलानिया ट्रंप ने एपस्टीन मामले में पीड़ितों के लिए अमेरिकी संसद में सार्वजनिक सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि “हर महिला को अपनी कहानी सार्वजनिक रूप से बताने का अधिकार होना चाहिए और उसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना चाहिए।”

हालांकि, वर्जीनिया ज्योफ़्रे के परिवार और अन्य पीड़ितों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि वे पहले ही गवाही देकर साहस दिखा चुके हैं और अब जिम्मेदारी सत्ता में बैठे लोगों की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ताकतवर लोगों की रक्षा की जा रही है और पूरी जांच से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक नहीं की गई हैं।


अचानक बयान से तेज हुई बहस

मेलानिया ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब एपस्टीन मामले से जुड़े नए खुलासों के कारण कई बड़े कारोबारी अपने पद छोड़ चुके हैं। उन्होंने पारदर्शिता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे जरूरी नहीं कि किसी की गलती साबित हो, लेकिन सच सामने आना चाहिए।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी माना है कि वह एपस्टीन को जानते थे, लेकिन बाद में उन्हें अपने मार-ए-लागो क्लब से बाहर कर दिया था। एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में ट्रंप का कई बार जिक्र हुआ है, हालांकि किसी गलत काम का प्रमाण सामने नहीं आया है।

मेलानिया का यह बयान इस पूरे मामले पर सार्वजनिक बहस को एक बार फिर तेज कर सकता है।

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