दुनिया की 5 बड़ी खबरें: कोरोना की आड़ में पाक की नापाक चाल और मौत के मामले में स्पेन ने चीन को पीछे छोड़ा

कश्मीर मुद्दे पर हमेशा राग अलापते रहने के मौके ढूंढने वाले पाकिस्तान ने इस मामले में कोरोना वायरस को भी नहीं छोड़ा है। इस बीमारी की आड़ में दुष्प्रचार के अपने तरीके का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान ने गलत तस्वीर पेश करने की कोशिश की है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पाकिस्तान ने कोरोना वायरस की आड़ में भी अलापा कश्मीर राग

कश्मीर मुद्दे पर हमेशा राग अलापते रहने के मौके ढूंढने वाले पाकिस्तान ने इस मामले में कोरोना वायरस को भी नहीं छोड़ा है। इस बीमारी की आड़ में दुष्प्रचार के अपने तरीके का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान ने गलत तस्वीर पेश करने की कोशिश की है। द नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने कहा है कि दुनिया कोरोना वायरस की महामारी के बीच कश्मीर में दखल दे जहां लोगों के साथ बुरा सलूक किया जा रहा है। पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने द नेशन से कहा कि पाकिस्तान ने हाल के दिनों में इस मुद्दे पर कई देशों को पत्र लिखा है और कई राजनयिकों से बात की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कई देशों के अपने समकक्षों से बात की है।

कोविड-19 से मौत के मामले में स्पेन ने चीन को पीछे छोड़ा

स्पेन में कोरोनावायरस से होने वाली मौतों की संख्या चीन में हुई मौतों के आंकड़ों को भी पार कर गई है। पिछले दिसंबर में चीन में ही यह महामारी पैदा हुई थी और फिर पूरी दुनिया में फैल गई। वॉशिंगटन की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, इस घातक वायरस से स्पेन में अब तक 3,647 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि चीन में यह आंकड़ा 3,291 है। स्पेन में कुल 49,515 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, इस लिहाज से यहां इस वायरस से मृत्युदर 7.2 फीसदी है। वहीं हर दिन 20 फीसदी नए मामले बढ़ रहे हैं।

पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, कट्टर धार्मिक तत्वों की जहालत से देश में कोरोना फैला

पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि कट्टर धार्मिक तत्वों की जहालत (हठधर्मिता व जानकारी का अभाव) की वजह से पाकिस्तान में कोरोना वायरस की महामारी फैली। चौधरी ने ट्वीट कर इन तत्वों के प्रति अपना गुस्सा जताया।

गौरतलब है कि मिस्र के प्रसिद्ध अल अजहर विश्वविद्यालय के मुख्य मुफ्ती द्वारा कोरोना के कारण सामूहिक नमाजों पर रोक के समर्थन में फतवे और राष्ट्रपति समेत तमाम लोगों की अपील के बावजूद पाकिस्तानी उलेमा ने कहा है कि अन्य नमाजें घरों में पढ़ीं जाएं लेकिन मस्जिदों में फर्ज नमाज सामूहिक रूप से ही पढ़ी जाएगी।

फतवे और राष्ट्रपति की अपील के बावजूद पाकिस्तानी उलेमा मस्जिदें बंद न करने पर अड़े

कोरोना वायरस खतरे के मद्देनजर मस्जिदों में जुमा और अन्य सामूहिक नमाजें नहीं पढ़ने के मिस्र के प्रसिद्ध अल अजहर विश्वविद्यालय के फतवे और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की अपील का पाकिस्तान के उलेमा पर कोई असर नहीं हुआ है। उन्होंने साफ कहा है कि कुछ एहतियात के साथ मस्जिदों में सामूहिक नमाजें जारी रहेंगी। जियो न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी ने मिस्र के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक अल अजहर विश्वविद्यालय के मुख्य मुफ्ती व सर्वोच्च परिषद द्वारा दिए गए फतवे के मद्देनजर पाकिस्तान में सामूहिक नमाजों को बंद करने पर विचार का उलेमा से आग्रह किया था।

अल अजहर विश्वविद्यालय के मुख्य मुफ्ती और सर्वोच्च परिषद द्वारा दिए गए फतवे में कहा गया है कि किसी देश की सरकार जुमे समेत अन्य सामूहिक नमाजों को रोक सकती है। कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए सरकार पूरे देश में लोगों के जमावड़े को रोक सकती है। फतवे में मुहम्मद साहब के इस कथन (हदीस) का हवाला दिया गया है कि किसी प्राकृतिक आपदा में नमाजें घर में पढ़ी जानी चाहिए।

पाकिस्तान में कोरोना वायरस से युवा अधिक प्रभावित

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य मामलों के सलाहकार डॉ. जफर मिर्जा ने कहा है कि चीन से उलट पाकिस्तान में कोरोना वायरस से प्रभावित होने वालों में एक बड़ी संख्या युवाओं की है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मिर्जा ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों में 24 फीसदी मामले 21 से 30 साल के बीच के युवाओं से जुड़े हैं। यह सभी आयु वर्ग में सर्वाधिक है। यह पैटर्न अन्य देशों से अलग है जहां अभी तक मूल रूप से कोरोना वायरस के शिकार मरीजों में अधिकांश वृद्ध पाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, मिर्जा ने सभी आयु वर्ग के हिसाब से मरीजों की जानकारी नहीं दी लेकिन जो उन्होंने बताया, उससे साफ हो गया कि कोई भी आयु वर्ग इस बीमारी के दायरे से बाहर नहीं है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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