दुनिया की खबरें: तकनीकी खराबी से थमा अमेरिका, सैकड़ों उड़ानें प्रभावित और रूस-यूक्रेन ने एक दूसरे पर किए घातक हमले
सोमवार को आई खराबी के कारण न्यूयॉर्क शहर क्षेत्र के सभी प्रमुख हवाई अड्डे प्रभावित हुए और सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 600 से अधिक उड़ान शामिल थीं।

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में एक प्रमुख हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र में संचार लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण न्यूयॉर्क शहर क्षेत्र के हवाई अड्डों से उड़ानों में देरी हुई और कुछ को रद्द करना पड़ा। बाद में संचार लाइन की मरम्मत के बाद मंगलवार को प्रभावित हवाई अड्डों पर परिचालन बहाल हो गया।
सोमवार को आई खराबी के कारण न्यूयॉर्क शहर क्षेत्र के सभी प्रमुख हवाई अड्डे प्रभावित हुए और सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 600 से अधिक उड़ान शामिल थीं।
अमेरिका के परिवहन मंत्री शॉन डफी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मरम्मत पूरी हो जाने के बाद भी उड़ानों में पहले से हो रही देरी का असर खत्म होने में कुछ समय लगेगा।
फिलाडेल्फिया स्थित संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) केंद्र की मुख्य संचार लाइन सोमवार को पहले खराब हो गई थी और वैकल्पिक फाइबर ऑप्टिक लाइन को रेल निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने अनजाने में काट दिया। इससे हवाई यातायात नियंत्रण कक्षों का रडार और संचार संपर्क कई घंटे तक बाधित रहा।
उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24’ के अनुसार, इस खराबी के कारण दिन के ज्यादातर समय नेवार्क में वाणिज्यिक हवाई यातायात लगभग ठप रहा। स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न करीब नौ बजकर 40 मिनट से शाम पांच बजकर 20 मिनट तक कोई वाणिज्यिक उड़ान वहां नहीं उतरी।
फिलाडेल्फिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 200 से अधिक उड़ानें भी रद्द कर दी गईं, जबकि न्यूयॉर्क के लागार्डिया और कैनेडी हवाई अड्डे भी प्रभावित हुए। सोमवार शाम तक इन हवाई अड्डों पर उड़ानें फिर शुरू हो गई थीं।
जेलेंस्की की ट्रंप से मुलाकात से पहले रूस-यूक्रेन ने एक दूसरे पर किए घातक हमले
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले रूस ने मंगलवार को रातभर यूक्रेन के कम से कम चार क्षेत्रों में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने लंबी दूरी के हमले में रूस की एक और तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया।
रोजाना हो रहे हवाई हमलों और जमीनी मोर्चे पर सीमित बदलावों के बीच ये घटनाएं जेलेंस्की की अमेरिका यात्रा की पृष्ठभूमि में हुईं। जेलेंस्की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप समेत अन्य विश्व नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं।
यूक्रेनी नेता रूस के साढ़े चार साल से अधिक समय से जारी पूर्ण सैन्य अभियान को समाप्त करने के लिए विश्व नेताओं से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस वार्षिक बैठक में शामिल नहीं होंगे।
पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में 5 लाख से अधिक रूसी सैनिकों की मौत हुई है। इसके वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव पड़े हैं।
ट्रंप के अनुसार, मॉस्को की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमलों के बाद रूस की रिफाइनरियों पर हुए लगातार हमलों से डीजल की अंतरराष्ट्रीय कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, वैश्विक तेल संकट पर ईरान युद्ध के कारण होरमुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने का भी असर पड़ा है।
जेलेंस्की काला सागर के रास्ते यूक्रेनी अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक आपूर्ति जारी रखने में मदद भी चाहते हैं। रूसी हमलों से मालवाहक जहाजों पर असर पड़ा है, जिससे यूक्रेन के निर्यात और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है तथा वैश्विक आपूर्ति पर खतरा पैदा हुआ है।
जलवायु संकट से निपटने में एआई और अक्षय ऊर्जा की भूमिका पर चर्चा
वैज्ञानिकों के पृथ्वी के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य का आकलन करने के बीच दुनिया भर के नेताओं ने सोमवार को इसे जल्द सुधारने के उपायों पर एक सप्ताह तक चलने वाली वार्ता की शुरुआत की और इस दौरान अक्षय ऊर्जा के तेजी से विस्तार को उम्मीद की किरण के रूप में देखा गया।
वार्ता में इस बात पर भी चर्चा होगी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उसके लिए बड़ी मात्रा में बिजली एवं पानी की खपत करने वाले डेटा केंद्रों का बढ़ता विस्तार जलवायु संकट को बढ़ाने के साथ-साथ उसके समाधान में भी मदद कर सकता है।
हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा और न्यूयॉर्क जलवायु सप्ताह के दौरान वैश्विक तापमान वृद्धि पर चर्चा होती है, लेकिन कार्रवाई अपेक्षाकृत कम होती है।
विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बार एआई और डेटा केंद्रों का बढ़ता प्रभाव तथा ईरान और यूक्रेन में युद्धों के कारण जीवाश्म ईंधन की बढ़ती कीमतें चर्चा का रुख बदल सकती हैं। इसके अलावा, एशिया में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाएं भी अधिक विनाशकारी होती जा रही हैं।
जर्मनी के ‘पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च’ के निदेशक जोहान रॉकस्ट्रॉम ने कहा, ‘‘पृथ्वी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।’’
उन्होंने चेतावनी दी कि मानव गतिविधियां पृथ्वी की स्थिरता, लचीलेपन और जीवन-समर्थन प्रणालियों को जोखिम में डाल रही हैं।
संस्थान की ‘प्लैनटरी बाउंड्रीज साइंस लैब’ की नई रिपोर्ट के अनुसार, स्वस्थ पृथ्वी के लिए निर्धारित नौ में से सात ‘प्लैनेटरी बाउंड्रीज’ (पृथ्वी की सुरक्षित पर्यावरणीय सीमाएं) पार हो चुकी हैं।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा की ओर बदलाव को ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यता’’ बताया।
इमरान खान की बहनों को गिरफ्तार करना 'असंवैधानिक': महिला अधिकार संगठन
पाकिस्तान में महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन 'औरत मार्च' ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के पारिवारिक सदस्यों (जिसमें उनकी बहनें, भांजियां, भांजे और नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं) की गिरफ्तारी पर सख्त ऐतराज जताया है। मंगलवार को एक बयान जारी कर संगठन ने इस कार्रवाई को सरकार द्वारा असहमति की आवाज को दबाने की एक "खौफनाक" कोशिश बताया।
'औरत मार्च' ने कहा कि खान के रिश्तेदारों को डराना-धमकाना, गिरफ्तार करना और "उठा ले जाना," साथ ही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थकों को इस्लामाबाद की सड़कों पर मार्च करने से रोकने की कोशिशें "असंवैधानिक और अमानवीय" हैं।
पाकिस्तान के अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई के विरोध प्रदर्शन से पहले, इमरान खान की बहनों अलीमा खान, उज्मा खान और नोरिन नियाजी को हिरासत में लिया गया। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने 30 दिन हिरासत का आदेश दिया था जिसके बाद ये कार्रवाई हुई।
13 सितंबर को, पीटीआई नेताओं ने 27 सितंबर को विरोध प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया था। उनके मुताबिक इसका मकसद न सिर्फ इमरान खान की रिहाई की मांग करना है, बल्कि लोकतंत्र की बहाली और पाकिस्तान में संविधान और कानून के राज को सुनिश्चित करने की भावना भी है।
एक्स पोस्ट में, समूह ने कहा कि पीटीआई विरोध प्रदर्शन से कुछ दिन पहले हुई ये गिरफ्तारियां पीटीआई और पाकिस्तान भर में किसी भी रूप में विरोध कर रहे सभी आंदोलनों, संगठनों और राजनीतिक समूहों के खिलाफ "सत्तारूढ़ तंत्र (एस्टेब्लिशमेंट) समर्थित हिंसक कदमों" की एक लंबी कड़ी का हिस्सा हैं।
'औरत मार्च' ने कहा, "हालांकि हम किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं और पिछले कुछ वर्षों में पीटीआई की कुछ नीतियों से असहमत भी रहे हैं, फिर भी हमारा मानना है कि असहमति के किसी भी रूप को कुचलने की सरकार की भयानक कोशिशें, इमरान खान के रिश्तेदारों को डराना-धमकाना और उठा ले जाना, और पीटीआई समर्थकों को इस्लामाबाद की सड़कों पर मार्च करने से रोकना असंवैधानिक और अमानवीय है, और सभी नागरिकों को इसकी निंदा करनी चाहिए।"
इसमें आगे कहा गया, "हर पाकिस्तानी को शांतिपूर्ण विरोध करने और सरकार के सामने अपनी मांगें रखने का अधिकार है।"
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