ट्रंप समर्थक ने चुनावी हार के लिए भारतीयों को बनाया निशाना, दिवाली समारोह में नारेबाजी, देश से निकालने की मांग
दिवाली समारोह के दौरान लैंग और उसके साथी कार्यकर्ता थॉमस एलन ने मंच के सामने अमेरिकी झंडा लहराया और ‘‘माथे पर तिलक या बिंदी लगाने वाले सभी लोगों को देश से निकालो’’ और ‘‘ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां दिखाईं।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार के बाद भारतीय समुदाय पर गुस्सा
ट्रंप समर्थकों ने दिवाली समारोह में हंगामा किया, भारतीयों के खिलाफ पोस्टर लहराए
‘ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो’ जैसे नारे लिखी तख्तियां दिखाईं
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकंस की करारी हार के बाद भारतीय समुदाय निशाने पर है। सिएटल में दिवाली पर भारतीयों के कार्यक्रम में घुसकर ट्रंप समर्थकों ने जमकर हंगामा किया और ‘भारतीयों को देश से निकालो' लिखे पोस्टर भी लहराए। ट्रंप समर्थकों ने आरोप लागाया है कि मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी की हार के पीछे भारतीयों का हाथ है। वहां मौजूद लोगों ने नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों का विरोध किया और उन्हें कार्यक्रम से बाहर निकाला।
ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो
भारतीयों के खिलाफ नारेबाजी करने वालों की पहचान जैक लैंग और उसके साथी थॉमस एलन के रूप में हुई है। सिएटल में शनिवार को दिवाली समारोह के दौरान लैंग और उसके साथी कार्यकर्ता थॉमस एलन ने मंच के सामने अमेरिकी झंडा लहराया और ‘‘माथे पर तिलक या बिंदी लगाने वाले सभी लोगों को देश से निकालो’’ और ‘‘ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां दिखाईं। उस समय मंच पर नृत्य प्रस्तुति चल रही थी। दिवाली समारोह के दौरान हुए इस हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए।
दक्षिणपंथी लैंग राष्ट्रपति ट्रंप का कट्टर समर्थक
कुछ ही देर बाद लैंग और उसके साथी को ‘सिएटल सेंटर आर्मरी’ में आयोजित दिवाली समारोह से बाहर ले जाया गया। लैंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कट्टर समर्थक है और ‘व्हाइट रिप्लेसमेंट’ नामक एक संगठन से जुड़ा है। वह छह जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन ‘कैपिटल’ पर हमला करने वालों में शामिल था। उसने चार साल जेल में बिताए हैं और बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन उसे क्षमादान दे दिया था। इसके बाद भी वह प्रवासियों, मुस्लिमों और दूसरे समुदायों के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा है।
जैक लैंग ने हिंदुओं पर लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम से बाहर निकाले जाने के बाद जैक लैंग ने हिंदुओं पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। उसने कहा कि हिंदुओं ने टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी को जिताने में मदद की है। उसने कहा कि वे अमेरिका के टेक्सास और वॉशिंगटन में ईसाइयों की जगह हिंदुओं के बढ़ते प्रभाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। बाद में लैंग ने एक्स पर लिखा कि दिवाली कार्यक्रम में एंटीफा और हिंदू समुदाय के दर्जनों लोगों ने उस पर और उसके साथियों पर हमला किया। उसने दावा किया कि लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसका झंडा तोड़ दिया।
भारतीय मूल के अमेरिकी नेताओं ने जताई नाराजगी
इस घटना पर भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने नाराजगी जताई। वाशिंगटन से सांसद प्रमिला जयपाल ने इसे ‘‘घृणित’’ और ‘‘नस्लवादी’’ घटना बताया। जयपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस घृणित और नस्लवादी प्रदर्शन से मैं बेहद आहत और क्षुब्ध हूं। दिवाली एक महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे समुदाय के लोगों को इसे सुरक्षित माहौल में मनाने का अधिकार है। इस तरह के नफरत भरे प्रदर्शन के लिए हमारे शहर या देश में कोई जगह नहीं है।’’
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के पूर्व सलाहकार अजय जैन भूटोरिया ने लैंग और एलन की हरकतों को ‘‘बेहद घृणित’’ बताया। भूटोरिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हिंदू अमेरिकियों और भारतीय प्रवासियों को नस्लवादी टिप्पणियों तथा साजिश के आरोपों के जरिए निशाना बनाना इस देश में स्वीकार्य नहीं है। हम इस तरह के नस्लवाद का विरोध करते हैं और अपनी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव स्वतंत्र रूप से मनाने के हर अमेरिकी के अधिकार का समर्थन करते हैं।’’
हिंदू संगठनों ने दूसरे कार्यक्रमों के लिए सतर्क किया
‘कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (सीओएचएनए) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम ऐसी हरकतों की निंदा करते हैं और समुदाय के लोगों को दिवाली मनाते समय सतर्क रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि इन कार्यकर्ताओं ने अन्य समारोहों में भी बाधा डालने की योजना की घोषणा की है।’’
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ की सह-संस्थापक सुनीता विश्वनाथ ने कहा कि प्रवासियों के खिलाफ भावना अब हिंदुओं के प्रति नफरत का रूप ले चुकी है और यह इतनी बढ़ गई है कि दूसरे धर्मों के प्रति नफरत रखने वाले ईसाई कट्टरपंथियों ने सिएटल में दिवाली समारोह में घुसकर हंगामा किया और ‘‘माथे पर तिलक या बिंदी लगाने वाले सभी लोगों को देश से निकालो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां दिखाईं। यह घटना उतनी ही दुखद है, जितनी भारत में क्रिसमस के दौरान हिंदुत्व समर्थक भीड़ द्वारा ईसाइयों को परेशान करने और हिंसा की धमकी देकर गिरजाघरों में मौजूद लोगों को ‘जय श्रीराम’ कहने के लिए मजबूर करने की घटनाएं।’’
ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दिवाली मनाई
यह घटना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘व्हाइट हाउस’ स्थित ‘ओवल ऑफिस’ में पारंपरिक रूप से दीया जलाने और वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन के सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में दिवाली समारोह में शामिल होने के एक दिन बाद हुई। डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने भारतीय मूल के अधिकारियों और कारोबारियों के साथ ओवल ऑफिस में दीया जलाया। उन्हें हनुमान चालीसा की एक प्रति भी भेंट की गई।
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