पाकिस्तान के बन्नू काउंटर टेरर सेंटर में छिपे आतंकवादियों का सफाया, कई जवान घायल, बंधकों पर संशय

सुरक्षा बल अभी भी छिपे हुए किसी भी आतंकी की तलाश और उसे बेअसर करने के लिए इलाके में अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बल परिसर में आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के लिए निकासी अभियान चला रहे हैं।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू में आतंकवाद निरोधी विभाग के परिसर को बंधक बनाने वाले आतंकवादियों को मार गिराया है। इस ऑपरेशन में भीषण गोलीबारी हुई जिसमें कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं। हालांकि परिसर में बंधक बनाए गए अधिकारियों को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है।

जियो न्यूज ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बल अभी भी छिपे हुए किसी भी आतंकी खतरे की तलाश और उसे बेअसर करने के लिए इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों ने परिसर में आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू किया था। घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने साझा किया कि निकासी अभियान चल रहा है।

जियो न्यूज की खबरों के अनुसार, आतंकरोधी विभाग के परिसर से धुएं का गुबार उठते देखा जा सकता है, जबकि अंदर गोलीबारी जारी है। डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर बन्नू में पहले ही सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और इलाके में मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

यह अभियान रविवार को तालिबानी आतंकवादियों द्वारा बन्नू में सीटीडी परिसर पर धावा बोलने और कई अधिकारियों को वहां बंधक बनाए जाने के बाद शुरू किया गया था। इससे पहले जियो न्यूज ने बताया था कि गतिरोध समाप्त करने के लिए, पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेतृत्व के साथ बातचीत शुरू की था। सूत्रों के अनुसार आतंकवादी अफगानिस्तान के लिए सुरक्षित हवाई मार्ग की मांग कर रहे थे।


सुरक्षा बलों के साथ-साथ हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्तियों पर खतरों और हमलों में वृद्धि को देखते हुए केपी में तैनात सुरक्षा बलों को कुछ हफ्तों पहले दक्षिण में भेज दिया गया था। द न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर, दक्षिणी जिलों और मरदान क्षेत्र सहित क्षेत्रों में हमलों में हालिया बढ़ोतरी के बाद पुलिस पूरे प्रांत में हाई अलर्ट पर है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के अलावा, वरिष्ठ राजनेताओं ने धमकी मिलने की शिकायत की है। उनमें से कुछ के घर भी ग्रेनेड हमले की चपेट में आ गए हैं। अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के प्रांतीय प्रवक्ता समर बिलौर ने भी साझा किया है कि उनके प्रांतीय अध्यक्ष आइमल वली खान को धमकी भरा फोन आया था।

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