दुनिया की खबरें: ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी, हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं और ट्रंप को अपनों ने किया निराश
ईरान ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि ये कार्रवाइयां जारी रहीं तो हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं।
लेबनान में बढ़ते सैन्य हमले और संघर्ष-विराम के उल्लंघन को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर है। इजरायल के हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि ये कार्रवाइयां जारी रहीं तो हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं।
ईरान ने लेबनान के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता को संघर्ष-विराम समझौते का घोर उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि इन आक्रमक कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा। यह धोखे तथा संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''लेबनान में इजरायल का फिर से घुसपैठ करना, शुरुआती संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है। यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है। इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं। ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा।''
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इजरायल के हमले की कड़ी आलोचना की है। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर हुआ है। सीजफायर के बाद ही इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया।
हमें अपने लोगों ने किया निराश, नाटो तो कुछ भी नहीं समझता: ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नाटो के खिलाफ बयान दिया है। उन्होंने एक छोटी सी पोस्ट में निराशा और नाटो को कमजोर बताने की कोशिश की। उनका ये बयान नाटो महासचिव मार्क रुटे से मुलाकात के बाद सामने आया।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, "इनमें से कोई भी व्यक्ति, यहां तक हमारे अपने लोगों ने भी निराश किया, नाटो—तब तक कुछ भी नहीं समझता, जब तक उन पर दबाव न डाला जाए!!!" कम शब्दों में एक बार फिर ट्रंप ने अपनी निराशा जाहिर की। किसी भी देश का नाम लिए बिना याद दिलाया कि हालिया संघर्ष में सभी ने हाथ खड़े कर लिए थे।
बुधवार को अपनी निजी मुलाकात के बाद, रुटे ने कहा कि ट्रंप "साफ तौर पर निराश" थे कि अमेरिका के सहयोगी देशों ने ईरान के खिलाफ उसके युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात की थी। इसके बाद ट्रंप ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी। ट्रंप ने तब भी ट्रुथ पर लिखा, "जब हमें नाटो की जरूरत थी तब वे मौजूद नहीं थे, और अगर हमें उनकी फिर से जरूरत पड़ी तो वे मौजूद नहीं होंगे। ग्रीनलैंड को याद रखें, वह बड़ा, खराब ढंग से प्रबंधित, बर्फ का टुकड़ा।"
पहली बार नहीं है कि ट्रंप नाटो के खिलाफ खुलकर गुस्सा या निराशा जाहिर कर रहे हों। इससे पहले भी वो असहयोग की बात दोहराते रहे हैं।
ईरान का आरोप, 'अमेरिका ने संघर्ष विराम की 3 शर्तें तोड़ीं'
लेबनान पर इजरायली हमलों को ईरान ने संघर्ष विराम की अहम शर्तों का उल्लंघन करार दिया है। स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का आरोप है कि अमेरिका ने ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तें तोड़ी हैं।
ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वह पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गई है।
अंग्रेजी में लिखी तीन शर्तों के एक पोस्ट में हुए गालिबाफ ने कहा कि लेबनान, अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के संघर्ष-विराम का एक अहम हिस्सा था। ईरान के सहयोगी होने के नाते लेबनान और पूरा रेजिस्टेंस ग्रुप इस संघर्ष-विराम का एक अभिन्न अंग हैं। दूसरा पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने साफतौर पर लेबनान का जिक्र किया था। इससे पीछे हटने का तो सवाल ही नहीं पैदा होता"
उन्होंने आगे कहा, "संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने पर इसके स्पष्ट दुष्परिणाम होंगे और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। इसलिए इस आग को जल्द बुझाया जाए।"
रेजिस्टेंस ग्रुप से मतलब फिलिस्तीन में हमास, लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हूती विद्रोही, इराक और सीरिया के विद्रोही संगठन से है। ये सभी गुट ईरान के कट्टर समर्थक हैं और इजरायल-यूएस के खिलाफ काम करते रहे हैं।
गालिबाफ ने ये टिप्पणी ऐसे समय में की है जब इजरायल ने लेबनान पर बुधवार को जबरदस्त बमबारी की और 254 लोग इसका शिकार हुए, तो वहीं एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए। इजरायल अपने हमले को जायज बता रहा है, तो वहीं यूरोपीय देशों ने इसकी खुलकर निंदा की है।
10 पॉइंट प्रस्ताव को लेकर ट्रंप प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि हिज्बुल्लाह इसका हिस्सा नहीं था।
अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान ईरान की सेना को समर्थन देने की खबरों का चीन ने खंडन किया
चीन के रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि ईरान व अमेरिका-इजराइल युद्ध के दौरान चीनी कंपनियों ने ईरानी सेना को उपग्रह चित्र और सेमीकंडक्टर चिप निर्माण उपकरण उपलब्ध कराए थे।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने कहा कि चीन संबंधित पक्षों द्वारा भ्रामक दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है।
वह उन खबरों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि 'सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन' (एसएमआईसी) ने ईरानी सेना को चिप निर्माण उपकरण प्रदान किए थे और एक चीनी वाणिज्यिक उपग्रह कंपनी ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तस्वीरें जारी की थीं।
पाकिस्तान कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा
पाकिस्तान शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने वाला है, जिसका उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में तनाव को बढ़ने से रोकना है।
अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए एक सशर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्धविराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच एक बैठक होनी है।
दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल के बातचीत में हिस्सा लेने के लिए बृहस्पतिवार रात तक इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने तेहरान के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इजराइल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के कारण उनके देश में शांति वार्ता को लेकर ‘‘संदेह’’ बना हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘राजनयिक पहल को नाकाम करने के लिए इजराइली शासन द्वारा बार-बार युद्धविराम के उल्लंघन के कारण ईरान के लोगों में संशय के बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर, ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है, ताकि ईरान द्वारा प्रस्तावित 10 बिंदुओं पर वार्ता की जा सके।’’
लेबनान में हिजबुल्ला पर इजराइल के हमलों का कड़ा जवाब दिया जायेगा: ईरान
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि यदि लेबनान में हिजबुल्ला पर इजराइल के हमले जारी रहे तो इसके ‘‘स्पष्ट नतीजे सामने आयेंगे और कड़ा जवाब दिया जायेगा।’’
कालिबाफ ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में यह चेतावनी दी। उन्होंने अन्य ईरानी अधिकारियों की तरह इस बात पर जोर दिया कि दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान में भी लागू होता है, जिसे इजराइल और अमेरिका दोनों ने नकार दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘युद्धविराम उल्लंघन का स्पष्ट और कड़ा जवाब दिया जायेगा।’’
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