ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान को झटका, अमेरिका के खिलाफ जर्मनी, फ्रांस समेत 7 देश हुए एकजुट, धमकी पर दिया कड़ा जवाब

ट्रंप ने कहा था- “हमें ग्रीनलैंड चाहिए। वहां इस वक्त रूसी और चीनी जहाज मौजूद हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूरोपीय संघ चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में ले, और यह अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए जरूरी है।

ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान को झटका, अमेरिका के खिलाफ जर्मनी, फ्रांस समेत 7 देश हुए एकजुट, धमकी पर दिया कड़ा जवाब
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नवजीवन डेस्क

वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचा दी है। हाल में ट्रंप ने अपना अगला निशाना ग्रीनलैंड को बताया, जिसके खिलाफ यूरोपीय देश एकजुट हो गए हैं और उन्होंने ट्रंप की धमकी के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी कर कड़ा संदेश दिया है।

ट्रंप के बयान के जवाब में संयुक्त बयान

ट्रंप के बयान के जवाब में फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क ने एक संयुक्त बयान जारी कर साफ कर दिया है कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप की शीर्ष प्राथमिकताओं में है और ग्रीनलैंड के भविष्य पर फैसला सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का अधिकार है। इस संयुक्त बयान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टुस्क, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के हस्ताक्षर हैं।


ग्रीनलैंड पर फैसला बाहरी दबाव से नहीं

इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि आर्कटिक की सुरक्षा यूरोप ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय और ट्रांस-अटलांटिक सुरक्षा के लिए भी बेहद अहम है। यूरोपीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि डेनमार्क साम्राज्य, जिसमें ग्रीनलैंड शामिल है, नाटो का हिस्सा है और आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा नाटो सहयोगियों, खासकर अमेरिका, के साथ मिलकर सामूहिक रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांत संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सीमाओं की अक्षुण्णता से कोई समझौता नहीं होगा। बयान में यह भी साफ कहा गया है कि 1951 के रक्षा समझौते के तहत अमेरिका इस प्रयास में एक अहम साझेदार है, लेकिन ग्रीनलैंड के भविष्य से जुड़े फैसले बाहरी दबाव से नहीं लिए जाएंगे।

ट्रंप के इस बयान से बवाल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था- “हमें ग्रीनलैंड चाहिए। वहां इस वक्त रूसी और चीनी जहाज मौजूद हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूरोपीय संघ चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में ले, और यह अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए जरूरी है।

ट्रंप के इसी बयान को लेकर यूरोपीय देशों में हलचल बढ़ गई है और वेनेजुएला में हुई सैन्य कार्रवाई को देखते हुए गंभीर चिंता जताई जा रही है। अपने संयुक्त बयान के जरिये यूरोपीय देशों ने साफ संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड न तो सौदे का विषय है और न ही किसी की संपत्ति, बल्कि उस पर वहां के लोगों का अधिकार है।

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