पश्चिम एशिया संकट: अमेरिकी एयरलाइंस को डर, 'कच्चे तेल की कीमत पहुंच सकती है 175 डॉलर प्रति बैरल'

यूएस की बड़ी एयरलाइन कंपनी 'यूनाइटेड एयरलाइंस' ने ऐसी आशंका जताई है। कंपनी के सीईओ स्कॉट किर्बी ने शुक्रवार को स्टाफ मेमो में बताया कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

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पश्चिम एशिया तनाव का असर पूरी दुनिया पर धीरे-धीरे दिखने लगा है। विभिन्न देशों ने ईंधन कटौती के उपाय किए हैं; इस बीच अमेरिका की एक एयरलाइन को आशंका है कि हालात ऐसे ही रहे तो क्रूड की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।

यूएस की बड़ी एयरलाइन कंपनी 'यूनाइटेड एयरलाइंस' ने ऐसी आशंका जताई है। कंपनी के सीईओ स्कॉट किर्बी ने शुक्रवार को स्टाफ मेमो में बताया कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले सिर्फ 3 हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। अगर यही हालात बने रहे, तो कंपनी को हर साल करीब 11 अरब डॉलर ज्यादा खर्च करना पड़ सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 119.50 डॉलर तक पहुंच गई है।


बता दें, अमेरिकी ट्रेजरी ने शुक्रवार को ही ईरान से तेल खरीद पर 30 दिनों की छूट दी। ये उन ईरानी तेल खेपों को लेकर है जो पहले से समुद्र में जहाजों पर लदी हुई हैं।

यह छूट उन सभी जहाजों पर लागू होगी जिनमें 20 मार्च तक तेल लोड हो चुका है और जिन्हें 19 अप्रैल तक उतारना होगा। यह जानकारी अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने दी ताकि वैश्विक आपूर्ति में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल जोड़ा जा सके।

केपलर के डेटा के अनुसार, इस समय करीब 18 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल अलग-अलग जहाजों में समुद्र में मौजूद है, जो मिडिल ईस्ट से लेकर चीन के आसपास के समुद्री इलाकों तक फैला हुआ है।

पहले ये प्रतिबंध ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और तेल से होने वाली कमाई पर पाबंदी के इरादे से लगाए गए थे। अब इन्हीं में से कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से कम किया जा रहा है।

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