दुनिया की खबरें: ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया और ट्रंप बोले- ईरान करना चाहता था बात...

सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन हमले की बात स्वीकार की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने का आग्रह किया।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

ईरान ने हमले तेज करते हुए मंगलवार को सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया। सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन हमले की बात स्वीकार की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने का आग्रह किया।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हुए हमले में मामूली नुकसान हुआ।’’

दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दूतावास पर हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास में न आएं।’’

इसमें कहा गया कि जिन लोगों को वीजा संबंधी काम की खातिर दूतावास आने के लिए समय दिया गया था, उन्हें अब आने से मना कर दिया गया है।

वहीं, कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले के बाद मंगलवार को उसे अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की गई।

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात समेत छह देशों में अपने उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है, जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है।

दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों वाले संयुक्त अरब अमीरात को लंबे समय से पश्चिम एशिया का एक सुरक्षित क्षेत्र माना जाता रहा है लेकिन हमलों के कारण उसे भी ईरान युद्ध में घसीट लिया गया है।

मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी घोषणा में कहा कि यह निर्णय ‘‘सुरक्षा जोखिमों’’ के कारण लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ जारी युद्ध के मद्देनजर बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले अमेरिकियों से देश छोड़ने का आग्रह किया है।

युद्ध शुरू होने के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोग पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के हमलों में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं।

वहीं, ईरानी मिसाइलों हमलों में इजराइल में 11 लोग मारे गए। ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिज्बुल्ला ने भी इजराइल पर हमला किया है, जिसके जवाबी हमलों में लेबनान में 52 लोग मारे गए।

इजराइल ने दक्षिण लेबनान में भेजे सैनिक, हिजबुल्ला ने युद्ध के लिए तैयार होने का दावा किया

इजराइल ने हिज्बुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखते हुए मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे और 80 से अधिक गांवों के निवासियों को जगह छोड़कर चले जाने को कहा।

वहीं, ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने कहा कि वह आमने-सामने के युद्ध के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही अस्थिर स्थिति और बिगड़ गई है।

इजराइली सेना ने कहा कि हिजबुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखते हुए उसके सैनिक ‘‘दक्षिणी लेबनान में अभियान चला रहे हैं।’’ सेना ने एक बयान में कहा कि उसके जवान सीमा के पास कई स्थानों पर तैनात हैं।

सोमवार तड़के हिज्बुल्ला द्वारा उत्तरी इजराइल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे जाने के बाद झड़पें शुरू हुईं। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान में हवाई हमले किए, जिनमें 52 लोग मारे गए और 150 से अधिक लोग घायल हुए तथा हजारों लोग विस्थापित हो गए।

इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने 80 से अधिक गांवों और कस्बों के निवासियों को चेतावनी जारी करते हुए उनसे इलाका छोड़ने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि अगली सूचना तक लोगों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं लौटना चाहिए।

हिजबुल्ला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इजराइल द्वारा लेबनान पर लगातार हमले जारी रहने के बावजूद एक साल से अधिक समय तक युद्धविराम का पालन करने के बाद, समूह का धैर्य समाप्त हो गया है।

अधिकारी ने कहा कि अब उसके पास ‘‘प्रतिरोध की ओर लौटने’’ और इजराइल के साथ खुला युद्ध लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।


अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत : ईरानी रेड क्रीसेंट सोसायटी

इजराइल और अमेरिका के हवाई हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी ईरानी रेड क्रीसेंट सोसायटी ने मंगलवार को दी। उसने ‘एक्स’ पर एक संदेश जारी कर मृतक संख्या के बारे में बताया।

शनिवार को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर भारी और सटीक बमबारी पूरे सप्ताह या जब तक आवश्यक होगा, तब तक जारी रहेगी।

अमेरिकी सेना का दावा, अंधाधुंध मिसाइलें दाग रहा ईरान

अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान बिना सोचे समझे अंधाधुंध मिसाइलें दाग रहा है। सेना ने मंगलवार को एक वीडियो क्लिप जारी कर अपनी बात सामने रखी है।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान मोबाइल लॉन्चर के जरिए अलग-अलग जगह से मिसाइलें लॉन्च कर बिना सोचे समझे मिडिल-ईस्ट में ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक का फुटेज जारी किया है।

अमेरिकी सेना ने कहा है कि वे इन खतरों को ढूंढकर बिना किसी हिचक के खत्म कर रहे हैं। बयान में कहा गया कि जहां भी मोबाइल लॉन्चर से हमले का खतरा मिलता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

यूएस-इजरायल के संयुक्त अभियान के जवाब में ईरान ने गल्फ देशों पर हमले शुरू कर दिए। तेहरान ने दावा किया कि यूएस बेस को निशाने पर ले मिसाइलें दागी गईं। खाड़ी देशों के कई हवाईअड्डे भी इसकी जद में आए जिससे हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। कतर, ओमान, यूएई, जॉर्डन समेत तमाम खाड़ी देशों ने इसका पुरजोर विरोध किया।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने चेतावनी दी कि अगर किसी पड़ोसी देश के सैन्य अड्डे का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमला करने के लिए किया गया, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा और वो भी निशाने पर रहेगा।


ईरान करना चाहता था बात, मैंने कहा बहुत देर हो चुकी: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया है कि ईरान उनसे बातचीत करने को राजी था, लेकिन उन्होंने उनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रूथ की एक छोटी सी पोस्ट के जरिए ट्रंप ने ये बड़ा सा बयान दिया।

वाशिंगटन पोस्ट के एक लेख को टैग करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने लिखा, ईरान की सेना और लीडरशिप “खत्म” हो चुकी हैं और ईरान से बातचीत करने के लिए “बहुत देर हो चुकी है।"

ट्रंप ने वॉशिंगटन पोस्ट के एक संपादकीय के जवाब में लिखा। इस संपादकीय में ईरान पर हमला करने के उनके फैसले की तारीफ की गई थी। ट्रंप ने अपनी प्रशंसा करते हुए लिखा, “उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुकी है। वे बात करना चाहते हैं। मैंने कहा, ‘बहुत देर हो चुकी है!'"

रविवार को, ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के नेताओं के कहने पर उनसे “बात करेंगे।" 28 फरवरी से शुरू किए इस हवाई स्ट्राइक को उन्होंने जारी रखा और ईरानियों से सरकार गिराने की अपील भी की।

उन्होंने ये बयान दोबारा दिया है जबकि एक दिन पहले ही ईरान इससे साफतौर पर पल्ला झाड़ चुका है। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि शांति स्थापित करने को लेकर उनकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। स्थानीय मीडिया एजेंसी तस्नीम ने उनका ये बयान प्रकाशित किया।

पश्चिमी मीडिया में तेहरान की वॉशिंगटन से बातचीत के अनुरोध का दावा करने वाली रिपोर्ट को लेकर, लारीजानी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।

सोमवार सुबह, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि लारीजानी ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का प्लान ओमानी पक्ष को भेज दिया है। उन्होंने एक्स पर भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 'भ्रम' ने मिडिल ईस्ट को अफरा-तफरी में डाल दिया है।

वहीं, अटलांटिक मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा, "ईरान की नई लीडरशिप उनसे बात करना चाहती है और वह मान गए हैं। लेकिन उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था। उन्हें वह देना चाहिए था जो बहुत प्रैक्टिकल और आसान था। उन्होंने बहुत देर कर दी।"

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