दुनिया की खबरें: एशिया में कम हो रहा तेल भंडार, अमेरिका-यूरोप को लेकर चेतावनी और मिस्र के राष्ट्रपति ने की अपील
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम की ओर बढ़ रही सप्लाई में रुकावट की वजह से एशिया को सबसे पहले दबाव महसूस होगा। आखिरी तेल टैंकर 28 फरवरी को स्ट्रेट से निकला था और युद्ध से पहले ये आखिरी शिपमेंट ज्यादातर खत्म हो चुके हैं।

ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के हमलों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट अभी बंद है। इसकी वजह से मिडिल ईस्ट का तेल बाकी दुनिया में नहीं जा पा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि तमाम देशों को घटते तेल स्टॉक का असर महसूस होने लगा है। प्रमुख अमेरिकी वित्तीय संस्था जेपी मॉर्गन ने पिछले हफ्ते जारी एक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे यह झटका पश्चिम की ओर बढ़ेगा, एशिया पर इसका असर सबसे पहले पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार अगला नंबर अमेरिका और यूरोप का होगा।
आमतौर पर, फारस की खाड़ी से तेल का शिपमेंट 10 से 20 दिनों में एशिया पहुंचता है। लगभग 20 से 35 दिनों में यूरोप और अफ्रीका और फिर आखिर में लगभग 35 से 45 दिनों के बाद अमेरिका पहुंचते हैं।
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम की ओर बढ़ रही सप्लाई में रुकावट की वजह से एशिया को सबसे पहले दबाव महसूस होगा। आखिरी तेल टैंकर 28 फरवरी को स्ट्रेट से निकला था और युद्ध से पहले ये आखिरी शिपमेंट ज्यादातर खत्म हो चुके हैं।
दक्षिण-पूर्व एशिया पर खास तौर पर बुरा असर पड़ेगा। इस इलाके में तेल एक्सपोर्ट में महीने-दर-महीने 41 फीसदी की गिरावट का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया, “तेल से संबंधित मुख्य चुनौती कीमत से फिजिकल कमी में बदल गई है।”
दक्षिण पूर्व एशिया के बाद स्थिति से अफ्रीका प्रभावित होगा, जिसका असर अप्रैल की शुरुआत तक और बढ़ जाएगा, हालांकि यह लोकल स्टॉक लेवल और देश में आयात किए गए तेल पर कितने आश्रित हैं, इस पर निर्भर करता है। जेपी मॉर्गन ने कहा कि तनाव के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। केन्या में रिटेल लेवल पर फ्यूल की कमी हो रही है, जबकि तंजानिया के पास अभी काफी स्टॉक है।
यूरोप पर इसका असर अप्रैल के बीच तक महसूस होने की संभावना है, हालांकि उसके पास मजबूत इन्वेंट्री बफर और अल्टरनेटिव अटलांटिक बेसिन सप्लाई का फायदा है।
मिस्र के राष्ट्रपति सिसी की ट्रंप से अपील, 'कृपया जंग को रोकें, आप ही इसमें सक्षम'
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान संघर्ष रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ वही जंग रुकवाने में सक्षम हैं।
काहिरा में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन 2026 के नौवें संस्करण के उद्घाटन समारोह के दौरान अपने संबोधन में सीसी ने खास अपील की। सीसी ने कहा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहना चाहता हूं कि खाड़ी में हमारे इलाके में जंग को आपके अलावा कोई नहीं रोक सकता। आपसे मानवता और शांति के नाम पर जंग रुकवाने की अपील करता हूं। जानता हूं आप भी शांति पसंद हैं।"
फिर आगे कहा, "मैं आपको, अपनी तरफ से, अपने पूरे क्षेत्र और दुनिया के सभी लोगों की तरफ से एक सीधा मैसेज भेज रहा हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप, कृपया जंग रोकने में हमारी मदद करें; आप ऐसा करने में सक्षम हैं।" अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन 2026, 30 मार्च से 1 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया गया है।
मिस्र के नेता ने ये अपील ऐसे समय में की है जब मिडिल ईस्ट में ईरान पर यूएस-इजरायल अटैक और अरब खाड़ी देशों पर तेहरान के जवाबी हमलों से संघर्ष बढ़ा है। इस तनाव ने इलाके के एनर्जी फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावट डाली है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ रहा है।
श्रीलंका में ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी, बिजली के सीमित उपयोग पर जोर
पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए श्रीलंका पिछले दो-तीन हफ्तों से कई तरह की एडवाइजरी जारी कर रहा है। मकसद सिर्फ एक, कि भविष्य में देश को किसी भी ईंधन या ऊर्जा संकट से न गुजरना पड़े। सोमवार को एक बार फिर नए दिशानिर्देश जारी किए गए, जिसमें बिजली के सीमित उपयोग पर जोर डाला गया है।
जरूरी सेवाओं के कमिश्नर जनरल कार्यालय ने ईंधन और ऊर्जा इस्तेमाल पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें 100 से ज्यादा लोगों के साथ रात भर होने वाले उत्सव और संगीत के शो को नेशनल ग्रिड से बिजली न मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।
गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सरकारी और कानूनी संस्थाओं में दोपहर 3 बजे सभी एयर कंडीशनर बंद करने होंगे। प्राइवेट सेक्टर से भी यही तरीका अपनाने का अनुरोध किया गया है।
कमर्शियल प्रमोशन के लिए अलग-अलग जगहों पर लगाए गए रोशनी वाले एडवरटाइजिंग बोर्ड और स्क्रीन रात 8 बजे के बाद बंद करने का भी निर्देश दिया गया है।
गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि स्थानीय गवर्नमेंट अथॉरिटी को शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच स्ट्रीट लाइट बंद करने के लिए सही प्रोग्राम लागू करने होंगे। ये गाइडलाइंस सभी मंत्रालयों के सचिव, सभी प्रांतीय प्रमुख सचिव, सभी जिला सचिव और सभी कानूनी संस्थाओं के अध्यक्ष को जारी की गई हैं।
इससे पहले श्रीलंका हफ्ते के मध्य में एक छुट्टी का ऐलान भी कर चुका है। मार्च मध्य में ही बुधवार की छुट्टी का ऐलान किया गया। इसे भविष्य के ईंधन संकट से बचने की कवायद करार दिया गया।
बांग्लादेश में ईंधन संकट गहराया, टैंकर हड़ताल से आठ जिलों में आपूर्ति ठप, परिवहन प्रभावित
बांग्लादेश में बढ़ते ईंधन संकट के बीच परिवहन व्यवस्था बाधित हो गई है, सख्ती से चलाए जा रहे अभियान और आपूर्ति और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं ने बाजार की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह संकट उस समय और गहरा गया, जब आठ उत्तरी जिलों में टैंकर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस कारण एक प्रमुख डिपो से ईंधन की आपूर्ति बाधित हो गई। दूसरी ओर प्रशासन ने जमाखोरी, अवैध बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार से शुरू हुई हड़ताल के बाद से दिनाजपुर, ठाकुरगांव, पंचागढ़, रंगपुर, निलफामारी, गाइबांधा, कुरिग्राम और लालमोनिरहाट सहित आठ जिलों में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, रंगपुर डिवीजनल टैंकर वर्कर्स यूनियन ने यह हड़ताल निलफामारी में ईंधन चोरी के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी और सजा के विरोध में शुरू की है।
इसके परिणामस्वरूप, क्षेत्र के एक प्रमुख आपूर्ति केंद्र, पार्बतीपुर रेलवे हेड ऑयल डिपो में कामकाज ठप हो गया है और वहां से डीजल, पेट्रोल या ऑक्टेन की निकासी नहीं हो रही है।
यूनियन नेताओं ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई और निलफामारी के नेजरात डिप्टी कलेक्टर (एनडीसी) को हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, हड़ताल जारी रहेगी, जिससे यात्री और माल परिवहन पूरी तरह ठप होने का खतरा बढ़ गया है।
पेट्रोल पंप मालिक संघ ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया है, जबकि विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजशाही जिले में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने जमाखोरी और सीमा पार तस्करी रोकने के लिए तेल डिपो और पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है। तीन प्लाटून को पद्मा, मेघना और जमुना डिपो पर तैनात किया गया है, जबकि 12 पेट्रोल पंपों और सीमावर्ती चार क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।