ट्रंप ने इजरायल-ईरान से तुरंत हमले रोकने की अपील की, दोनों देशों में फिर छिड़ी जंग ने बढ़ाई दुनिया की चिंता

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागने से पहले अमेरिका और ईरान किसी समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि आने वाले हफ्ते में सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।

ट्रंप ने इजरायल-ईरान से तुरंत हमले रोकने की अपील की, दोनों देशों में फिर छिड़ी जंग ने बढ़ाई दुनिया की चिंता
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

करीब दो महीने के सीजफायर के बाद ईरान और इजरायल के बीच एक बार फिर छिड़ी जंग ने मिडिल ईस्ट के साथ ही दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान से तत्काल एक दुसरे के खिलाफ हमले रोकने की अपील है। बेहद कम शब्दों में उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक अपील में कहा कि दोनों देशों को "फौरन शूटिंग (गोलीबारी)" बंद करनी चाहिए।

दो महीने के सीजफायर के बाद रविवार को बेरूत पर हमले के खिलाफ ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल दागे गए। जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव ने भी तेहरान के कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिसमें कारून पेट्रोकेमिकल्स प्लांट भी शामिल था। ट्रंप ने इससे पहले दोनों देशों से संयंम बरतने को कहा था। उन्होंने अमेरिकी मीडिया आउटलेट फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, "मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। वापस बातचीत की मेज पर आइए और समझौता कीजिए।"


सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागने से पहले अमेरिका और ईरान किसी समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा, "हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि इस आने वाले हफ्ते में सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।"

अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करेंगे और उनसे जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करेंगे। ट्रंप ने कहा, "मैं अभी बीबी (नेतन्याहू) को फोन करने वाला हूं और उनसे कहूंगा कि जवाबी हमला न करें। दोनों पक्ष अपना-अपना कदम उठा चुके हैं। इजरायल ने हमला किया और ईरान ने भी जवाब दिया। अब हमें और टकराव की जरूरत नहीं है।"


गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच फिर से जंग छिड़ने से मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमलों, सैन्य जवाबी कार्रवाइयों और क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है। इजरायली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने स्पष्ट कहा है कि ये हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले न रोकने का परिणाम है। इसने यह भी स्पष्ट किया है कि वह तब तक हमले जारी रखेगा जब तक इजरायल लेबनान पर हमले बंद नहीं करता है।

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia