दुनिया की खबरें: होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका की नाकेबंदी गैरकानूनी और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 287 उम्मीदवार
पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने गुरुवार को कहा कि ईरान और अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालना गैर-कानूनी है। यह कानून के राज और नियम-आधारित व्यवस्था का उल्लंघन है।
संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने गुरुवार को कहा कि ईरान और अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालना गैर-कानूनी है। यह कानून के राज और नियम-आधारित व्यवस्था का उल्लंघन है।
पूर्व राजदूत सूरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हाल के हालात का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस लाने की मांग की।
उनके मुताबिक, "हम इन डेवलपमेंट्स को लेकर बहुत परेशान हैं। हम देख रहे हैं कि इनका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। हमारे नजरिए से, बहुत व्यक्तिगत स्तर पर कहूं तो, आप कानून के राज, नियमों पर आधारित व्यवस्था में कई बार टूट-फूट देख रहे हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल का हमला गैर-कानूनी था। बदले की कार्रवाई के तौर पर ईरान का अपने पड़ोसियों पर हमला गैर-कानूनी था। ईरान का होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग ट्रांजिट पर रोक और अमेरिका का नाकाबंदी करना गैर-कानूनी है। पड़ोस के एक बड़े देश के तौर पर, इस तरह की अराजकता या जिस पर दबदबा हो, उसकी नीति को लेकर बहुत परेशान होना चाहिए, जिसे इस इलाके के अलग-अलग देश अपना रहे हैं।"
नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए 287 उम्मीदवार, 9 अक्टूबर को होगा ऐलान
इस साल नोबेल पीस प्राइज के लिए कुल 287 उम्मीदवारों के नामांकन प्राप्त हुए हैं, जो इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के प्रति वैश्विक रुचि को दर्शाता है। गुरुवार को नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी ने इसकी घोषणा की। कमिटी ने बताया कि इस सूची में 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं, हालांकि इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
समिति ने एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “बढ़ते संघर्षों के दौर में ऐसे उम्मीदवारों की कमी नहीं है, जिनकी प्रतिबद्धता और नए विचार बेहतर भविष्य की ओर इशारा करते हैं।”
नामांकित व्यक्तियों और संगठनों के नाम गोपनीय रखे जाते हैं। हालांकि, जिन लोगों को नामांकन करने का अधिकार होता है—जैसे पूर्व विजेता, सांसद या विभिन्न देशों के मंत्री—वे चाहें तो अपने द्वारा सुझाए गए नाम सार्वजनिक कर सकते हैं।
नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी के अनुसार, हर साल 31 जनवरी तक नामांकन जमा किए जाते हैं। इसके बाद समिति अपनी पहली बैठक में कुछ और नाम भी जोड़ सकती है। 2026 में समिति की पहली बैठक 26 फरवरी को आयोजित हुई थी।
यह पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के तहत उस व्यक्ति या संगठन को दिया जाता है, जिसने शांति, संवाद, संघर्ष समाधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में मानवता के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया हो।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने फारस की खाड़ी में 'अमेरिका बिना नई शुरुआत' का किया दावा
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में “नई शुरुआत” हो रही है और इसका भविष्य “अमेरिका के बिना” तय होगा। राज्य मीडिया के जरिए जारी बयान में खामेनेई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक “नया अध्याय” उभर रहा है। उन्होंने इसे अमेरिका की “नाकामी” से जोड़ते हुए कहा कि क्षेत्र में दो महीने तक चले बड़े अभियान और आक्रामक कार्रवाई के बाद यह स्थिति बनी है।
यह संदेश इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) द्वारा ‘नेशनल पर्शियन गल्फ डे’ के मौके पर जारी किया गया। यह दिन 1622 में पुर्तगाली सैनिकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकाले जाने की याद में मनाया जाता है।
खामेनेई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सदियों से बाहरी ताकतों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है और कई देशों ने यहां प्रभाव जमाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की ओर से शुरू की गई जंग के दौरान ईरानी लोगों ने अपने बलों की “दृढ़ता, सतर्कता और साहस” को करीब से देखा है।
उन्होंने दावा किया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होगा और यह अपने लोगों की प्रगति, सुविधा और समृद्धि के लिए काम करेगा। उनके अनुसार, यह बदलाव क्षेत्रीय देशों के हित में होगा और स्थानीय ताकतों की भूमिका को मजबूत करेगा।
गौरतलब है कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में लंबे समय से अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक मौजूदगी रही है, जबकि ईरान लगातार इसका विरोध करता आया है।
पश्चिम एशिया युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं: पाकिस्तान
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को खत्म करने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए अमेरिका और ईरान के साथ सक्रिय रूप से संपर्क बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पाकिस्तान में कूटनीतिक माध्यमों से जो भी बात हुई है, वह ईमानदारी से दूसरे पक्ष तक पहुंचाई गई है।” उन्होंने कहा कि कूटनीतिक प्रक्रिया रुकी नहीं है, बल्कि लगातार जारी है।
अंद्राबी ने कहा, “हम इस मामले में संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। हमें उम्मीद है कि शांति स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे के बातचीत के जरिए समाधान को लेकर आशान्वित है और “दोनों पक्षों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है।”
उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच “स्थिर संबंधों” की भी उम्मीद जताई। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता पाकिस्तान के प्रयासों के बावजूद नहीं हो सकी।