दुनिया की खबरें: इटली में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, नेतन्याहू की चेतावनी जारी
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कहा कि कानून प्रवर्तन बलों को उन अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है जो संगठित समूहों के माध्यम से प्रदर्शनों का फायदा उठा रहे हैं।
इटली में भारतीय दूतावास ने सोमवार को देश में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में नागरिकों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के बीच सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने का आग्रह किया गया।
दूतावास ने कहा कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां हुईं। हम भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और उन स्थानों से बचने की सलाह देते हैं जहां प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसी घटनाओं के बारे में स्थानीय समाचारों का अनुसरण करने की सलाह देते हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कहा कि कानून प्रवर्तन बलों को उन अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है जो संगठित समूहों के माध्यम से प्रदर्शनों का फायदा उठा रहे हैं।
मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक बार फिर, कानून प्रवर्तन बलों के महिला और पुरुष कर्मियों को अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं उन सभी के प्रति पूरी एकजुटता और हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। क्योंकि वे नागरिकों, श्रमिकों, व्यापारियों और उन सभी लोगों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थे, जिन्हें बिना किसी डर के अपने शहर में रहने और उसे गुंडों के गिरोहों द्वारा बर्बाद या जलाए जाने से बचाने का अधिकार है। हम आपके साथ हैं।
शनिवार को मेलोनी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और विपक्ष से हिंसा की घटनाओं की निंदा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति मेरे मन में गहरा सम्मान है, जिनमें सीजीआईएल द्वारा बुलाए गए आंदोलन में भाग लेने वाले लोग भी शामिल हैं, जिसमें वामपंथी नेताओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन चाहे किसी भी विचारधारा के लिए किया जाए, भागीदारी किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है।
दुश्मनों ने हमें आजमाया तो पहले से भी कड़ा प्रहार करेंगे: नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को एक बार फिर अपने दुश्मनों को सचेत किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल जरूरत पड़ने पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अपने हालिया बयान में उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए हुए कहा कि अगर दुश्मनों ने इजरायल को आजमाने की कोशिश की, तो उन्हें अब तक झेले गए हमलों से भी अधिक कड़े प्रहार सहने पड़ेंगे।
नेतन्याहू ने वायुसेना के एक अज्ञात अड्डे का दौरा करने के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने बताया, "मैंने एयरबेस के कमांडर से बातचीत की और जरूरत पड़ने पर दुश्मनों पर हमला करने के लिए वायुसेना की तैयारियों, दृढ़ संकल्प और क्षमता का जायजा लिया।"
इसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने दुश्मनों को सीधे चेतावनी देते हुए कहा, “हमें मत आजमाओ। तुम्हें अब तक झेले गए हमलों से भी अधिक कड़े प्रहार सहने पड़ेंगे।”
उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपने साहसी पायलटों, वायुसेना के अन्य कर्मियों, जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों, इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) और सरकार के प्रयासों से बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपनी रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया, “हमें मत आजमाओ।”
यह बयान एक कड़े मुकाबले वाले चुनाव से ठीक पहले आया है। इजरायल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग होनी है।
यमन में हूती विद्रोहियों का सैन्य शिविर पर हमला, 53 सैनिकों की मौत
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दक्षिणी यमन में सरकारी सैन्य बल के एक शिविर पर हमला किया, जिसमें 53 सैनिकों की मौत हो गई। सैन्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि विद्रोहियों ने दक्षिणी प्रांत शबवा में अल-अलम सैन्य शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। हमले में कम से कम 200 सैनिक घायल भी हुए।
हूती विद्रोहियों ने शबवा में सैन्य शिविर को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है।
शबवा प्रांत की सरकार ने एक बयान में कहा कि मृतकों की संख्या शुरुआती अनुमान है और इसमें वृद्धि हो सकती है। इस भीषण हमले में प्रशिक्षण और तैयारी के दौर से गुजर रहे नए रंगरूटों को निशाना बनाया गया।
बयान में यमन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन और सरकार से शबवा की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हवाई रक्षा और शुरुआती चेतावनी प्रणाली जल्द उपलब्ध कराने की अपील की गई।
इसमें यह भी कहा गया कि प्रांत के दो सरकारी अस्पतालों और अन्य निजी स्वास्थ्य केंद्रों को घायलों का इलाज करने तथा जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से घायल लोगों को विशेष चिकित्सा इकाइयों में भेजने का निर्देश दिया गया है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने इस हमले का ‘‘कड़ा जवाब’’ देने का संकल्प जताया।
हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली समाचार एजेंसी ‘सबा’ की खबर में दावा किया गया कि विद्रोहियों के हमले में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। हालांकि इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई।
यूक्रेन को रूस के हमले के बारे में सहयोगी देशों से कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली: जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि रूस ने बैलिस्टिक मिसाइल और जेट चालित ड्रोन का इस्तेमाल करके यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर फिर हमले किए हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि इस बार भी कीव को हमले की कोई पूर्व चेतावनी सहयोगी देशों से नहीं मिली, जबकि पहले ये देश ऐसी खुफिया जानकारी साझा करते रहे हैं।
जेलेंस्की को हाल में वाशिंगटन के उन कदमों के प्रभावों से भी जूझना पड़ रहा है, जिनसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा हुआ है। इनमें मॉस्को पर अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट देना और रूस से डीजल आयात करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल है।
जेलेंस्की ने कहा कि इस बीच, अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा के सैन्य इस्तेमाल वाले संस्करण के उपयोग पर यूक्रेन पर लगी पाबंदियों से यूक्रेन के ड्रोन अभियान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों की भारी कमी की वजह से यूक्रेन पर हमलों का खतरा बढ़ गया है।
पश्चिमी देशों की ओर से खुफिया जानकारी साझा किए जाने से यूक्रेन को रूस की विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल का मुकाबला करने और मॉस्को के आक्रमण को रोकने में मदद मिली है। रूस ने करीब चार साल आठ महीने पहले यूक्रेन पर हमला शुरू किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन ने कीव को खुफिया जानकारी देना बंद नहीं किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी सोमवार को यही बात दोहराई। रुबियो ने कहा कि उन्हें पिछली रात रूस की ओर से किए गए हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रात में रूस की ओर से किए गए भीषण हमले में देशभर में ऊर्जा बुनियादी ढांचे से जुड़े 10 से अधिक केंद्रों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि इससे पांच लाख से अधिक लोगों को बिजली और नल से मिलने वाले पानी की आपूर्ति बाधित हुई।
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