अमेरिका: सैन डिएगो की सबसे बड़ी मस्जिद में गोलीबारी, 3 की मौत, हमले के बाद कार में मृत मिले दो किशोर

अमेरिका के सैन डिएगो में मस्जिद पर गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हो गई। दो किशोर संदिग्ध मृत मिले। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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अमेरिका के सैन डिएगो में स्थित सबसे बड़ी मस्जिद में हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके को हिला दिया है। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना के बाद दो किशोर संदिग्ध एक कार के अंदर मृत पाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस को नफरत फैलाने वाले संदेश, इस्लाम विरोधी सामग्री और नस्लीय श्रेष्ठता से जुड़ा आत्महत्या पत्र मिलने की बात सामने आई है।

अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के सैन डिएगो विशेष एजेंट प्रभारी मार्क रेमिली ने बताया कि दो संदिग्ध इस्लामिक सेंटर के पास खड़ी एक कार में मृत मिले। वहीं, सैन डिएगो पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल के अनुसार, 17 और 19 साल के दोनों किशोरों ने संभवतः खुद को गोली मार ली थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि संदिग्धों में से एक अपने घर से बंदूक लेकर निकला था।

नफरत भरे संदेश और आत्महत्या पत्र से बढ़ी जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध ने अपने घर पर एक आत्महत्या पत्र छोड़ा था, जिसमें नस्लीय गर्व से जुड़ी बातें लिखी थीं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों में से एक पर नफरत फैलाने वाले शब्द लिखे हुए मिले।

पुलिस ने बताया कि जब अधिकारी सुबह करीब 11:45 बजे घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों में इस्लामिक सेंटर का एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल था, जिसकी सूझबूझ से कई लोगों की जान बच गई। इसी दौरान पुलिस को कुछ ब्लॉक दूर फिर गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया।


घृणा अपराध के तौर पर हो रही जांच

पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच घृणा अपराध के तौर पर कर रही है। 'द टाइम्स' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जिस कार में दोनों हमलावर मृत मिले, उसके अंदर इस्लाम विरोधी लेख और सामग्री भी बरामद हुई है। जांचकर्ताओं को एक संदिग्ध से जुड़ा आत्महत्या पत्र भी मिला है, जिसमें नस्लीय श्रेष्ठता का जिक्र किया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि संदिग्धों में से एक ने अपने माता-पिता के घर से हथियार लिया था। मस्जिद के इमाम ताहा हसन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “हमने पहले कभी ऐसी त्रासदी नहीं देखी। किसी पूजा स्थल को निशाना बनाना बेहद निंदनीय है। लोग यहां प्रार्थना करने, सीखने और उत्सव मनाने आते हैं।”

एफबीआई प्रमुख काश पटेल का बयान

घटना पर काश पटेल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि एफबीआई अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की मदद की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय एजेंसियों की सहायता के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और जांच से जुड़ी नई जानकारी लगातार जनता के साथ साझा की जाएगी।