कंधार और हेरात में भारतीय दूतावास में ताला तोड़कर घुसे तालिबानी, दफ्तरों की ली तलाशी

अफगानिस्तान में कंधार, हेरात, मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद में स्थित चार भारतीय वाणिज्य दूतावास हैं, जिन्हें तालिबान द्वारा 15 अगस्त को काबुल पर नियंत्रण करने के बाद बंद कर दिया गया था।

फोटो: IANS
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आईएएनएस

तालिबान ने दो दिन पहले कंधार और हेरात में बंद भारतीय वाणिज्य दूतावासों की तलाशी ली और कथित तौर पर दोनों मिशनों से कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गए। सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादी वाणिज्य दूतावास की इमारतों में घुस गए और खड़े वाहनों को भी अपने साथ ले गए।

अफगानिस्तान में कंधार, हेरात, मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद में स्थित चार भारतीय वाणिज्य दूतावास हैं, जिन्हें तालिबान द्वारा 15 अगस्त को काबुल पर नियंत्रण करने के बाद बंद कर दिया गया था। अफगानिस्तान में गंभीर स्थिति के बीच, भारतीय दूतावास के कर्मियों को मंगलवार को भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान द्वारा काबुल हवाई अड्डे से आईटीबीपी कर्मियों सहित 120 भारतीयों को वापस लाया गया।

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में शेष भारतीय श्रमिकों को निकालने पर भी चर्चा की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें वापस लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। एक अधिकारी ने कहा था, "मोदी ने 17 और 18 अगस्त को सीसीएस की दो बैक-टू-बैक बैठकों में, अधिकारियों को अगले कुछ दिनों में युद्धग्रस्त देश में अभी भी फंसे भारतीयों को निकालने और हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।"

सरकार ने वीजा की एक नई श्रेणी, 'ई-आपातकालीन एक्स-विविध वीजा' भी पेश किया है, जिसके तहत सभी अफगान नागरिक भारत आने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपातकालीन वीजा पहले छह महीने के लिए वैध होगा। इससे पहले, काबुल में भारतीय दूतावास कम कर्मचारियों के साथ काम कर रहा था, लेकिन देश में गंभीर स्थिति का मूल्यांकन करते हुए, सरकार ने उन सभी को वापस बुलाने का फैसला किया।

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