दुनिया की खबरें: अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा और जेलेंस्की का दावा- रूस के सैन्य और तेल ठिकानों को किया तबाह

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंधों का एक नया दौर लागू किया है।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज समेत कई कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंधों का एक नया दौर लागू किया है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने मंगलवार को घोषणा की कि ईरान से जुड़े चार व्यक्तियों और चार संस्थाओं को अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रतिबंधित किए गए चारों व्यक्ति ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'नोबिटेक्स' से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, वित्तीय और क्रिप्टो सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली तीन अन्य कंपनियां बिटपिन, रामजिनेक्स और वैलेक्स भी इन प्रतिबंधों के दायरे में लाई गई हैं।

वित्त मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ पहले से लगाए जाते रहे आरोपों को दोहराते हुए कहा कि ओएफएसी ने 'नोबिटेक्स' और तीन अन्य डिजिटल एसेट एक्सचेंजों पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान का हिस्सा बताया गया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान से कथित खतरे का मुकाबला करने की कोशिशों के तहत बताया गया है।

ये नए प्रतिबंध ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के जरिए अपने उद्देश्यों को हासिल करने में असफल रहने के बाद यह कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले सप्ताह तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक शुरुआती समझ बनी थी। इसके तहत होर्मुज स्‍ट्रेट को पूरी तरह फिर से खोलने के बदले अमेरिका की ओर से ईरान पर समुद्री दबाव को धीरे-धीरे कम करने की बात शामिल थी।

जेलेंस्की का दावा: 1100 किमी दूर रूस के अहम सैन्य और तेल ठिकानों पर क‍िया हमला

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया क‍ि रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने रूस के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में तेल टर्मिनल, सैन्य अड्डों और हथियार निर्माण से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिससे रूस की युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट पर बताया, ''यूक्रेन की सुरक्षा सेवा, मानव रहित प्रणालियों की सेना, विशेष अभियान बलों, रक्षा खुफिया विभाग और राज्य सीमा सुरक्षा सेवा के जवानों की ओर से चलाए गए लंबी दूरी के अभियानों से अच्छे नतीजे मिले हैं। बीती रात रूस की जमीन पर मौजूद कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इनमें सेंट पीटर्सबर्ग ऑयल टर्मिनल भी शामिल था। यूक्रेन की सीमा से रूस के इस तेल उद्योग केंद्र की दूरी लगभग 1,100 किलोमीटर है। यह केंद्र युद्ध से जुड़े कामों में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, क्रोनस्टाट बेस पर मौजूद सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

राष्‍ट्रपत‍ि जेलेंस्की ने बताया क‍ि एक और लक्ष्य तांबोव क्षेत्र में स्थित वह उद्यम था, जो रूसी हथियारों के उत्पादन में शामिल है। यह स्थान मोर्चे से लगभग 600 किलोमीटर दूर है।

जेलेंस्की ने कहा, ''मैं हमारे जवानों की सटीक कार्रवाई के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना ठीक उसी तरह लागू की जा रही है जैसा जरूरी है, ताकि शांति को और करीब लाया जा सके।''

एक द‍िन पहले रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को न‍िशाना बनाते हुए जबरदस्‍त तबाही मचाई। कई शहरों में नागरिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। हमले में कीव चार लोगों की मौत हो गई। शहर डनिप्रो में भी एक बच्चे सहित नौ लोगों की जान चली गई।

रूस ने यूक्रेन के लोगों पर रातभर हमले क‍िए। इसमें 656 अटैक ड्रोन और 73 अलग-अलग प्रकार की मिसाइलें दागीं। इनमें बैलिस्टिक, क्रूज और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल थीं।

रूस ने खार्किव क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं और खार्किव शहर की महत्वपूर्ण बुनियादी सेवाओं को भी निशाना बनाया। इसके अलावा कीव, मिकोलाइव, जापोरिजिया, पोल्टावा, सूमी, चेर्निहिव और खमेलनित्सकी क्षेत्रों पर भी हमले किए थे।


ट्रंप ने नेतन्याहू को ‘पागल’ कहने के अपने बयान की पुष्टि की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को जारी एक साक्षात्कार में उस पूर्व रिपोर्ट की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने सोमवार को फोन पर बातचीत के दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘‘पागल’’ कहा था।

ट्रंप ने कहा कि इजराइल द्वारा लेबनान में हिजबुल्ला के साथ जारी लड़ाई ईरान के साथ शांति वार्ता को बाधित कर रही है, जिससे वह ‘‘थोड़े परेशान’’ हैं।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने तनाव को स्वीकार करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि नेतन्याहू के साथ उनके संबंध मजबूत हैं क्योंकि वे दोनों ‘‘युद्ध के दौर’’ के नेता हैं।

ट्रंप न ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के साथ साक्षात्कार के दौरान कहा, ‘‘हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। मुझे नेतन्याहू बहुत पसंद हैं।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में किए जा रहे किसी भी प्रयास को रोक दे और तेल और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई, जिन्होंने अपने दिवंगत पिता का स्थान लिया है, युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता में शामिल हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि हवाई हमले में लगी चोटों के कारण खामेनेई की हालत ठीक नहीं है, लेकिन ‘‘वे कहते हैं कि वह (मोजतबा) मंजूरी दे रहे हैं।’’

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia