नेपाल-चीन बॉर्डर पर फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 4 जवान लापता, सड़क-बिजली से पावर प्रोजेक्ट तक तबाह

नेपाल-चीन बॉर्डर पर फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है। 4 जवान लापता हैं, जबकि सड़क, बिजली ढांचे और 15 पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नेपाल-चीन सीमा से लगे इलाकों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे कई इलाकों में पानी घुस गया और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। उत्तरी रसुवा में सीमा चौकी पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के चार जवान बाढ़ के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।

4 जवानों से संपर्क टूटा, 14 कस्टम कर्मचारी लापता

एपीएफ के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि नेपाल-चीन सीमा के आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ के बाद से चार जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा चौकी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अधिकारियों को अभी यह पता लगाना है कि लापता जवान बाढ़ की चपेट में आए हैं या नहीं।

इसके अलावा, स्थानीय मीडिया की अपुष्ट खबरों के मुताबिक, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।


सड़क, बिजली और पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान

तिब्बत क्षेत्र से निकलने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद रसुवा में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। सड़कों, पनबिजली केंद्रों, बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों पर बाढ़ का असर पड़ा है।

नेपाल-चीन सीमा के पास टिमुुरे मार्केट क्षेत्र, टिमुुरे कस्टम्स ऑफिस और स्याब्रुबेसी के कुछ हिस्सों में भी भारी नुकसान की खबर है।

नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ से बिजली से जुड़े कई महत्वपूर्ण ढांचे प्रभावित हुए हैं। इनमें रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3ए और त्रिशूली-3बी पावर प्रोजेक्ट, 220 केवी त्रिशूली-3बी हब सब-स्टेशन, त्रिशूली और देवीघाट पनबिजली संयंत्र तथा कई वितरण संरचनाएं शामिल हैं।

बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। अथॉरिटी ने कहा है कि जल्द से जल्द बिजली बहाल करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से बिजली आपूर्ति बहाल होने तक धैर्य रखने की अपील की है और सभी संबंधित पक्षों से बिजली आपूर्ति को लेकर सही जानकारी साझा करने में सहयोग करने को कहा है।

15 पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित, निचले इलाकों में खतरा

नेपाल के इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बाढ़ से 15 पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 परियोजनाएं चालू हैं, जबकि पांच निर्माणाधीन हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। भोटेकोशी नदी आगे त्रिशूली नदी में मिलती है और नुवाकोट तथा मध्य नेपाल के अन्य जिलों की ओर बढ़ती है।


तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने की आशंका

हाइड्रोलॉजी विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि नेपाल में आई यह अचानक बाढ़ भारी बारिश की वजह से नहीं, बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) के कारण आई हो सकती है। हालांकि, बाढ़ के अचानक बढ़ने की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय अधिकारी चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर पानी के अचानक बढ़ने के कारण का पता लगाने में जुटे हैं। इसके लिए सैटेलाइट से मिली जानकारी का भी अध्ययन किया जा रहा है।

5 जिलों में हाई-अलर्ट, लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह

रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिलों में नदी किनारे बसे उन इलाकों के लिए हाई-अलर्ट जारी किया गया है, जहां बाढ़ का खतरा है।

निचले इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से पृथ्वी हाईवे और नदी किनारे वाले अन्य रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। बचाव और आपातकालीन दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला स्तर के आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के बीच समन्वय कर रहे हैं। साथ ही, आपातकालीन संसाधनों को भी जुटाया जा रहा है।

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