दुनिया की खबरें: बाढ़ से तबाही के बाद PM बालेंद्र ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग और होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अब बेहद कम
नेपाल में भारी तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जिसमें बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों को लेकर गंभीर मंत्रणा की।

चीन बॉर्डर के सीमावर्ती इलाकों में बुधवार तड़के आए फ्लैश फ्लड ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जिसमें बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों को लेकर गंभीर मंत्रणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से पैदा हुई स्थिति के बारे में प्रभावित इलाकों के संघीय सांसदों से बातचीत की।
सिंह दरबार में प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय में आयोजित एक बैठक में, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के सांसदों के साथ बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय इलाकों में बस्तियों की हालत और बचाव व राहत कार्यों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री ने इससे पहले आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई थी और बाढ़ प्रभावित इलाकों की ताजा स्थिति और बचाव, खोज व राहत कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों के सांसदों के साथ चर्चा के दौरान, माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित नागरिकों की सुरक्षा और राहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बयान के अनुसार, निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने और विस्थापित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पीएम शाह ने सभी से आग्रह किया कि वे आपदा की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रभावित नागरिकों के बचाव, खोज और राहत कार्यों में अपनी-अपनी जगह से योगदान दें।
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए जरूरी स्वास्थ्य और राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता से बातचीत के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संगठन 1,000 लोगों के लिए बुनियादी दवाएं और स्वास्थ्य उपकरण भेज रहा है। यह भी बताया गया है कि प्रभावित इलाकों में 24 वर्ग मीटर आकार के 15 इमरजेंसी टेंट भेजे जा रहे हैं।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अब भी बेहद कम, मंगलवार को सिर्फ 5 मालवाहक पोत गुजरे
रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मंगलवार को भी बेहद निचले स्तर पर बनी रही। शिप-ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को स्ट्रेट से महज पांच कमोडिटी पोत गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत 15 पोत प्रतिदिन रहा है।
रॉयटर्स के मुताबिक, मंगलवार को दो तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर और बिटुमेन ले जा रहा एक टैंकर स्ट्रेट से बाहर निकला, जबकि दो खाली प्रोडक्ट टैंकर अंदर दाखिल हुए। इससे एक दिन पहले सोमवार को केवल एक पोत के गुजरने की सूचना मिली थी।
हालांकि, ये आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। इसकी वजह यह है कि कुछ जहाज यात्रा के दौरान अपना ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं, जिससे शिप-ट्रैकिंग सिस्टम में उनकी आवाजाही दर्ज नहीं हो पाती।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही में लगातार कमी ऐसे समय में सामने आई है, जब ईरान और ओमान स्ट्रेट के जरिए नौवहन बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्ष अस्थायी नौवहन गलियारा बनाने और जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने पर चर्चा कर रहे हैं।
मंगलवार को ईरान-ओमान वार्ता से जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद बढ़ी, जिसके बाद तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। दोनों ने जॉइंट टेंपररी नेविगेशनल कॉरिडोर बनाने पर चर्चा की थी। हालांकि, समुद्री यातायात के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य आवाजाही अभी बहाल नहीं हुई है।
ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करने के लिए एक अस्थायी समुद्री रास्ता बनाने पर मंत्रणा की। दोनों देशों के बीच पिछले कई हफ्तों से इस जलमार्ग को लेकर बातचीत जारी थी। ईरान और ओमान इस रास्ते से सी माइंस हटाने पर भी सहमत हुए।
ईरान-ओमान बातचीत में सुरक्षित जलमार्ग बहाली पर चर्चा, होर्मुज स्ट्रेट में खुलेगा अस्थायी समुद्री गलियारा
ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत के बाद होर्मुज स्ट्रेट में अस्थायी समुद्री गलियारा बनाने और सुरक्षित जहाजरानी बहाल करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''तेहरान में मेरे सहयोगी डॉ. अराघची के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत हुई। मुझे उम्मीद है कि हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक अस्थायी समुद्री गलियारे (कॉरिडोर) और सुरक्षित जहाजरानी बहाल करने के लिए व्यावहारिक व्यवस्थाओं की घोषणा करेंगे।''
अल बुसैदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के प्रबंधन और स्थायी समाधान पर आगे चलकर काम किया जाएगा, जैसा कि इस्लामाबाद मेमोरेंडम के अनुच्छेद 5 में उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय साझेदारों के साथ बातचीत शांति, सहयोग, स्थिरता और समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र तथा सुरक्षित आवाजाही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी रखी जाएगी।
ईरान के वर्तमान विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पाकिस्तान और ओमान के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में क्षेत्र की समस्याओं का समाधान पर जोर देने की बात कही।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''ईरान की शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता उतनी ही मजबूत है जितनी उसके पड़ोसी देशों के साथ उसके लगातार कूटनीतिक प्रयास। पाकिस्तान और ओमान से आए प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान क्षेत्र के देशों को मिलकर निकालना चाहिए।''
पाकिस्तान : इस्लामाबाद के अस्पताल में भीषण आग से 15 नवजात बच्चे जिंदा जले
पाकिस्तान के इस्लामाबाद से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के गायनेकोलॉजी वार्ड में भीषण आग लगने से कम से कम 15 नवजात शिशुओं की मौत हो गई।
पीआईएमएस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के समय नर्सरी में 16 नवजात शिशु थे। इन 16 शिशुओं में से केवल एक को ही प्रभावित इलाके से समय रहते बचाया जा सका जबकि बाकी बच्चे आग में जिंदा जल गए। पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थान जियो टीवी के अनुसार, बचाव कार्य से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कथित तौर पर एयर-कंडीशनर का कंप्रेसर फटने से सुबह करीब 6:45 बजे नर्सरी में आग लगी।
बचाव अधिकारियों ने बताया कि फायर फाइटिंग टीमों के अस्पताल पहुंचने और ऑपरेशन शुरू करने के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के बाद भी टीमें घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन करती रहीं ताकि आग के दोबारा भड़कने की कोई संभावना न रहे। जिला प्रशासन के अनुसार, मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) वार्ड की तीसरी मंजिल पर लगी आग में 14 बच्चे पूरी तरह जल गए। प्रशासन ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद बचाव कर्मियों ने कार्रवाई की।
जिला प्रशासन ने बताया कि आपातकालीन कार्रवाई के तहत फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां और चार एम्बुलेंस तैनात की गईं। इस घटना ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था, खासकर कमजोर नवजात बच्चों वाले वार्ड में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने आग लगने की परिस्थितियों की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
