दुनिया की खबरें: ईरान की जहाजों को आखिरी चेतावनी! दूसरी तरफ वेनेजुएला में महाविनाश, भूकंप से 164 की मौत
आईआरजीसी की नौसेना ने यह बात अपनी आधिकारिक समाचार वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी एक बयान में कही। साथ ही उसने चेतावनी दी कि तय किए गए रास्तों के अलावा किसी और रास्ते से जहाजों का आना-जाना खतरनाक है और इसकी अनुमति नहीं है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के लिए सिर्फ वही रास्ते मान्य हैं, जो ईरानी अधिकारियों ने तय किए हैं।
आईआरजीसी की नौसेना ने यह बात अपनी आधिकारिक समाचार वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी एक बयान में कही। साथ ही उसने चेतावनी दी कि तय किए गए रास्तों के अलावा किसी और रास्ते से जहाजों का आना-जाना खतरनाक है और इसकी अनुमति नहीं है।
बयान में कहा गया कि सभी को यह पता होना चाहिए कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए केवल वही रास्ते इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिन्हें ईरान ने घोषित किया है। इन रास्तों से बाहर जहाज चलाना बहुत जोखिम भरा है, प्रतिबंधित है और इससे बचना चाहिए।
यह बयान तब आया, जब ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के साथ हुए समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट से बाहर जाने वाले जहाजों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।
18 जून को ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए एक समझौते के तहत ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के व्यापारिक जहाजों को इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने की व्यवस्था करने की बात कही थी।
मंगलवार को ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के भविष्य के प्रबंधन को लेकर बातचीत के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस बीच, आईएमओ ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को निकालने के लिए एक योजना भी घोषित की है।
वेनेजुएला में दो तीव्र भूकंप से 164 लोगों की मौत; 1,000 लोग घायल
वेनेजुएला में शक्तिशाली भूकंप से मची तबाही के बीच बृहस्पतिवार को राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया। बुधवार शाम लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए जिससे कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई और लगभग 1000 लोग घायल हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप से प्रांतों में भारी नुकसान हुआ और कई इमारतें ढह गईं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। ये भूकंप एक सदी से भी अधिक समय में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से हैं।
भूकंप से देश का प्रमुख हवाईअड्डा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण विमानों का परिचालन रोक दिया गया है। भूकंप का असर पड़ोसी देशों तक महसूस किया गया, और ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में भी कई इमारतों को खाली कराया गया।
बृहस्पतिवार को टेलीविजन पर दिखाए गए दृश्यों में बचावकर्मी विभिन्न उपकरणों की मदद से मलबे के ढेर के बीच रास्ता बनाते हुए दिखे, जहां कभी इमारतें हुआ करती थीं। राजधानी काराकस में घबराए हुए लोग सड़कों पर निकल आए और भूकंप के बाद कई लोग मलबे के बीच लापता लोगों को ढूंढते दिखे।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बृहस्पतिवार को कहा कि भूकंप में कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 1000 लोग घायल हुए हैं।
रॉड्रिगेज ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा की और कहा कि कई क्षेत्रों में इमारतें ढह गई हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित ला गुएरा क्षेत्र भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित है, जिसे “आपदा क्षेत्र” घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की वजह से दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भूकंप के चलते काराकस के पास स्थित सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा, जबकि मेट्रो और गैस सेवाएं भी रोक दी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और कुछ स्कूल भवनों का इस्तेमाल राहत शिविरों व सहायता केंद्रों के तौर पर किया जाएगा।
ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में ला गुएरा में एक अस्पताल के बाहर दर्जनों लोगों का इलाज होते हुए देखा जा सकता है, इनमें से कुछ जमीन पर लेटे थे और कुछ बिस्तरों पर थे।
बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी: एक ही दिन में 9 बच्चों ने तोड़ा दम, मौत का आंकड़ा 700 के करीब
बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी है। गुरुवार सुबह 8 बजे तक के 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों वाले नौ और बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद देश में खसरे से कन्फर्म और मिलते-जुलते लक्षणों से हुई मौत की कुल संख्या बढ़कर 700 के करीब यानी 698 हो गई है।
प्रमुख न्यूज एजेंसी यूएनबी ने बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के हवाले से बताया कि, हाल में हुई नौ मौत को संदिग्ध खसरा मौतों की श्रेणी में रखा गया है। इसके साथ ही खसरे की संख्या बढ़कर 605 हो गई है, जबकि प्रयोगशाला में पुष्टि किए गए खसरा जनित मौत का आंकड़ा 93 पर स्थिर बना हुआ है।
बीते 24 घंटों के दौरान खसरे के 893 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 96,653 तक पहुंच गई है। वहीं, 52 नए मामलों की प्रयोगशाला में पुष्टि हुई, जिसके बाद पुष्ट संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,442 हो गई।
डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अप्रैल से अब तक खसरे के संदिग्ध 80,497 मरीजों को देशभर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 76,788 मरीज स्वस्थ होकर अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए निगरानी, टीकाकरण और उपचार सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है। हालांकि लगातार बढ़ते मामलों और बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
वहीं, बांग्लादेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने गुरुवार को संसद में कहा कि सरकार देशभर में खसरे के प्रसार को रोकने और बाल मृत्यु दर कम करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है।
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