पाकिस्तानः इमरान सरकार की आर्थिक नीतियों से कारोबारी बेहाल, एक बार फिर देशव्यापी हड़ताल की तैयारी

बीते 13 जुलाई की हड़ताल के बाद सरकार ने साफ कहा था कि अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए किए गए फैसलों को वापस नहीं लिया जाएगा। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने व्यापारियों की एक सभा में कहा था कि दबाव में इन फैसलों को वापस लेना देश से गद्दारी के समान होगा।

फोटोः सोशल मीडिया
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आईएएनएस

पाकिस्तान में व्यापारी संगठन अपनी मांगों के समर्थन में एक बार फिर देशव्यापी हड़ताल के लिए कमर कस रहे हैं। बकरीद के बाद होने वाली यह हड़ताल दो या तीन दिन की हो सकती है। 'एक्सप्रेस न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के व्यापारी संगठनों ने इस सिलसिले में तैयारियां शुरू कर दी हैं लेकिन हड़ताल की तिथि पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। बीती 13 जुलाई को भी कारोबारी संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल की थी।

पाकिस्तान स्थित पंजाब के व्यापारियों की संस्था के अध्यक्ष मलिक शाहिद गफूर प्राचा ने एक्सप्रेस न्यूज से कहा कि मौजूदा इमरान हुकूमत की आर्थिक नीतियों और करों की भरमार से देश में कारोबारी गतिविधियां दम तोड़ चुकी हैं। कोई नया निवेश नहीं हो रहा है। रियल एस्टेट का क्षेत्र तो ठप ही पड़ गया है। उन्होंने कहा कि कारोबारी केंद्रों में छुट्टी जैसा माहौल है। व्यापारी अपना खर्च तक नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने हड़ताल के अलावा कोई और चारा नहीं बचा है।

मलिक शाहिद गफूर प्राचा ने कहा कि बकरीद (12 अगस्त) के बाद हड़ताल के बारे में तो व्यापारी संगठनों में सहमति बन चुकी है, फैसला इस पर होना है कि यह दो दिन की हो या तीन दिन की तथा इसकी तारीख क्या हो।

बीते 13 जुलाई की हड़ताल के बाद भी सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया था कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और कर लगाने संबंधी फैसलों को वापस नहीं लिया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने व्यापारियों की एक सभा में यहां तक कहा था कि दबाव में इन फैसलों को वापस लेना देश से गद्दारी के समान होगा।

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