दुनिया की खबरें: अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर फ्रांस की बयानबाजी से भड़का ईरान, 'भाषण देना बंद करो, आपका दोहरापन...'
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर फ्रांस के भाषण की तीखी आलोचना की। फ्रांस जैसे देशों को दुनिया को 'मानवाधिकारों' और अंतरराष्ट्रीय कानून पर भाषण देना बंद कर देना चाहिए। उनका दोहरापन साफ दिखता है और शर्मनाक है।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर फ्रांस के भाषण की तीखी आलोचना की। अराघची ने गाजा में इजरायली सरकार की कार्रवाइयों और ईरान के खिलाफ हमले के लिए फ्रांस के समर्थन की ओर इशारा किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''फ्रांस जैसे देशों को दुनिया को 'मानवाधिकारों' और अंतरराष्ट्रीय कानून पर भाषण देना बंद कर देना चाहिए। उनका दोहरापन साफ दिखता है और शर्मनाक है। गाजा में इजराइल के नरसंहार और ईरान के खिलाफ उसकी आक्रामक कार्रवाई का समर्थन करके आपने जो भी नैतिक ऊंचाई होने का दावा किया था, उसे पूरी तरह खत्म कर दिया है।''
अराघची ने कहा कि गाजा में इजरायली शासन की कार्रवाई और ईरान के खिलाफ उसकी आक्रामकता का समर्थन करके फ्रांस खुली पाखंडपूर्ण नीति अपना रहा है।
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब फ्रांस और 25 अन्य देशों ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख के साथ मिलकर मृत्युदंड के मामलों को लेकर ईरान की आलोचना की।
अराघची ने खुद को मानवाधिकारों का रक्षक बताने की फ्रांस की कोशिश को खारिज करते हुए कहा कि गाजा में जायोनिस्ट शासन की कार्रवाइयों और ईरान के खिलाफ उसकी आक्रामकता के समर्थन ने उसके किसी भी नैतिक अधिकार के दावे को खत्म कर दिया है।
उनकी यह प्रतिक्रिया फ्रांस के विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद आई, जिस पर फ्रांस और 25 अन्य देशों के साथ-साथ यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास के भी हस्ताक्षर थे। इस बयान में ईरान पर प्रदर्शनकारियों को लगातार मृत्युदंड देने और मौत की सजा के इस्तेमाल की आलोचना की गई थी। हस्ताक्षर करने वाले देशों ने तेहरान से यह प्रथा बंद करने और उन लोगों को रिहा करने की मांग की, जिन्हें उन्होंने मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया बताया।
कोलंबिया भूकंप: राहत और बचाव कार्य में लगातार मदद कर रहा यूएन, डब्ल्यूएचओ भेज रहा दवाएं
कोलंबिया में सोमवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है। इस आपदा में 3,494 लोग घायल हुए हैं और 496 लोग अभी लापता हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) और उसके साझेदार सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत और बचाव कार्यों में लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह जानकारी ओसीएचए ने दी।
ओसीएचए ने कहा कि भूकंप के कारण बड़ी संख्या में घरों और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में मानवीय जरूरतों का आकलन अभी जारी है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाओं, परिवहन और सरकारी सुविधाओं में आई बाधाओं के कारण राहत कार्यों में कठिनाई हो रही है।
ओसीएचए ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, खाद्य सहायता, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन राहत के लिए संसाधन भी जुटा रहे हैं। ओसीएचए ने बताया कि वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) भोजन भेज रहा है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) देश में मौजूद अपने गोदामों से चिकित्सा सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेज रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र के केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (सीईआरएफ) से धन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है।
हक ने कहा कि जैसे ही नुकसान की पूरी जानकारी सामने आएगी, संयुक्त राष्ट्र कोलंबिया के लिए भूकंप राहत सहायता की अपील जारी करेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की जरूरतें बेहद गंभीर होने की संभावना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने बताया कि इस आपदा से 53,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए वह आर्थिक आपातकाल घोषित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अभी लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान पर बनी हुई है।
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप का बड़ा संकेत, मतदाता पहचान के लिए लगा सकते हैं राष्ट्रीय आपातकाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि वह अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाता पहचान और नागरिकता सत्यापन को अनिवार्य बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल घोषित करने की संभावना पर विचार कर सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके इस बयान ने चुनावी नियमों, मतदाता अधिकारों और संघीय सरकार की शक्तियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
ट्रंप ने 'रियल अमेरिकाज वॉयस' पर वेन एलिन रूट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “इससे भी ज्यादा असामान्य चीजें पहले हो चुकी हैं। फिलहाल मैं इतना ही कहूंगा।”
रूट ने ट्रंप से कहा कि अगर सीनेट 'सेव अमेरिका एक्ट' को मंजूरी नहीं देती, तो उन्हें आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए। रूट ने सुझाव दिया कि ऐसी शक्तियों के जरिए फोटो पहचान पत्र, नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य किया जा सकता है और डाक के जरिए भेजे जाने वाले मेल-इन बैलेट पर भी सीमाएं लगाई जा सकती हैं।
ट्रंप ने इस प्रस्ताव का साफ तौर पर समर्थन नहीं किया, लेकिन उन्होंने बार-बार कहा कि मध्यावधि चुनावों से पहले चुनावी नियमों पर सीनेट को कार्रवाई करनी चाहिए।
ट्रंप ने कहा, “सीनेट को 'सेव अमेरिका एक्ट' पर आगे बढ़ना होगा। मुझे सच में लगता है कि ऐसा होना चाहिए, क्योंकि लोग इसकी उम्मीद कर रहे हैं और यह जरूरी भी है।”
उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि नागरिकता का प्रमाण हो। और मतदाता पहचान पत्र भी होना चाहिए।
ट्रंप ने दावा किया कि कुछ रिपब्लिकन सीनेटर इन उपायों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने हाउस स्पीकर माइक जॉनसन की तारीफ की और कहा कि प्रतिनिधि सभा इस कानून को पांच बार मंजूर कर चुकी है, लेकिन यह हर बार सीनेट में जाकर अटक जाता है।
कोलंबिया में भूकंप में बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, अब तक 265 ने गंवाई जान, 496 अब भी लापता
पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बताया कि इस विनाशकारी भूकंप में अब तक 265 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं 496 लोग अभी भी लापता हैं।
रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति अबेलार्डो ने बताया कि कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है। 3,494 लोग घायल हुए हैं और लापता लोगों की संख्या बढ़कर 496 हो गई है।
राष्ट्रपति के मुताबिक, इस आपदा में 11,347 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 53,526 घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 140 इमारतें ढह गई हैं। वहीं 179 स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों को भी संरचनात्मक नुकसान हुआ है।
समाचार एजेंसी 'टास' के अनुसार, दस अगस्त को चोको विभाग के सैन जोस देल पाल्मार शहर के पास 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई। राष्ट्रपति ने बताया कि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं, जबकि अधिकारियों की कोशिश है कि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
दुनियाभर के कई नेताओं ने कोलंबिया के लोगों के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया है। यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हर संभव मदद की बात कही।
ब्रिटेन पुलिस ने विमान हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय छात्र और पायलट की पहचान की
पूर्वी इंग्लैंड के एसेक्स में हुए एक दुखद विमान हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान 24 साल के भारतीय छात्र और 26 वर्षीय भारतीय मूल के पायलट के तौर पर हुई है। इन दोनों ने दो सीट वाला सेसना विमान किराए पर लिया था।
ओंगार में 30 जून को हुए इस विमान हादसे की जांच कर रहे एसेक्स पुलिस के खुफिया एजेंट ने बताया कि उन्होंने पीड़ितों की पहचान यात्री वामशी मंडला और पायलट डायलन पटेल के तौर पर करने की ‘जटिल’ प्रक्रिया पूरी कर ली है।
मंडला ने विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी होने के उपलक्ष्य में जश्न मनाने के लिए ‘छोटी फ्लाइंग एक्सपीरियंस फ्लाइट’ के तौर पर नॉर्थ वील्ड एयरफील्ड से उड़ान भरी थी, जिसके कुछ ही देर बाद यह हादसा हो गया।
एसेक्स पुलिस के खुफिया विभाग के प्रमुख अधीक्षक मॉर्गन क्रोनिन ने कहा, ‘‘मेरी और मेरे अधिकारियों की संवेदनाएं वामशी और डायलन के परिवार और दोस्तों के साथ हैं, जो इस दुख की घड़ी से गुजर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जटिल थी और हमने इसे बहुत संवेदनशीलता के साथ पूरा किया है। मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और जांच में लगे रहे। उन्होंने जिस तरह से अपना काम किया और वामशी व डायलन की गरिमा का ध्यान रखा, वह सराहनीय है।’’
क्रोनिन ने कहा कि उनके अधिकारी ब्रिटेन के ‘हवाई दुर्घटना जांच ब्यूरो’ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि पीड़ितों के परिवारों को यह पता चल सके कि असल में क्या हुआ था।
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