अमेरिका ने चीन के कई अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध, उइगर मुसलमानों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ उठाया कदम

चीन पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों पर जुल्म कर रहा है, जिसमें शारीरिक शोषण के साथ ही नरसंहार तक के आरोप हैं। जिसके बाद आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अमेरिका ने आज इस बड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है।

फोटोः IANS
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आईएएनएस

चीन में 'उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार' को लेकर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई शीर्ष चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत में उइगरों पर अत्याचार का दोषी ठहराते हुए चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध की घोषणा की है, जिसकी पुष्टि शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट में की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्रतिबंधों से क्षेत्रीय चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के प्रमुख चेन क्वांगू और तीन अन्य अधिकारियों के अमेरिका से जुड़े वित्तीय हितों को निशाना बनाया गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के अनुसार, चेन क्वांगू अब तक अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित होने वाले चीन के सर्वोच्च स्तर के अधिकारी हैं। जिन अन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है, उनमें शिनजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो के निदेशक वांग मिंगशान, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य झू हैलुन और पूर्व सुरक्षा अधिकारी हुओ लिउजुन शामिल हैं।

अब इन सभी अधिकारियों के साथ वित्तीय लेन-देन करना अमेरिका में अपराध है और उनके पास जो भी अमेरिका आधारित संपत्तियां होंगी, वह फ्रीज कर दी जाएंगी। हालांकि, इनमें हुओ पर वीजा प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, जबकि अन्य अधिकारियों और उनके परिवारों को अमेरिका में प्रवेश करने की मनाही होगी। इसके साथ ही शिनजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि वाशिंगटन इस क्षेत्र में 'भयानक और व्यवस्थित दुर्व्यवहार' के खिलाफ काम कर रहा है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पोम्पियो ने गुरुवार को एक बयान में चीन के शिनजियांग में उइगर और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को निशाना बनाने और मानवाधिकारों के हनन के मामले में चीन पर निशाना साधा था।

गौरतलब है कि चीन पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों पर जुल्म कर रहा है, जिसमें शारीरिक शोषण के साथ ही नरसंहार तक के आरोप लगे हैं। जिसके बाद इसे गंभीरता से लेते हुए अमेरिका ने यह कार्रवाई की है।

पिछले दिनों उइगर समुदाय की ओर से कुछ मानवाधिकार संगठनों की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में चीन द्वारा समुदाय पर किए जा रहे अत्याचार पर एक विस्तृत रिपोर्ट दी गई थी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नरसंहारों के लिए दोषी ठहराने की मांग की गई थी। उइगर समुदाय में ज्यादातर मुस्लिम हैं और इस समुदाय की शिनजियांग में 45 प्रतिशत आबादी है।

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