दुनिया की खबरें: अमेरिकी शर्तें मानने पर होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार ईरान, रूस-यूक्रेन के अलर्ट ऐप्स पर बड़ा साइबर हमला
बाघेई ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान की 'वैध' मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो होर्मुज स्ट्रेट को दो दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान की 'वैध' मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो होर्मुज स्ट्रेट को दो दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।
तेहरान में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाघेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए होने वाली किसी भी अप्रत्यक्ष बातचीत का आधार वही सात-दिवसीय योजना है, जिसे ईरान ने सितंबर में प्रस्तावित किया था।
उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सकारात्मक मंशा दिखाते हुए इस योजना के क्रियान्वयन की अवधि अब सात दिन से घटाकर दो दिन कर दी है।
बाघेई ने कहा, "हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि ईरान की मांगें पूरी की जाती हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा बहाल करना और कम समय में बातचीत की प्रक्रिया शुरू करना संभव होगा।"
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, यह पूरी तरह अमेरिका के फैसले पर निर्भर करता है। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने मांगों को 'स्पष्ट, उचित और तार्किक' तरीके से रखा है।
उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं करता और तेहरान की 'वैध' मांगों को नहीं मानता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा और न ही होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला या सुरक्षित बनाया जाएगा।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने इस्तीफा दिया, राजा फिलिप ने अभी फैसला नहीं किया
ल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने लंबे समय से जारी बजट संकट के गहराने के बीच सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया, लेकिन राजा फिलिप ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वह उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे या नहीं।
रूढ़िवादी फ्लेमिश समुदाय के राष्ट्रवादी नेता डी वेवर ने भारी कर्ज से जूझ रहे बेल्जियम की बजट संबंधी समस्याओं से निपटने के संकल्प के साथ पदभार संभाला था, लेकिन वह अपनी योजनाओं के लिए पांच दलों वाली गठबंधन सरकार के अन्य सदस्यों का समर्थन हासिल करने में नाकाम रहे।
बेल्जियम के रॉयल पैलेस ने पुष्टि की कि डी वेवर ने ‘अपनी सरकार के भीतर बजट वार्ता विफल होने के बाद’ इस्तीफा दे दिया है।
राष्ट्रीय सरकारों के गठन की प्रक्रिया की निगरानी करने वाले राजा ने इसे स्वीकार करने या नहीं करने के बारे में अभी ‘फैसला नहीं लिया’ है।
महल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘राजा इस बात पर खेद जताते हैं कि ऐसा कोई समझौता नहीं हो सका, जिससे देश को एक विश्वसनीय बजट मिल पाता और वह मौजूदा चुनौतियों से निपट पाता।’’ यह बयान दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद जारी किया गया।
राजा फिलिप मंगलवार से विभिन्न दलों के संसदीय समूहों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद वह शुक्रवार को डी वेवर से महल में फिर मुलाकात करेंगे।
रूस, यूक्रेन ने अपने-अपने आपातकालीन अलर्ट ऐप पर साइबर हमले का दावा किया
यूक्रेन और रूस के अधिकारियों ने दावा किया कि रविवार देर रात दोनों देशों के आपातकालीन अलर्ट मोबाइल ऐप्लीकेशन पर साइबर हमले किए गए। इस दौरान, यूक्रेन में लोगों को राजधानी कीव में परमाणु विकिरण का स्तर बहुत अधिक होने के फर्जी संदेश मिले।
यूक्रेन में हवाई हमले के अलर्ट देने वाले चैनल ने रविवार देर रात ‘टेलीग्राम’ पर एक पोस्ट में कहा कि कुछ “अनधिकृत लोगों” ने मैसेजिंग ऐप के संचालन में हस्तक्षेप किया है, जिसके बाद इसे अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। उसने उपयोगकर्ताओं को “संदिग्ध नोटिफिकेशन” में दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी।
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रातभर में ऐप को बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के लोग रूस के रोजाना होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए इस ऐप पर मिलने वाले अलर्ट पर भरोसा करते हैं।
फ्रांस में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार तीसरे सप्ताह प्रदर्शन
फ्रांस में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर शनिवार को लगातार तीसरे सप्ताह लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। जर्मनी और पुर्तगाल सहित यूरोप के अन्य देशों में भी युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन किए गए।
फ्रांस में ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। हैलोवीन के मौके पर लोगों ने अलग-अलग तरह की वेशभूषा पहनकर अपना विरोध जताया। हालांकि, पेरिस और अन्य शहरों में कुछ जगहों पर प्रदर्शन समाप्त होने के दौरान आगजनी की घटनाओं के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने अराजकता की आशंका जताते हुए चेतावनी दी थी, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा बलों के करीब 70 हजार जवानों को तैनात किया गया।
दुकानों, सरकारी इमारतों और शहर के मध्य स्थित पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के मद्देनजर पेरिस में प्रदर्शनकारियों के मार्च का मार्ग बदलकर राजधानी के बाहरी हिस्से की ओर कर दिया गया।
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