दुनिया की खबरें: कर्नाटक हिजाब विवाद पर पाक ने दी दखल और वाशिंगटन डीसी के आसपास 8 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

कर्नाटक में स्कूल कॉलेजों में हिजाब बैन करने के मसले पर पाकिस्तान ने दखलअंदाजी की है और वाशिंगटन डीसी में पुलिस ने कहा कि वे अमेरिकी राजधानी के आसपास के आठ स्कूलों में बम धमकियों की 'पूरी तरह से जांच' करने के लिए काम कर रही हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

वाशिंगटन डीसी के आसपास 8 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

वाशिंगटन डीसी में पुलिस ने कहा कि वे अमेरिकी राजधानी के आसपास के आठ स्कूलों में बम धमकियों की 'पूरी तरह से जांच' करने के लिए काम कर रही हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने बुधवार देर रात ट्वीट किया, पब्लिक स्कूलों और चार्टर स्कूलों को बिना किसी खतरनाक सामग्री के साफ कर दिया गया है। संघीय एजेंसियों की मदद से जांच चल रही है। डनबर हाई स्कूल सहित कई डीसी स्कूलों को बुधवार दोपहर को खाली कर दिया गया था, जब दूसरे जेंटलमैन डग एम्हॉफ को बम की धमकी के कारण मंगलवार को डनबर हाई स्कूल में एक कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। डीसी पब्लिक स्कूलों के चांसलर लुईस डी. फेरबी ने बुधवार को ट्वीट किया, "ये परेशानी वाली घटनाएं हैं, जिन्हें हम बहुत गंभीरता से लेते हैं।" पूरे अमेरिका के इतिहास में अफ्रीकी-अमेरिकियों की उपलब्धियों और संघर्षों को सम्मानित करने के लिए समर्पित इस महीने के शुरूआती दिनों में देश भर में एक दर्जन से अधिक ऐतिहासिक रूप से काले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को बम की धमकी मिली है।

यमन : जनवरी में विस्फोट से 36 लोग मारे गए : अधिकारी

वर्ष 2022 के पहले महीने के दौरान युद्धग्रस्त अरब देश में कुल 36 यमनी लोग विस्फोटक की वजह से मारे गए थे। स्थानीय सरकार के सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज सहित अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस और लैंडमाइन्स में 36 लोगों की मौत हो गई और 37 से ज्यादा लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्यादातर घटनाएं शबवा, होदेइदाह, अल-जॉफ और मारिब के अशांत यमनी प्रांतों में हुईं। इस बीच, यमन डेटा प्रोजेक्ट, एक गैर-सरकारी संगठन, ने सऊदी गठबंधन बम विस्फोटों के परिणामस्वरूप 139 मौतों और 287 घायल लोगों की सूचना दी। सऊदी अरब द्वारा मार्च में यमन में हाउतियों पर बमबारी शुरू करने के बाद से मारे गए और घायलों की कुल संख्या लगभग 19,000 हो गई। सऊदी अरब द्वारा समर्थित यमनी सरकारी बलों और सबसे गरीब अरब देश के कई क्षेत्रों में ईरान के साथ गठबंधन करने वाले हाउति लड़ाकों के बीच अभी भी तीव्र लड़ाई चल रही है।

हिजाब विवाद: पाक ने इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिक को तलब कर जताई 'चिंता'

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के कर्नाटक राज्य के एक शिक्षण संस्थान में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के मामले की निंदा की है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इस्लामाबाद में इंडियन चार्ज डी अफेयर्स सुरेश कुमार को तलब किया। मंत्रालय ने कर्नाटक में छात्राओं के हिजाब पहनकर शिक्षण संस्थान में एंट्री देने से रोके जाने पर निंदा करने के साथ ही चिंता जताई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चार्ज डी अफेयर्स से आग्रह किया गया है कि वे भारत सरकार को कर्नाटक में आरएसएस-बीजेपी गठबंधन द्वारा चलाए जा रहे हिजाब विरोधी अभियान पर पाकिस्तान की 'अत्यधिक चिंता' से अवगत कराएं, जो कि अमानवीय उद्देश्य से अपने बड़े बहिष्करणवादी और बहुसंख्यकवादी एजेंडे का हिस्सा है और यह मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। जियो न्यूज ने मंत्रालय के हवाले से कहा कि भारतीय राजनयिक से कहा गया है कि फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों, जिसमें 50 निर्दोष मुसलमान मारे गए थे, के लगभग दो साल बाद भी मुसलमानों के खिलाफ धार्मिक असहिष्णुता, नकारात्मक रूढ़िवादिता और भेदभाव बेरोकटोक जारी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार को भारत में मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

'पूर्वी तुर्कीस्तान संगठन पर कड़ी नजर रखना चाहिए'

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को पूर्वी तुर्कीस्तान संगठन पर कड़ी नजर रखना चाहिए, जिसका आतंकी खतरा सक्रिय हो रहा है। साथ ही, आईएस से इसके जुड़ाव का भी खात्मा करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि चांग चुन ने 9 फरवरी को यह अपील की। चांग चुन ने कहा कि आईएस लगातार पूर्वी तुर्कीस्तान संगठन के सदस्यों की भर्ती करता है। इस पर चीन बड़ा ध्यान देता है। पूर्वी तुर्कीस्तान संगठन को सुरक्षा परिषद की नंबर 1267 समिति ने आतंकवाद संगठन माना है। इसने चीन के शिनच्यांग में कई आतंक हमले किए हैं, जिसमें तमाम बेगुनाहों को नुकसान पहुंचा है। हाल के वर्षों में पूर्वी तुर्कीस्तान संगठन मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और मध्य-पूर्व क्षेत्र में सक्रिय है। चांग चुन ने कहा कि आईएस इराक, सीरिया, लीबिया आदि क्षेत्रों में अभी भी सक्रिय है और अफ्रीका के कई क्षेत्रों में तेजी से अपने पांव पसार रहा है। चीन सभी प्रकारों की आतंकवाद कार्रवाई का विरोध करने पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन करता है।


तिब्बत में 5जी टर्मिनल यूजर्स की संख्या 10 लाख से अधिक

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के संचार प्रशासन से मिली खबर के अनुसार, तिब्बत में 5जी बेस स्टेशनों की कुल संख्या 6,660 तक पहुंच गई है। 5जी प्रौद्योगिकी पर आधारित आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) का व्यापक रूप से नगर निगम कार्य, कार नेटवकिर्ंग, स्मार्ट होम समेत क्षेत्रों में उपयोग किया गया है, और 5जी टर्मिनल यूजर्स की संख्या 10 लाख 79 हजार 7 सौ तक पहुंच गई है। पिछले एक साल में, तिब्बत ने 3,083 नये 5जी बेस स्टेशनों का निर्माण किया है, और लगातार 5जी प्लस औद्योगिक इंटरनेट कार्य को बढ़ाते हुए चिकित्सा, नागरिक बस्तियों, और रसद जैसे प्रमुख उद्योगों की 10 परियोजनाओं में उनका अनुप्रयोग किया है। अब तक, 7 शहरों के 74 मुख्य जिलों के मुख्य शहरी क्षेत्रों में 5जी नेटवर्क सेवा उपलब्ध हो चुकी है। बता दें कि तिब्बत में मौजूदा फाइबर ऑप्टिक केबल लाइन 2.7 लाख किलोमीटर लंबी हैं। प्रशासनिक गांवों में फाइबर ब्रॉडबैंड व 4जी नेटवर्क के 99 प्रतिशत आवरण के आधार पर भविष्य में सभी प्रशासनिक गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचेगा और साथ ही 20 से अधिक घरों वाले 1,720 प्राकृतिक गांवों में 4जी नेटवर्क की पूर्ण कवरेज हासिल होगी।

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