'मकसद पूरा होने तक हमला जारी रहेगा', हूती विद्रोही ने इजराइल पर 2000 किमी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी
पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से यह उनका पहला हमला है। हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने विद्रोहियों के अल-मसीरा उपग्रह टेलीविजन चैनल पर शनिवार सुबह प्रसारित एक बयान में मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली।

ईरान-इजराइल जंग के 28 दिन बाद अब हूती विद्रोही भी इसमें शामिल हो गए हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक यमन में मौजूद ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने करीब 2000 किलोमीटर दूर इजराइल के दक्षिणी शहर बेर्शेबा और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी भी ली है। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से यह उनका पहला हमला है। हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने विद्रोहियों के अल-मसीरा उपग्रह टेलीविजन चैनल पर शनिवार सुबह प्रसारित एक बयान में मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने इस मिसाइल को उसके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
सरी ने शुक्रवार को एक अस्पष्ट बयान में संकेत दिया था कि हूती विद्रोही भी इस युद्ध में शामिल होंगे। इस युद्ध के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
सरी ने कहा कि उन्होंने दक्षिणी इजराइल में ‘‘संवेदनशील सैन्य ठिकानों’’ को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
युद्ध में हूती विद्रोहियों के शामिल होने से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या विद्रोही लाल सागर गलियारे से गुजरने वाले वाणिज्यिक पोतों को पुन: निशाना बनाएंगे। यदि ऐसा होता है तो पहले से ही प्रभावित वैश्विक नौवहन और बाधित हो जाएगा।
हूती विद्रोहियों ने नवंबर 2023 से जनवरी 2025 तक मिसाइलों और ड्रोन के जरिये 100 से अधिक व्यापारिक पोत पर हमला किया, दो पोत को डुबो दिया और उनके हमलों में चार नाविक मारे गए।
pti के इनपुट के साथ