सिर्फ लॉक डाउन से खत्म नहीं होगा कोरोना, बस इस तरीके से ही इस वायरस पर पाया जा सकता है काबू!

दुनिया भर में कोरोना वायरस ने लोगों को अपने घरों में बंद रहने को मजबूर कर दिया है। पूरे भारत में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। किसी को भी अपने घर से बाहर नहीं निकलने को कहा जा रहा है। ताकी कोरोना वायरस पर काबू पाया जा सके। लेकिन सिर्फ इस तरह से ही कोरोना पर काबू नहीं पाया जा सकता।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दुनिया भर में कोरोना वायरस ने लोगों को अपने घरों में बंद रहने को मजबूर कर दिया है। पूरे भारत में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। किसी को भी अपने घर से बाहर नहीं निकलने को कहा जा रहा है। ताकी कोरोना वायरस पर काबू पाया जा सके। लेकिन सिर्फ इस तरह से ही कोरोना पर काबू नहीं पाया जा सकता। ऐसा कहना है विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के निदेशक टेडरोस अदहनोम गेब्रेहुसस का। डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेडरोस अदहनोम गेब्रेहुसस ने बुधवार को कहा कि दुनियाभर के देश जो लॉकडाउन का तरीका अपना रहे हैं, वो वायरस फैलने की गति तो धीमी कर सकते हैं। लेकिन इससे वायरस नहीं खत्म होगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से महामारी खत्म नहीं होगी। हम सभी देशों से आग्रह करते हैं कि वे लॉकडाउन के समय का इस्तेमाल कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए करें। आपने अपने लिए दूसरा मौका पैदा कर लिया है।

टेडरोस ने कहा, “लोगों से घर में रहने के लिए कहना और पूरी जनसंख्या का मूवमेंट बंद कर देने से कुछ समय मिल जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम होगा, लेकिन इस तरह से कोरोनावायरस को खत्म नहीं किया जा सकता। इस वक्त देशों को अपने लोगों की अलग-थलग रखने, उनका टेस्ट करने और खोज के बाद उनके इलाज की कोशिशें आक्रामक तरीके से करनी चाहिए। यह न सिर्फ सर्वश्रेष्ठ बल्कि कड़े सामाजिक और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच कोरोना से लड़ाई का सबसे बेहतर तरीका है।”

बता दें कि कोरोना वायरस ने दुनिया भर के 4.5 लाख से भी ज्यादा लोगों को अपने पंजे में जकड़ लिया है। इस वायरस ने अब तक 195 देशों में अपना पांव पसार लिया है। इससे 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इससे 1 लाख से ज्यादा मरीज ठीक भी हुए हैं। लेकिन इसका खतरा दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है। यही वजह है कि दुनिया की करीब 3 अरब आवादी इस वक्त अपने घरों में बंद है। बात करें भारत कि, तो देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 650 के पार पहुंच चुका है, जबकि 16 लोगों की इससे मौत हुई है।

Published: 26 Mar 2020, 2:32 PM
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