दुनिया की खबरें: रूसी हमले के दौरान पोलैंड में अनजान चीज गिरने से धमाका, पीएम टस्क ने पूरे यूरोप के ल‍िए बताया खतरा

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब रूस यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर रहा था।

फोटो: IANS
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पोलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र में एक अनजान चीज घुसने का दावा क‍िया। पोलैंड ने कहा क‍ि बुधवार रात यूक्रेन की तरफ जा रही एक अनजान चीज हमारे हवाई क्षेत्र में घुसते हुए ल्यूबलिन के पास क्रैश हो गई, जिससे एक धमाका हुआ और दस मीटर चौड़ा गड्ढा बन गया।

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब रूस यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर रहा था।

टस्क ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्‍ट किया, "पश्चिमी यूक्रेन पर रूस के बड़े मिसाइल हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ। इस घटना के बाद मैंने रक्षा मंत्री और संबंधित एजेंसियों के साथ एक समन्वय टीम की बैठक बुलाई है। यह टीम कई घंटों से मौके पर काम कर रही है और मुझे लगातार घटना से जुड़ी सभी जानकारी दे रही है।"

यूरो न्यूज ने पुलिस के हवाले से बताया, "तारनावा कोलोनिया इलाके के लोगों ने गुरुवार सुबह करीब चार बजे एक जोरदार धमाका सुना, जिससे उनके घरों की खिड़कियां तक कांप गईं। पुलिस को एक खेत में लगभग दस मीटर चौड़ा गड्ढा और किसी अज्ञात वस्तु का मलबा मिला। यह जगह घरों से करीब दस किलोमीटर दूर है।"

पोलैंड की आर्म्ड फोर्सेज कमांड ने बताया कि एक एमआई-24 हेलीकॉप्टर ने घटनास्थल के ऊपर उड़ान भरी और उस जगह की पहचान की जहां संभवतः वह वस्तु गिरी थी। यह इलाका आबादी से दूर खुली जमीन पर है। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में किसी के घायल होने या मौत की कोई खबर नहीं है।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि रूस के बड़े हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ। उन्होंने यूक्रेन और पोलैंड की सरकारों तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ एकजुटता जताई, जो लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रही हैं।

कोस्टा ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बुधवार रात रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइलों और ड्रोन के साथ संयुक्त हमला किया। इस हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का भी उल्लंघन हुआ, जो एक बार फिर दिखाता है कि रूस की आक्रामक कार्रवाई पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा है।"

'आमजन को न‍िशाना बनाकर युद्ध अपराध कर रहा रूस', जेलेंस्की ने जल्‍द मदद की लगाई गुहार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि रूस लगातार आम नागर‍िकों न‍िशाना बनाकर युद्ध अपराध कर रहा है। गुरुवार तड़के रूसी हमले ने एक पर‍िवार को पूरी तरह तबाह कर द‍िया। रूसी बैलिस्टिक मिसाइल ने एक मकान पर हमला कर माता-पिता और उनके तीन बच्चों की जान ले ली।

कीव के अलावा नीपर, ल्वीव, पोल्टावा, खार्किव, मायकोलाइव, सुमी, विन्नित्सिया, चेर्कासी और इवानो-फ्रैंकिव्स्क इलाकों पर रात भर हमला हुआ। सुरक्षाकर्मी मलबे में दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''गुरुवार तड़के रूस के एक मिसाइल हमले में नीपर क्षेत्र के रादुश्ने में एक परिवार तबाह हो गया। इस हमले में माता-पिता और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य बच्चों को मलबे के नीचे से जीवित निकाल लिया गया। यह एक आम परिवार का घर था, जिसे बैलिस्टिक मिसाइल ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।''

जेलेंस्की ने कहा, ''ल्वीव में भी बचाव कार्य जारी है, जहां एक रिहायशी इमारत पर हमला हुआ था। राहतकर्मी मलबा हटा रहे हैं और लोगों की तलाश जारी है। अब तक पूरे देश में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की खबर है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।''

उन्‍होंने बताया क‍ि कई लोग घायल हुए हैं, और सभी को जरूरी मेडिकल सहायता दी जा रही है। सभी संबंधित सेवाएं और एजेंसियां राहत कार्य में लगी हुई हैं।

रात भर की इस हमले की लहर में कीव और उसके आसपास का क्षेत्र, साथ ही ड्नीप्रो, ल्वीव, पोल्टावा, खार्किव, मिकोलेइव, सूमी, विनित्सिया, चेरकासी और इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्र निशाने पर रहे। कई आम घर, छोटे-बड़े कारोबार और बुनियादी ढांचे की सुविधाएं नष्ट हो गईं या क्षतिग्रस्त हुईं।

जलेंस्‍की ने बताया क‍ि इस हमले में 70 से ज्यादा मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें बड़ी संख्या बैलिस्टिक मिसाइलों की थी। इसके अलावा 280 से अधिक अटैक ड्रोन भी छोड़े गए। इनमें से 260 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए गए। हमारी वायु सेना ने कई क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट किया, और मोबाइल फायर टीमें भी कुछ क्रूज मिसाइलों को रोकने में सफल रहीं।

उन्होंने कहा क‍ि हमारे सहयोगी देशों से एयर डिफेंस मिसाइलों की गंभीर कमी के बावजूद, हमारे सैनिक बेहद मुश्किल हालात में शानदार काम कर रहे हैं और बहुत ऊंचे स्तर की पेशेवर क्षमता दिखा रहे हैं। जब एयर डिफेंस मिसाइलें समय पर नहीं मिलतीं या उनकी आपूर्ति में देरी होती है, तब भी उनका यह कौशल लोगों की जान बचाने में मदद करता है।

जेलेंस्‍की ने कहा क‍ि रूस का यह हमला एक बार फिर दिखाता है कि रूसी मिसाइल खतरे से लोगों की सुरक्षा करना सबसे जरूरी काम है। यह ऐसा काम नहीं है जिसे सिर्फ यूक्रेन या कोई एक देश अकेले कर सके। हमारे सभी साझेदार जानते हैं कि वे किस तरह और किन साधनों से मदद कर सकते हैं।


ब्रिटेन: सफोक के जंगलों में लगी आग, न्यूक्लियर प्लांट भी करीब

यूरोप के कई जंगल धधक रहे हैं अब इस फेहरिस्त में ब्रिटेन भी आ गया है। यहां के सफोक तट पर स्थित डनविच हीथ के जंगलों में लगी भीषण आग के बाद अधिकारियों ने 'मेजर इंसीडेंट' घोषित कर दिया है। करीब 90 दमकलकर्मी आग को काबू करने की जद्दोजहद कर रहे हैं। यह आग साइजवेल-बी परमाणु ऊर्जा संयंत्र से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है।

सफोक फायर एंड रेस्क्यू सर्विस को बुधवार शाम करीब 5:30 बजे डनविच हीथ, लीस्टन के पास जंगल में आग लगने की सूचना मिली थी। गुरुवार सुबह तक दमकलकर्मी मौके पर डटे रहे। एहतियात के तौर पर कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

प्रमुख स्थानीय मीडिया आउटलेट द गार्डियन ने दमकल विभाग के हवाले से इसकी जानकारी दी। बताया कि फिलहाल साइजवेल-बी परमाणु संयंत्र को कोई खतरा नहीं है। विभाग के अनुसार आग पूरब की ओर बढ़ रही है और संयंत्र उससे सुरक्षित दूरी पर स्थित है। हालांकि अधिकारियों ने इसे लगातार बदलती स्थिति बताते हुए कहा कि हालात पर पैनी नजर बना कर रखी है।

ऊर्जा कंपनी ईडीएफ ने भी कहा कि जंगल की आग का साइजवेल-बी परमाणु ऊर्जा स्टेशन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने बताया कि वह स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि संयंत्र के पास विभिन्न आपात परिस्थितियों, जिनमें आग लगने की स्थिति भी शामिल है, से निपटने के लिए पहले से विस्तृत आपदा प्रबंधन योजना मौजूद है।

दमकलकर्मियों का मुख्य ध्यान आसपास की संपत्तियों को सुरक्षित रखने पर है। यदि मौसम या आग की दिशा प्रतिकूल होती है तो क्लिफ हाउस हॉलिडे पार्क में मौजूद लगभग 200 कारवां (मोबाइल घर) खाली कराए जा सकते हैं। इसके लिए तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं।

सफोक फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के स्टेशन मैनेजर डैन डेविस ने कहा कि शुरुआती दल जब मौके पर पहुंचा तो उसने तेज हवाओं से फैल रही बड़े पैमाने की जंगल की आग देखी। इसके बाद घटना को 'मेजर इंसीडेंट' घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 90 दमकलकर्मी कठिन परिस्थितियों में लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान: लाहौर में इ‍मारत ग‍िरने से 11 लोगों की मौत, मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश जारी

लाहौर में बुधवार रात दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर के हरबंसपुरा इलाके में बीती रात एक तीन मंजिला इमारत ग‍िर गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की र‍िपोर्ट के अनुसार, लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के प्रवक्ता हैरिस अली ने बताया कि मलबे से लोगों के शव न‍िकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बचावकर्मी अभी भी मौके पर डटे हुए हैं। लोगों का कहना है क‍ि एक छोटी बच्ची अभी भी मलबे के फंसी हुई है।

प्रवक्ता के अनुसार, इस इमारत में तीन भाई अपने परिवारों के साथ रहते थे। उनकी बहन और उसके बच्चे भी बुधवार रात जन्मदिन मनाने के लिए वहां आए हुए थे। इसी दौरान इमारत अचानक ढह गई।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इमारत गिरने के पीछे क्‍या वजह रही इसका पता नहीं चल पाया है। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर, रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद अली एजाज ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं ताकि हादसे के असली कारण का पता लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।

इससे पहले, एक जुलाई को पाकिस्तान के मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने लाहौर के काहना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने की घटना पर गहरी चिंता जताई थी। इस हादसे में 14 बच्चों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

यह घटना 30 जून को हुई थी, जब एक निजी ट्यूशन अकादमी की छत अचानक गिर गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 14 बच्चों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

पंजाब प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा इमरान नजीर ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया था कि मलबे के नीचे करीब 20 लोग फंसे हुए थे। इनमें वे 14 बच्चे भी शामिल थे, जिन्हें काहना तहसील मुख्यालय (टीएचक्यू) अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था।

खोज और बचाव अभियान पूरा होने के बाद, रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद ने बताया कि एक महिला शिक्षिका और आठ बच्चों को कई चोटों के साथ लाहौर जनरल अस्पताल (एलजीएच) भेजा गया था।


नेपाल: सांप्रदायिक हिंसा के बाद दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में लगाया गया अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में दो समुदायों के बीच झड़प के बाद माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। हिंसा दक्षिणी मधेस प्रांत के दूसरे हिस्सों में फैलने के खतरे को देखते हुए, सिराहा जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने गुरुवार को जिले के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया।

सुनसरी के कुछ हिस्सों में लगाया गया कर्फ्यू भी गुरुवार को जारी रहा। सुनसरी और सिराहा दोनों की सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है।

सिराहा के मुख्य जिला अधिकारी सुरेंद्र पौडेल ने गुरुवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से अगले आदेश तक कर्फ्यू का आदेश जारी किया।

नोटिस के अनुसार, प्रशासन को आशंका है कि शांति व्यवस्था में खलल डाला जा सकता है और दंगे या विरोध प्रदर्शन बढ़ सकता है इसलिए हाल की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के बाद जिला सुरक्षा समिति ने इन इलाकों में कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, कर्फ्यू का दायरा पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के पूर्वी हिस्से में गोलबाजार नगरपालिका-3 के कसाहा खोला से लेकर पश्चिम में चोहरवा चौक तक फैला है। यह उत्तर में सैनिक चौक से लेकर दक्षिण में रामप्रताप रामप्रसाद तमांग जनता मल्टीपल कैंपस के आसपास के इलाके तक भी फैला हुआ है।

प्रशासन ने चेतावनी दी कि कर्फ्यू आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंसा रविवार (26 जुलाई) देर रात देवगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज इलाके में शुरू हुई। यहां दो समुदाय अपने अपने धार्मिक कार्यक्रम को लेकर आपस में उलझ गए। सोमवार को सप्तकोशी नदी की ओर जाने वाला 'बोलबम तीर्थयात्रा का जुलूस निकाला जा रहा था तो दूसरी तरफ भी दूसरा समुदाय अपने धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विवाद मुख्य रूप से लाउडस्पीकर की तेज आवाज, धार्मिक झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ था। एक समूह ने नॉइज पॉल्यूशन का हवाला दे तेज संगीत पर ऐतराज जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों के बीच पथराव और मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी की घटानाएं हुईं। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों ने दखल दिया। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जब भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी जारी रखी, तो सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी। इसी गोलीबारी में 24 साल का एक युवक मारा गया। इसके बाद से ही तनाव और बढ़ गया। हिंसक विरोध प्रदर्शन में कुछ सुरक्षाकर्मी भी चोटिल हुए हैं।

आईआरजीसी ने ईरान के खिलाफ हमलों में अमेरिका के साथ शामिल देशों को कड़े जवाब की दी चेतावनी

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों और अपराधों में शामिल देशों को सख्त और कठोर जवाब देने की चेतावनी दी।

गुरुवार को जारी एक बयान में आईआरजीसी के पब्लिक रिलेशन्स ने पश्चिम एशिया और उसके बाहर अमेरिका के साथियों को चेतावनी दी कि वे ईरान से बदले की कार्रवाई से बचने के लिए अपना बर्ताव बदलें।

आईआरजीसी ने कहा कि ईरान के पक्के इरादे और मजबूती ने दुश्मन के मोर्चे को तबाह कर दिया है। इसने दो और तेल टैंकरों में धमाके की भी घोषणा की जो होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक असुरक्षित शिपिंग रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।

ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने बताया कि उनमें से एक में आग लगने के बाद दो जहाज वापस लौट गए।

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की कार्रवाई के बारे में बात करते हुए आईआरजीसी ने कहा कि जलमार्ग ईरान का हिस्सा है और उसके पूरे नियंत्रण में है। इसके साथ ही आईआरजीसी ने कसम खाई कि वह हजारों किलोमीटर दूर से किसी अजनबी को दखल नहीं देने देगा।

आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की मदद करने वाले देश अपना बर्ताव नहीं बदलते हैं, तो उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उसने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक समुद्री गतिविधियों में अमेरिकी अधिकारियों की धमकियां और दखल खत्म नहीं हो जाते।

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक है, जो खाड़ी के बड़े प्रोड्यूसर्स से तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस एक्सपोर्ट को इंटरनेशनल मार्केट तक ले जाता है।

आईआरजीसी का यह बयान ईरान और अमेरिका में सैन्य बातचीत के बाद पश्चिम एशिया में नए तनाव के बीच आया है।

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