जोहरान ममदानी ने आधी रात कुरआन पर हाथ रखकर ली मेयर पद की शपथ, न्यूयॉर्क को मिला पहला मुस्लिम मेयर
जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद की शपथ कुरआन पर हाथ रखकर ली। वे शहर के पहले मुस्लिम, दक्षिण एशियाई मूल और अफ्रीका में जन्मे मेयर बने हैं।

अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क को नए साल पर नया मेयर मिल गया है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी ने गुरुवार (1 जनवरी 2026) आधी रात को मेयर पद की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह मैनहैटन की एक ऐतिहासिक और अब बंद हो चुकी सबवे स्टेशन में आयोजित किया गया, जिसे न्यूयॉर्क के शुरुआती मेट्रो स्टेशनों में गिना जाता है।
कुरआन पर हाथ रखकर शपथ ली
इस शपथ समारोह को खास बनाने वाली सबसे अहम बात यह रही कि जोहरान ममदानी ने कुरआन पर हाथ रखकर शपथ ली। AP के अनुसार, इसके साथ ही वे न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बन गए। शपथ के दौरान ममदानी ने कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है।"
इस ऐतिहासिक क्षण को न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने संपन्न कराया, जो ममदानी की राजनीतिक सहयोगी भी मानी जाती हैं।
ऐतिहासिक सबवे स्टेशन में हुआ समारोह
शपथ ग्रहण कार्यक्रम ओल्ड सिटी हॉल सबवे स्टेशन में आयोजित किया गया, जो अपने खूबसूरत मेहराबदार छतों के लिए जाना जाता है। यह स्टेशन अब उपयोग में नहीं है, लेकिन इसे न्यूयॉर्क के इतिहास की अहम धरोहर माना जाता है। इसी वजह से इस स्थान को चुना गया, ताकि नए मेयर का पहला कदम भी इतिहास से जुड़ा हो।
फिर होगी भव्य शपथ, मौजूद रहेंगे बर्नी सैंडर्स
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ममदानी को दोबारा शपथ दिलाई जाएगी। यह सार्वजनिक और भव्य समारोह दोपहर 1 बजे सिटी हॉल में होगा। इस बार उन्हें शपथ दिलाएंगे अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर बर्नी सैंडर्स, जिन्हें ममदानी अपना राजनीतिक आदर्श मानते हैं।
इसके बाद ब्रॉडवे के उस हिस्से में एक पब्लिक ब्लॉक पार्टी आयोजित की जाएगी, जिसे “कैन्यन ऑफ हीरोज” कहा जाता है और जहां पारंपरिक टिकर-टेप परेड होती रही हैं।
कई मायनों में रिकॉर्ड बनाने वाले मेयर
जोहरान ममदानी सिर्फ पहले मुस्लिम मेयर ही नहीं हैं। AP के अनुसार, वे:
न्यूयॉर्क के पहले दक्षिण एशियाई मूल के मेयर हैं
अफ्रीका में जन्म लेने वाले पहले मेयर हैं
और 34 साल की उम्र में कई पीढ़ियों में सबसे युवा मेयरों में शामिल हैं।
उनका जन्म युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे मशहूर फिल्ममेकर मीरा नायर और शिक्षाविद-लेखक महमूद ममदानी के बेटे हैं। सात साल की उम्र में उनका परिवार न्यूयॉर्क आ गया था। ममदानी 2018 में अमेरिकी नागरिक बने।
महंगाई को बनाया चुनावी मुद्दा
AP की रिपोर्ट बताती है कि ममदानी के चुनाव अभियान में “affordability” यानी जीवन की लागत सबसे बड़ा मुद्दा रहा। उन्होंने दुनिया के सबसे महंगे शहरों में से एक न्यूयॉर्क में आम लोगों को राहत देने का वादा किया।
उनके प्रमुख वादों में शामिल हैं:
मुफ्त चाइल्ड केयर
मुफ्त बस सेवा
करीब 10 लाख घरों के लिए किराया फ्रीज
शहर द्वारा संचालित सस्ते किराना स्टोर का पायलट प्रोजेक्ट
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, मेयर बनने के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। कचरा प्रबंधन, बर्फबारी, चूहों की समस्या, सबवे में देरी और सड़कों के गड्ढे, ये सभी मुद्दे अब सीधे ममदानी से जोड़े जाएंगे।
ट्रंप के साथ रिश्ते रहेंगे अहम
AP के मुताबिक, ममदानी को रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी निपटना होगा। चुनाव के दौरान ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ममदानी जीते तो वे संघीय फंडिंग रोक सकते हैं।
हालांकि, नवंबर में ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस बुलाया और मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही। ट्रंप ने कहा था, “मैं चाहता हूं कि वे अच्छा काम करें और मैं इसमें मदद करूंगा।” फिर भी, इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर दोनों के बीच टकराव की आशंका बनी हुई है।
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