दुनिया की 5 बड़ी खबरें: इस्तीफे के खबरों के बीच बोले अशरफ गनी- तालिबान संग बात जारी और तुर्की में बाढ़ ने मचाई तबाही!

अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते आतंक और इस्तीफे की खबरों के बीच आज राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश को संबोधित किया और तुर्की के में आई बाढ़ से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है और लापता लोगों की तलाश जारी हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

इस्तीफे के खबरों के बीच बोले अशरफ गनी, तालिबान संग बात जारी

अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते आतंक और इस्तीफे की खबरों के बीच आज राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में अस्थिरता का गंभीर खतरा है। साथ ही उन्होंने अफगानी लोगों को भरोसा दिलाया कि आगे इसे रोका जाएगा। अशरफ गनी ने बताया कि हमने घरेलू और वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर सलाह मशवरा शुरू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो भी नतीजे सामने आएंगे, जल्द ही लोगों के साथ साझा किया जाएगा। TOLO न्यूज द्वारा रिपोर्ट के अनुसार, देश के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति गनी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में, अफगान सुरक्षा और रक्षा बलों को फिर से संगठित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बता दें, इससे पहले खबर आई थी कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। गनी ने कहा, ‘मौजूदा हालात में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा बलों को दोबारा संगठित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ”मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके राष्ट्रपति के रूप में मेरा ध्यान लोगों की अस्थिरता, हिंसा और विस्थापन को रोकने पर है। मैं आगे हत्याओं, पिछले 20 वर्षों के उलब्धियों को हानि पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति के विनाश के लिए अफगानों पर थोपे गए युद्ध की अनुमति नहीं दूंगा।”

तुर्की में बाढ़ ने मचाई तबाही, करीब 40 लोगों की मौत

तुर्की के में आई बाढ़ से कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है और लापता लोगों की तलाश जारी हैं। देश में इस महीने यह दूसरी प्रकृतिक आपदा है। रायटर द्वारा ली गई ड्रोन फुटेज में काला सागर शहर बोज़कर्ट में भारी क्षति दिखाई दी, जहां आपातकालीन कर्मचारी ध्वस्त इमारतों की तलाश कर रहे थे। आपदा और आपातकालीन प्रबंधन निदेशालय (एएफएडी) ने कहा कि कस्तमोनू जिले और बोज़कर्ट में बाढ़ के से मरने वालों की कुल संख्या 34 हो गई हैं और सिनोप में 6 अन्य लोगों की मौत हो गई है। बाढ़ से एक इमारत ढह गई जिसमें 10 लोगों के दबे होने की आशंका है। साथ ही ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बाढ़ के पानी ने कई दूसरे अपार्टमेंट ब्लॉकों की नींव को बहा दिया है। स्थानीय निवासी इलियास कलाबालिक ने कहा कि यह अभूतपूर्व घटना है। कोई शक्ति नहीं है। बाढ़ की वजह से हमारे फोन काम नहीं कर रहे हैं। हमें इसके बारे में कोई भी खबर नहीं मिली थी। हमें नहीं पता था कि पानी बढ़ रहा है या नहीं, इमारत में पानी भर गया या नहीं। हमारी पत्नियां और बच्चे घबरा गए थे। हम बस सहायता के लिए किसी तरह इंतजार कर रहे थे। सुबह के समय पुलिस अधिकारियों ने हमें इमारत से निकाला और एक गैस स्टेशन पर छोड़ दिया। कलाबालिक ने बताया कि उसकी चाची और उनके पति लापता हैं। लोग अपनों को चारों ओर ढुंढ रहे हैं।

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यूएस में तेजी से बढ़ रही एशियाई लोगों की संख्या: रिपोर्ट

अमेरिका में पिछले दशक में एशियाई मूल के लोगों की संख्या किसी भी अन्य अल्पसंख्यक समूह की तुलना में तेजी से बढ़ी है और 2020 में इनकी संख्या बढ़कर 2 करोड़ हो गई। पिछले वर्ष की जनगणना के आधार पर जारी विस्तृत आंकड़ों से यह जानकारी प्राप्त हुई है। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो की तरफ से बृहस्पतिवार को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दशक में अमेरिकी आबादी में बढ़ोतरी अल्पसंख्यक समुदायों के कारण हुई। वर्ष 1776 में देश की स्थापना के बाद पहली बार गोरे अमेरिकी नागरिकों की संख्या में कमी आई है। गैर हिस्पानवी गोरे लोगों की संख्या अमेरिकी आबादी में सिर्फ 58 फीसदी है और जनगणना जब से शुरू हुई है उसके बाद पहली बार उनकी आबादी 60 फीसदी से कम हुई है। इसके विपरीत जब वर्ष 2000 में जनगणना हुई थी तो गैर हिस्पानवी गोरे लोगों की संख्या आबादी के 69 फीसदी से अधिक थी और 2010 में यह 63 फीसदी थी।


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तालिबान के खिलाफ पहली बार भारत के साथ आया पाकिस्तान!

ऐसा पहली बार हुआ है जब तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान को कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा हो। लेकिन, भारत ने एक ऐसी चाल चली है, जिसमें ना चाहकर भी पाकिस्तान को फंसना पड़ा है। इतना ही नहीं, भारत के फैसले के साथ चीन और अमेरिका समेत 12 देशों ने भी दिया है। भारत ने तालिबान के खिलाफ सख्त रवैया अपना रखा है और भारत ने साफ कर दिया है कि वो अफगानिस्तान में बनने वाली किसी भी ऐसी सरकार को मान्यता नहीं देगा, जो बंदूक के बूते बनी हो। भारत, अमेरिका और चीन समेत 12 देशों ने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों के साथ तय किया है कि वो अफगानिस्तान में किसी भी ऐसी सरकार को मान्यता नहीं देंगे, जो जबरदस्ती हथियारों के दम पर बनाई गई हो। इसके साथ ही यूरोपीय संघ ने तालिबान को चेतावनी दी है कि, अगर वह हिंसा के माध्यम से सत्ता पर कब्जा कर लेता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा अलग कर दिया जाएगा। यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि, "यदि सत्ता, शक्ति द्वारा ली जाती है और एक इस्लामी अमीरात फिर से स्थापित हो जाता है, तो तालिबान को गैर-मान्यता, अलगाव, अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी और अफगानिस्तान में निरंतर संघर्ष और लंबी अस्थिरता की संभावना का सामना करना पड़ेगा।" यानि, यूरोपीय संघ ने साफ कर दिया है कि तालिबान को मान्यता नहीं दी जाएगी।

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जापानी रक्षा मंत्री द्वारा यासुकुनी मंदिर के दर्शन किये जाने पर चीन ने जताया असंतोष

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू छान ने 13 अगस्त को कहा कि जापानी रक्षा मंत्री द्वारा यासुकुनी मंदिर के दर्शन किये जाने से एक बार फिर आक्रमण के इतिहास के प्रति जापान के गलत रवैये और युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती देने के उसके भयावह इरादे जाहिर हुए हैं। चीन ने इस पर मजबूत असंतोष और कड़ा विरोध जताया और जापान के सामने गंभीरता से यह मामला उठाया। वू छान ने जापान से शीत युद्ध की मानसिकता को छोड़ने, चीन के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि चीन-जापान रक्षा संबंधों के विकास को सही रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सके।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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