दुनिया की खबरें: रूस के हवाई हमले में यूक्रेन के कई शहरों में कम से कम 19 लोगों की मौत, 60 से अधिक घायल
यूक्रेन के उत्तरी चेर्निहाइव क्षेत्र के प्रिलुकी शहर में रूसी हमले में एक अपार्टमेंट की इमारत नष्ट हो गई। गृह मंत्री इहोर विहिव्स्की के अनुसार, घटना में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं, जबकि 50 लोग घायल हो गए।

रूस ने बुधवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव और करीब एक दर्जन अन्य क्षेत्रों पर मिसाइलों तथा ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए, जिनमें चार बच्चों सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यूक्रेन को इस हमले की आशंका पहले से थी। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक दिन पहले कहा था कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रूस एक ‘‘बड़े’’ हमले की तैयारी कर रहा है। हालांकि, यूक्रेन को हमले की जानकारी थी, लेकिन वह इसे पूरी तरह रोक नहीं सका।
हमले में हुई मौतें और तबाही यूक्रेन के लिए रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों और हाल में इस्तेमाल किए जा रहे जेट इंजन चालित नए ड्रोन का मुकाबला करने की चुनौती को दर्शाती हैं।
अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के लिए पर्याप्त मिसाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण यूक्रेन रूसी बैलिस्टिक हथियारों को रोकने में कठिनाई का सामना कर रहा है। यूक्रेन रूस के ऊंचाई पर उड़ने वाले जेट-संचालित ड्रोन को रोकने में सक्षम नई पीढ़ी के इंटरसेप्टर विकसित करने के प्रयास तेज कर रहा है।
अमेरिका की अगुवाई में जारी शांति प्रयासों से निकट भविष्य में राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। दोनों पक्षों के बीच निचले स्तर की तकनीकी वार्ता की संभावना पर अभी बातचीत जारी है।
पश्चिमी विश्लेषकों के अनुसार, पुतिन इस विश्वास के साथ युद्ध जारी रखे हुए हैं कि दबाव के आगे यूक्रेन झुक जाएगा और कीव के पश्चिमी समर्थक लंबे समय तक उसका साथ नहीं देंगे।
यूक्रेन के उत्तरी चेर्निहाइव क्षेत्र के प्रिलुकी शहर में रूसी हमले में एक अपार्टमेंट की इमारत नष्ट हो गई। गृह मंत्री इहोर विहिव्स्की के अनुसार, घटना में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं, जबकि 50 लोग घायल हो गए। राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, राजधानी कीव समेत तीन अन्य यूक्रेनी शहरों में भी लोगों के मारे जाने की खबर है।
यूक्रेन दुनियाभर में उपलब्ध पैट्रियट मिसाइलों की तलाश कर रहा है। ईरान में जारी युद्ध के कारण इन मिसाइलों की आपूर्ति पहले ही सीमित है।
जेलेंस्की ने कहा, “रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। और इस समय हमारे लिए वायु रक्षा प्रणालियों के पैकेज अत्यंत आवश्यक हैं।”
पोल्टावा क्षेत्र के क्रेमेनचुक में दो लोगों की मौत हुई और सात घायल हो गए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख विताली दियाकिवनिच ने बताया कि बचाव अभियान जारी है।
नेपाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, पश्चिमी जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा
नेपाल के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई जिसके बाद अधिकारियों ने पश्चिमी जिलों की नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने की आशंका के मद्देनजर चेतावनी जारी की।
जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग की बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अर्घाखांची जिले के सिमलपानी जल मापन केंद्र पर तीन घंटे में 84.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
विभाग ने क्षेत्र और आसपास की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी।
विभाग ने बांके और बर्दिया जिलों के कई स्थानों पर भी तीन घंटे में मध्यम से भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी और छोटी नदियों में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका जताई।
जारी की गई एक अन्य चेतावनी के अनुसार दार्चुला, बैतड़ी, बाजहांग, डोटी, डडेलधुरा, बांके, बर्दिया, कैलाली और कंचनपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और रुक-रुककर बारिश की संभावना जताई है। शनिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है। नेपाल पहले की बाढ़ और भूस्खलन के प्रभावों से भी जूझ रहा है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 24 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश से देश में 542 आपदा घटनाएं हुईं, जिनमें 304 भूस्खलन, 87 बाढ़ और 151 भारी बारिश से संबंधित घटनाएं शामिल थीं।
इन घटनाओं में 27 लोगों की मौत हुई, चार लापता हुए और आठ घायल हुए। 1,082 परिवार प्रभावित हुए, जबकि 227 मकान पूरी तरह और 142 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। 31 पुलों को भी नुकसान पहुंचा। नौ लाख 80 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ की चेतावनी के संदेश भेजे गए और करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
ये घटनाएं करीब एक महीने पहले मध्य और उत्तरी नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हुई हैं, जिसमें 1,500 से अधिक लोगों की मौत हुई और करीब 5,000 लोग लापता हुए थे।
यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूसी तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तेल टैंकर में लगी आग
रूस के काला सागर तट के पास लाइबेरिया के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर पर यूक्रेनी ड्रोन हमले से आग लग गई। इस टैंकर पर सभी क्रू मेंबर भारतीय थे। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि सभी 23 क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, टैंकर पर "नेवल ड्रोन" से हमला किया गया, जिसके बाद काला सागर में कच्चे तेल में आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि शुरू में दमकलकर्मी इसे बुझा नहीं पाए।
रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि आग की तीव्रता कम होने पर दमकलकर्मी इसे काबू में करने की एक और कोशिश करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि हमले के बाद क्रू के सभी 23 सदस्यों को बचा लिया गया। यह घटना काला सागर तट पर स्थित रूस के लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर सोची के पास हुई, जिसकी आबादी लगभग 5 लाख है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में समुद्र में तेज नारंगी रंग की लपटें उठती दिख रही हैं जबकि सोची के पास आसमान में काले धुएं का गुबार उठता देखा जा सकता है। शहर के मेयर ने सोशल मीडिया पर कहा कि घटना के बाद तट और समुद्र तटों (बीचेस) तक लोगों की पहुंच पर रोक लगाई जा रही है।
टैंकर पर यह हमला रोमानियाई तट के पास एक और जहाज में आग लगने और उसके डूबने के एक दिन बाद हुआ। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक अन्य लापता हो गया था। यूक्रेन ने कहा कि ड्रोन हमला रूस ने किया था। उस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य भी घायल हुआ था।
2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से काला सागर के आसपास कमर्शियल शिपिंग पर हमले बढ़े हैं। जारी संघर्ष के बीच रूस और यूक्रेन ने ही इस क्षेत्र में जहाजों और समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
हाल के दिनों में रूस ने रोमानिया (जो यूरोपीय संघ का सदस्य देश है) के तट के पास यूक्रेनी सामान ले जा रहे अनाज के जहाजों पर हमले किए हैं।
वहीं, यूक्रेन का कहना है कि रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर उसके हमले, मॉस्को द्वारा यूक्रेनी कस्बों और शहरों पर रात में किए जाने वाले हमलों के जवाब में सही हैं।
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