दुनिया की खबरें: दुबई एयरपोर्ट के पास गिरा ईरानी ड्रोन और मिडिल-ईस्ट में जहाज पर हमले में 2 भारतीयों की मौत

दुबई मीडिया कार्यालय के अनुसार कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्‍सबी) के आसपास कुछ समय पहले दो ड्रोन हमले कि‍ए गए। इन हमलों में दो घानाई नागरिक और एक बांग्लादेशी नागरिक घायल हुए, जबकि एक भारतीय नागरिक को थोड़ी चोटें आई हैं।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

ईरान ने बुधवार को एक बार फ‍िर दुबई पर ड्रोन से हमला क‍िया। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने से घाना के दो नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय घायल हो गए।

दुबई मीडिया कार्यालय के आध‍िकार‍िक सोशल मीड‍िया अकाउंट 'एक्‍स' पर जारी पोस्‍ट के अनुसार, "प्राधिकरणों ने पुष्टि की है कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्‍सबी) के आसपास कुछ समय पहले दो ड्रोन हमले कि‍ए गए। इन हमलों में दो घानाई नागरिक और एक बांग्लादेशी नागरिक घायल हुए, जबकि एक भारतीय नागरिक को थोड़ी चोटें आई हैं। हवाई यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।"

बुधवार को यूएई के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की थी कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहे हैं। मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षा और सतर्कता के निर्देशों का पालन करने का आग्रह भी किया।

यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, "यूएई का हवाई रक्षा बल वर्तमान में ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है। जो आवाजें सुनी गई हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइल और ड्रोन को रोकने की थीं। जनता से अनुरोध है कि सुरक्षा और सतर्कता के निर्देशों का पालन करें।"

यूएई में ईरान के मिसाइल हमले संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में किए गए हैं, जो 28 फरवरी से जारी हैं।

इससे पहले मंगलवार को यूएई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके हवाई रक्षा बलों ने नौ बैलिस्टिक मिसाइलें डिटेक्ट कीं, जिनमें से आठ को नष्ट किया गया, जबकि एक मिसाइल समुद्र में गिर गई।

मिडिल-ईस्ट में जहाज पर हमले में दो भारतीयों की मौत, एक लापता: विदेश मंत्रालय

मिडिल-ईस्ट में व्यापारी जहाज पर हुए हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक लापता बताया जा रहा है। इसकी पुष्टि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में की।

रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस दुखद घटना के अलावा इजरायल और दुबई में भी भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव जानकारी और मदद मुहैया कराई जा रही है।

जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों के कल्याण और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

खाड़ी क्षेत्र के तनावपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक व्यापारी जहाज को निशाना बनाया गया था। इस हमले में जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। लापता व्यक्ति की तलाश भारतीय नौसेना और संबंधित देशों का बचाव दल कर रहा है, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण रेस्क्यू ऑपरेशंस में काफी बाधाएं आ रही हैं।

जायसवाल ने बताया कि ईरान को लेकर भी भारत चिंतित है क्योंकि वहां पर हमारे नौ हजार लोग फंसे हैं। कुछ ने पहले हमारी एडवाइजरी पर ध्यान दिया और स्वदेश लौटे लेकिन कई अभी भी वही हैं और उनसे दूतावास संपर्क साध रहा है। लोग ईरान के अलग-अलग हिस्सों में हैं, जिनसे दूतावास संपर्क साध रहा है। कुछ लोगों ने जमीन मार्ग से बॉर्डर क्रॉस करने की इच्छा जताई है। वो लोग यहां से पड़ोसी देशों अर्मेनिया और अजरबैजान पर पहुंच कर फ्लाइट्स लेना चाहते हैं।


लेबनान: इजरायली हमले में अब तक 570 लोगों ने गंवाई जान

लेबनान में इजरायल की ओर से हमले जारी हैं। हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी इस अभियान की शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते से हुई जिसमें बुधवार तक 570 लोगों की जान चली गई है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक आंकड़ा जारी किया, जिसके अनुसार हिंसा शुरू होने के बाद से अब तक कुल 570 लोगों की मौत हो चुकी है।

मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में ही 84 लोग हमलों और हवाई हमलों में मारे गए। इसके साथ ही घायलों की संख्या बढ़कर 1,444 हो गई है, जिनमें से 131 लोग मंगलवार को घायल हुए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मृतकों में लेबनानी रेड क्रॉस के एक पैरामेडिक यूसुफ अस्साफ भी शामिल हैं। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है।

दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन शहर में एक अभियान के दौरान उनकी एम्बुलेंस पर हमला किया गया था। यह हमला दो दिन पहले हुआ था; बुधवार की सुबह उनकी मौत हो गई।

यह घटना हिंसा के बीच चिकित्सा कार्यकर्ताओं के जोखिम को उजागर करती है, जहां पिछले साल संघर्ष तेज होने के बाद से लेबनान में 100 से अधिक ऐसे कर्मचारी मारे जा चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि संघर्ष के दौरान चिकित्सा कर्मियों और राहत कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया जाए।

होर्मुज स्ट्रेट में थाईलैंड के मालवाहक जहाज पर हमला, 20 क्रू सदस्यों को बचाया गया

मिडिल-ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बुधवार को थाईलैंड के एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। रॉयल थाई नेवी ने तस्वीरें जारी करते हुए बताया है कि 20 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया है।

तस्वीरों में थाई-रजिस्टर्ड मयूरी नारी से भारी काला धुआं निकलता हुआ दिख रहा है, और पानी में लाइफ राफ्ट तैरते देखे जा सकते हैं। नेवी ने एक बयान में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में खलीफा पोर्ट से निकलने के बाद जहाज पर "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय हमला हुआ"।

उन्होंने आगे कहा, "हमले की खास जानकारी और कारण की अभी जांच की जा रही है।" ओमानी नेवी ने 20 नाविकों को बचाया था और "बाकी तीन क्रू मेंबर्स को बचाने की कोशिशें अभी चल रही हैं।"

मैरीटाइम एजेंसियों और सिक्योरिटी सूत्रों के अनुसार, जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ओमान के पास चल रहे इस जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद थाई बचाव अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक थाई झंडे वाला बल्क कैरियर मयूरी नारी ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील (करीब 18 किमी) दूर यात्रा कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।

उन्होंने कहा कि यह कैरियर 178 मीटर लंबा है और इसका वजन 30,000 टन है, और यह भारत में कांडला जा रहा था। थाई नेवी ने कहा कि इसका मालिकाना हक थाई ट्रांसपोर्ट कंपनी, प्रेशियस शिपिंग के पास है।

ईरान ने अपने तेल एक्सपोर्ट करने वाले पड़ोसियों पर हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग को खतरा है और ग्लोबल एनर्जी इकॉनमी संकट में पड़ गई है।


हम खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों से सहमत नहीं: चीन

चीन ने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को गलत बताया है। कहा है कि इसकी चपेट में आम लोग और गैर-सैन्य स्थल आ रहे हैं जो ठीक नहीं है इसलिए हम इससे असहमत हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।

प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि नागरिकों और जरूरी इमारतों को निशाना बनाना गलत है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि चीन ने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया।

तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद से ईरान अपने पड़ोसियों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बना रहा है। इस हमले में कई गैर-सैन्य स्थलों पर भी ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिनकी जद में आने से कई लोग घायल हुए हैं या उनकी जान जा रही है।

इस बीच, ईरान ने कहा है कि वह देश में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। उसके मुताबिक ये उसके एक बैंक पर हुए हमले का जवाब होगा।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है। उनका यह बयान स्टेट मीडिया ने प्रसारित किया।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। आईआरजीसी ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर की दूरी बनाकर रखें।

अमेरिका-इजरायल और ईरान सैन्य संघर्ष के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है।

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