अपनों से घिरे ट्रंप: व्हाइट हाउस घेरने पहुंचे प्रदर्शनकारी, कहा- चुनाव का इंतजार नहीं कर सकते, इस इंसान को जाना होगा

युद्धविराम की घोषणा के बावजूद राजधानी Washington, D.C. में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर ट्रंप सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संघर्ष विराम से कुछ नहीं होगा, जब तक ट्रंप और उनका पूरा शासन सत्ता से बाहर नहीं चला जाता।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने जब ईरान पर हमला किया था, तब उन्होंने ईरान की सत्ता बदलने की बात कही थी। लेकिन अब हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बाद जहां ईरान में बड़ी संख्या में लोग अपनी सरकार के समर्थन में सड़कों पर उतर आए, वहीं अमेरिका में ही लोग ट्रंप प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बावजूद राजधानी Washington, D.C. में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर ट्रंप सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल युद्धविराम से स्थिति नहीं बदलेगी, जब तक ट्रंप और उनकी पूरी सरकार सत्ता से बाहर नहीं हो जाती। कई लोग हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे, जिन पर लिखा था 'अब ट्रंप को जाना होगा' और 'युद्ध अपराध बंद करो'।

एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से कहा कि हम यहां इसलिए इकट्ठा हुए हैं क्योंकि जो कुछ हो रहा है, उसे अब सहन नहीं किया जा सकता। चुनाव तक इंतजार करना संभव नहीं है, देश और दुनिया में जो नुकसान हो रहा है उसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक सरकार नहीं बदलती, तब तक हर दिन सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रहेगा।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह किसी भी ऐसी विदेशी सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हैं जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान जाती हो। उनके अनुसार बिना ठोस कारण किसी देश पर बमबारी करना पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर संकट पैदा करता है। उन्होंने इसे एक बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा कि इस स्थिति को जितनी जल्दी हो सके समाप्त किया जाना चाहिए।

आपको बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले को इस शर्त से जोड़ा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले और व्यापक शांति समझौते के लिए बातचीत जारी रखे। एक बयान में, ट्रंप ने कहा कि यह फैसला "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के आधार पर" लिया गया है, जिन्होंने तनाव बढ़ने पर संयम बरतने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, "इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो हफ़्ते की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने पर सहमत हूं।" उन्होंने इस कदम को "दो-तरफा संघर्ष-विराम" का हिस्सा बताया।