दुनिया की खबरें: 'रूस के अहम सैन्य और तेल ठिकानों को बनाया निशाना', यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा
जेलेंस्की ने लिखा, ''शुक्रवार को यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के किरोव में स्थित उसके एक अहम सैन्य उद्यम पर हमला किया। यह कंपनी रूसी सेना के विमानों और मिसाइल सिस्टम के लिए जरूरी पुर्जे बनाती है, जिनका इस्तेमाल हमारे शहरों और बस्तियों पर बड़े पैमाने पर होने वाले हमलों में किया जाता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को रूस के अहम सैन्य उद्यम और तेल से जुड़े ठिकानों पर हमले का दावा किया। जेलेंस्की के मुताबिक, इन हमलों से रूस की सैन्य आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''शुक्रवार को यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के किरोव में स्थित उसके एक अहम सैन्य उद्यम पर हमला किया। यह कंपनी रूसी सेना के विमानों और मिसाइल सिस्टम के लिए जरूरी पुर्जे बनाती है, जिनका इस्तेमाल हमारे शहरों और बस्तियों पर बड़े पैमाने पर होने वाले हमलों में किया जाता है। मैं हमारे जवानों की सटीक कार्रवाई के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। हमारी यह जवाबी कार्रवाई पूरी तरह जायज है।''
जेलेंस्की ने कहा कि हमारे लॉन्ग-रेंज बैन का असर भी करीब 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल सुविधा पर साफ दिखाई दिया। इसके अलावा भी कई सफल हमले किए गए। सबसे अहम बात यह है कि रूसी सेना तक ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और अन्य सैन्य सामान पहुंचाने वाली उनकी सप्लाई चेन के खिलाफ हमारा अभियान अभी भी जारी है। मैं हमारी सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा की हर उस यूनिट का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इन सफलताओं को संभव बनाया।
दरअसल, दोनों ओर से हमलों का जवाब दिया जा रहा है। रूस भी लगातार यूक्रेन पर हमलावर बना हुआ है।
गुरुवार को ही पावलोहराद में रूसी सेना के हवाई हमलों से एक औद्योगिक परिसर पर तीन लोगों की मौत हो गई थी। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस बार-बार रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन का इस्तीफा, तय समय से दो साल पहले छोड़ दिया पद
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को पद से इस्तीफा दे दिया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, संसद के स्पीकर ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया।
शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति का पद संभाला था। वह जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के बाद देश के इकलौते ऐसे बड़े संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो अपने पद पर बने हुए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने तय समय से करीब दो साल पहले ही इस्तीफा दे दिया।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' से बात करते हुए शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। मैं कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं। फिलहाल, मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है।
'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शहाबुद्दीन के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब यह रिपोर्ट सामने आई कि इस साल मई में इलाज के लिए लंदन जाने के दौरान उन्होंने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति से इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
हालांकि, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सिर्फ यही फोन कॉल इस्तीफे की वजह नहीं थी। उनके मुताबिक, पूरा मामला इससे कहीं ज्यादा जटिल है।
उत्तरी वेस्ट बैंक में आतंकी हमला, नेतन्याहू ने आईडीएफ को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उत्तरी वेस्ट बैंक में हुए आतंकी हमलों के बाद सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आतंकियों, उन्हें मदद पहुंचाने वालों और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आईडीएफ को कई कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
'द गार्जियन' की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को उत्तरी वेस्ट बैंक में हुई गोलीबारी में चार फिलिस्तीनी और एक इजरायली सेटलर मारे गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नाब्लस के पास फिलिस्तीनी गांव 'टेल' में हुई यह गंभीर घटना इस साल वेस्ट बैंक में हुआ सबसे घातक हमला है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''हम आतंक का हर जगह पीछा करेंगे। हम आतंकियों तक, उन्हें भेजने वालों तक और उनकी हर तरह से मदद करने वालों तक पहुंचेंगे और उनसे पूरा हिसाब लेंगे। पिछले दिन में हुए आतंकी हमलों के बाद, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और मैंने सुरक्षा कैबिनेट के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों से चर्चा के बाद आईडीएफ (इजरायली डिफेंस फोर्स) को आतंकवाद के खिलाफ कई कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।''
नेतन्याहू ने कहा कि शुक्रवार सुबह टेल गांव के पास हमला करने वाले आतंकी के घर को गिराया गया। जिन गांवों को आतंकियों का गढ़ माना जाता है, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें हथियार जब्त करना और काम करने के परमिट रद्द करना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि पूरे यहूदिया और सामरिया क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग रास्तों पर आवाजाही की व्यवस्था की जाएगी और चेकपोस्ट लगाए जाएंगे। नेतन्याहू ने बताया कि खेती वाले फार्मों को नियमित मान्यता देने और नए फार्म बसाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं दिल से मेल्ट परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, जिनके बेटे की शुक्रवार सुबह हुए इस बेहद दर्दनाक आतंकी हमले में मौत हो गई। मैं घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं और सुरक्षा बलों तथा उन बसने वालों का हौसला बढ़ाता हूं जो आतंकवाद के खिलाफ साहस और दृढ़ता से डटे हुए हैं।''
इराक के एरबिल में बड़ा हमला नाकाम, एयरपोर्ट के पास पांच ड्रोन मार गिराए गए
उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास पांच ड्रोन मार गिराए गए, जबकि छठा ड्रोन पास के एक खेती वाले इलाके में गिर गया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कुल छह ड्रोन ने इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल को निशाना बनाया। इनमें से पांच ड्रोन हवाई अड्डे के पास ही मार गिराए गए, जबकि छठा ड्रोन खेतों में गिरने से फसलों और घास में आग लग गई। आग बुझाने के लिए सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
पिछले कुछ दिनों में एरबिल पर कई बार ड्रोन हमले हुए हैं। माना जा रहा है कि इन हमलों का निशाना एरबिल में मौजूद अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और हवाई अड्डे के पास स्थित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का सैन्य अड्डा थे।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है। सुरक्षा सूत्र के अनुसार, मंगलवार शाम एरबिल स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की एयर डिफेंस प्रणाली ने दूतावास की ओर बढ़ रहे चार ड्रोन मार गिराए।
एक कुर्द सुरक्षा अधिकारी ने सिन्हुआ को बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने चारों ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
मंगलवार को एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक अहमद होश्यार ने बताया कि शहर पर लगातार हो रहे ड्रोन हमलों की वजह से कुछ समय के लिए उड़ानों को रोक दिया गया था। हालांकि, थोड़ी देर बाद हवाई अड्डे का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया।
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