इस्लामाबाद बैठक से पहले ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, 'टोल बंद करो', जल्द शुरू होगी तेल सप्लाई
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने ईरान को टोल न लगाने की चेतावनी दी है और कहा कि तेल सप्लाई जल्द शुरू होगी, चाहे ईरान इसमें शामिल हो या नहीं।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि तेल की आपूर्ति जल्द शुरू हो जाएगी चाहे इसमें ईरान शामिल हो या नहीं। गुरुवार (9 अप्रैल) को दिए इस बयान में ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी कि वह इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल न लगाए।
टोल पर सख्त रुख, ईरान को चेतावनी
ट्रंप का यह अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने पर सहमति बनी है। सीजफायर के तहत ईरान ने एक दिन में 15 जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर पोस्ट कर कहा कि ईरान द्वारा टैंकरों से फीस वसूले जाने की खबरें आ रही हैं और अगर ऐसा हो रहा है तो इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द तेल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी चाहे ईरान साथ दे या नहीं।
समझौते पर सवाल, क्रिप्टो टोल की चर्चा
ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में ईरान के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल आवाजाही के मामले में ईरान बेहद खराब काम कर रहा है और यह मौजूदा समझौते के अनुरूप नहीं है।
इसी बीच फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पाद निर्यातकों के संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी के हवाले से कहा गया है कि ईरान ट्रांजिट टोल को क्रिप्टोकरेंसी में वसूलने की शर्त रख सकता है।
शांति के संकेत और बातचीत जारी
तनाव के बीच ट्रंप ने सहयोग का संकेत भी दिया है। दो हफ्तों के सीजफायर के साथ उन्होंने इसे दुनिया के लिए ‘बड़ा दिन’ बताया और कहा कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत जारी है और 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर आगे भी काम जारी रहेगा।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आज शांति वार्ता होने वाली है, जिसमें अमेरिका, इजरायल और ईरान के प्रतिनिधि शामिल होंगे। शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान सभी सहभागी देशों के प्रतिनिधियों, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, का स्वागत करता है, जो इस्लामाबाद वार्ता 2026 के सिलसिले में यात्रा कर रहे हैं।”
बयान में आगे कहा गया, “इसके तहत सभी एयरलाइंस से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे सभी यात्रियों को बिना वीज़ा बोर्डिंग की अनुमति दें। पाकिस्तान में आव्रजन प्राधिकरण उन्हें आगमन पर वीज़ा जारी करेंगे।”