ट्रंप ने होर्मुज से सभी बारूदी सुरंग हटाने का किया दावा, ईरान को नए विस्फोटक बिछाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के हर इंच पर नजर रख रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि स्पेस फोर्स ईरान के पिकऐक्स माउंटेन और पहले से नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु स्थलों की भी निगरानी कर रही है।

ट्रंप ने होर्मुज से सभी बारूदी सुरंग हटाने का किया दावा, ईरान को नए विस्फोटक बिछाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटा दिया गया है या निष्क्रिय कर दिया गया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि यदि कोई नया जहाज या नाव इस क्षेत्र में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा।

होर्मुज से सभी बारूदी सुरंगें हटाई गईं

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्हें अमेरिकी नौसेना ने जानकारी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद सभी माइंस हटा दी गई हैं या विस्फोट कर निष्क्रिय कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के "हर इंच" पर नजर रख रही है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि स्पेस फोर्स ईरान के पिकऐक्स माउंटेन और पहले से नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु स्थलों की भी निगरानी कर रही है। ट्रंप ने कहा कि माइंस बिछाने के मामले में अमेरिका की "जीरो टॉलरेंस" नीति पूरी तरह लागू है और किसी भी नई कोशिश पर तत्काल सैन्य कार्रवाई की जाएगी।


होर्मुज में अब तक 68 हादसे, 20 नाविकों की मौत

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज स्ट्रेट में नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की मौत को लेकर एक आंकड़ा जारी किया है। इसके अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए संयुक्त हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस दौरान करीब 68 घटनाओं में 20 नाविकों या बंदरगाह कर्मियों की मौत हुई है। इन घटनाओं में 35 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। संगठन के अनुसार, इस अवधि में औसतन हर 2.6 दिन में एक घटना दर्ज की गई। इनमें अधिकांश घटनाओं को 'हमले' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

तेल टैंकरों पर सबसे ज्यादा हमले

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति के लिए इसका विशेष महत्व है। यहां बढ़ते हमलों ने व्यापारिक जहाजों, नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। आईएमओ के आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित जहाजों में तेल टैंकरों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा कंटेनर जहाज और बल्क कैरियर भी घटनाओं की चपेट में आए। विभिन्न देशों के झंडे वाले जहाज इन घटनाओं में शामिल रहे हैं।

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वार्ता के बाद फिर से हमलों की संख्या बढ़ी

संकट के दौरान घटनाओं की रफ्तार में भी बदलाव आया। शांति वार्ता के दौरान घटनाओं की संख्या में कमी देखी गई, लेकिन वार्ता के बाद समुद्री मार्ग में फिर से हमलों की आवृत्ति बढ़ गई।आईएमओ के मुताबिक, इस संकट से क्षेत्र में काम कर रहे करीब 20,000 नाविक, बंदरगाह कर्मचारी और ऑफशोर कर्मी प्रभावित हुए हैं। संगठन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान भी चलाया। जून में इस अभियान के तहत 136 जहाजों के जरिये करीब 2,900 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया।

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