मक्का पर हमले की कोशिश से भड़का सऊदी अरब, हूती विद्रोहियों को दी चेतावनी, कहा- 'यह हमारी लक्ष्मण रेखा है'

हूतियों ने यमन की सीमा से लगभग 1,100 किलोमीटर दूर मक्का की ओर ड्रोन दागने से इनकार किया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के जन्मस्थान के ऊपर हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही ड्रोन को नष्ट कर दिया।

फोटो: IANS
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सऊदी अरब ने ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों पर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया, इस पर क्षेत्र के देशों ने निंदा तो की लेकिन किसी ने भी सैन्य मदद का संकेत नहीं दिया। अमेरिका का अहम सहयोगी सऊदी अरब ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के नए मोर्चे में और गहराई से उलझता जा रहा है और उसने मक्का को ‘लक्ष्मण रेखा’ करार दिया है।

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब पर उसके क्षेत्रीय दुश्मन तेहरान के समर्थक विद्रोहियों द्वारा हमले हो रहे हैं। ऐसे में, इस देश को अपने कच्चे तेल के लिए एक सुरक्षित रास्ते और साथ ही सैन्य मदद की जरूरत है। हालांकि, इन दोनों में से किसी के लिए भी कोई स्पष्ट विकल्प अभी तक नहीं दिख रहा है।


खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन हफ्तों से बंद है, क्योंकि यमन के हूती विद्रोही देश की अवसंरचना और लाल सागर में उसके जहाजों पर हमले कर रहे हैं। ईरान अभी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बना रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।

हूतियों ने यमन की सीमा से लगभग 1,100 किलोमीटर दूर मक्का की ओर ड्रोन दागने से इनकार किया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के जन्मस्थान के ऊपर हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही ड्रोन को नष्ट कर दिया। इस बीच तुर्किये और पाकिस्तान की तरफ से कहा गया कि सऊदी ने उनसे किसी मदद का अनुरोध नहीं किया।


सऊदी अरब, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सदस्य तुर्किये और परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान के बीच एक नया रक्षा समझौता अभी तक अमल में नहीं आया है। तुर्किये और पाकिस्तान के अधिकारियों ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि हूतियों की बढ़ती आक्रामकता के जवाब में उन्हें सऊदी अरब से मदद का कोई अनुरोध नहीं मिला है।

तुर्किये के अधिकारी ने कहा कि समझौते के लागू होने से पहले गठबंधन को “संस्थागत” बनाने की कोशिशें पूरी की जानी चाहिए।

वहीं भारत ने सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर बुधवार को गहरी चिंता जताते हुए क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में जारी बयान में कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना शहर के धार्मिक महत्व को देखते हुए विशेष रूप से चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, "मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है।" जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।

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