दुनिया की खबरें: युद्ध में अब तक यूक्रेन के करीब 55 हजार सैनिक मारे गए और बांग्लादेश में हेल्थकेयर संकट बढ़ा
जेलेंस्की ने बुधवार रात को एक फ्रांसीसी चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘ करीब चार साल पहले रूस के आक्रमण के बाद से अबतक यूक्रेन के 55,000 सैनिक मारे गए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें यूक्रेन लापता मानता है।’’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुलासा किया कि करीब चार साल से रूस के साथ जारी युद्ध में अबतक उनके 55 हजार सैनिक मारे गए हैं। इस बीच, करीब चाल साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों ने अमेरिका की मध्यस्थता में बृहस्पतिवार को अबू धाबी में लगातार दूसरे दिन बातचीत की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब रूस ने यूक्रेन के बिजली नेटवर्क को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है ताकि नागरिकों को बिजली से वंचित कर उनके मनोबल को तोड़ा जा सके। इस समय दोनों देशों के बीच यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में करीब 1,000 किलोमीटर (600 मील) लंबी अग्रिम पंक्ति पर लड़ाई जारी है।
जेलेंस्की ने बुधवार रात को एक फ्रांसीसी चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘ करीब चार साल पहले रूस के आक्रमण के बाद से अबतक यूक्रेन के 55,000 सैनिक मारे गए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें यूक्रेन लापता मानता है।’’
बांग्लादेश में हमले बढ़ने, राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आने को लेकर हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल
बांग्लादेश में हाल के महीनों में हिंदुओं पर हुए हमले को मानवाधिकार समूह और हिंदू नेता 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले बढ़ते ध्रुवीकरण और इस्लाम समर्थकों के पुनरुत्थान के तौर पर देख रहे हैं।
कपड़े की एक फैक्टरी में काम करने वाले दीपू चंद्र दास (27) पर दिसंबर में कई मुस्लिम सहकर्मियों ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद हिंसक भीड़ उसके कार्यस्थल पर उमड़ पड़ी और पीटकर हत्या कर दी। उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई।
पूरे देश में, अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों ने घटना के रिकॉर्ड किये गए दृश्यों को अपने मोबाइल फोन पर देखा और सहम गए। इस घटना को लेकर, ढाका और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, प्रदर्शनकारियों ने न्याय और अधिक सुरक्षा की मांग की। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने जांच के आदेश दिए और पुलिस ने कहा कि लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, मानवाधिकार समूहों और हिंदू नेताओं का कहना है कि यह हत्या कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों में आई व्यापक वृद्धि का हिस्सा है, जिसे बढ़ते ध्रुवीकरण और इस्लामी कट्टरपंथियों के पुनरुत्थान ने हवा दी है। मुस्लिम बहुल देश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव के मद्देनजर हिंदुओं में भय और भी गहरा गया है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी लगभग 1.31 करोड़ है, जो देश की 17 करोड़ आबादी का लगभग आठ प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम आबादी 91 प्रतिशत है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक संगठन है।
पाकिस्तान: बलूचिस्तान में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं छठे दिन भी रहीं निलंबित
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा और कुछ अन्य इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं लगातार छठे दिन भी निलंबित रहीं, हालांकि ट्रेन सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को बताया कि आतंकवाद-रोधी अभियानों के बाद सुरक्षा हालात में कुछ हद तक सुधार आया है, लेकिन इंटरनेट सेवाएं अब भी प्रभावित हैं।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन से बात करते हुए बलूचिस्तान के अतिरिक्त मुख्य सचिव हमजा शफकात ने कहा कि क्वेटा में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी बंद हैं, लेकिन उम्मीद है कि इन्हें रात 12 बजे तक बहाल कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, नुश्की, सिबी और मस्तूंग जिलों में भी मोबाइल डेटा सेवाएं बाधित रहीं। वहीं, पहले से जारी सुरक्षा चिंताओं के चलते पांजगुर, कलात, खुजदार, अवारान और तुर्बत में अलग-अलग अवधि के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई थीं।
इस बीच, पाकिस्तान रेलवे के क्वेटा डिवीजन के प्रवक्ता मुहम्मद काशिफ ने बताया कि क्वेटा-पेशावर मार्ग पर जाफर एक्सप्रेस और कराची जाने वाली बोलन मेल, जो 31 जनवरी से निलंबित थीं, उन्हें बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, क्वेटा-चमन पैसेंजर ट्रेन की सेवाएं भी फिर से शुरू हो गई हैं।
बांग्लादेश: हेल्थकेयर संकट बढ़ा, रिपोर्ट में दावा 'एक अहम वजह औद्योगिक प्रदूषण'
बांग्लादेश में हेल्थकेयर पर संकट के बादल छाए हुए हैं। इसको बढ़ाने में औद्योगिक प्रदूषण अहम भूमिका निभा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और औद्योगिक प्रदूषण बांग्लादेश में स्वास्थ्य संकट बढ़ा रहे हैं।
आयरिश टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ग्लोबल सीओ2 उत्सर्जन का सिर्फ 0.3 प्रतिशत उत्सर्जन करने के बावजूद, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हवा की गुणवत्ता गिरी है और यही इसे दुनिया के उन शहरों में शुमार करती है जहां एक्यूआई बेहद खराब है।
इससे देश की राजधानी में अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, बांग्लादेश की जमीन नीची और समतल है। यही वजह है कि जलवायु परिवर्तन का भी नकारात्मक प्रभाव इस देश पर पड़ता है।
अभी इसकी आबादी लगभग 174 मिलियन (17 करोड़ 40 लाख) है, और एक हालिया यूएन रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक यह सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन सकता है।
ईरान की हिरासत में रहे 16 भारतीय नाविकों में से आठ रिहा: विदेश मंत्रालय
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा पिछले साल दिसंबर में जब्त किए गए तेल टैंकर एमटी वैलिएंट रोअर पर सवार 16 भारतीय नाविकों में से आठ को रिहाई की मंजूरी मिल गई है।
गुरुवार को नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बाकी आठ की रिहाई के लिए ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, "हमें कांसुलर एक्सेस मिला है। बंदर अब्बास में हमारा दूतावास, हमारे अधिकारी उनसे मिलने गए हैं। जैसा कि हमें ईरानी अधिकारियों ने बताया है, उन 16 में से आठ को रिहा कर दिया गया है। जैसे ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, वे घर लौट आएंगे। बाकी आठ नाविकों के संबंध में, हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। हम देखेंगे कि उन्हें जो भी जरूरत हो, उसमें सबसे अच्छा समर्थन कैसे दिया जाए।"
तेहरान में भारतीय दूतावास ने 17 जनवरी को जानकारी दी थी कि उन्हें दिसंबर मध्य में ईरानी अधिकारियों द्वारा जहाज एमटी वैलेंट रोर को कब्जे में लेने के बारे में सूचित किया गया था। इसमें भारतीय चालक दल के 16 सदस्य सवार थे। बयान के अनुसार, बंदर अब्बास में भारतीय दूतावास ने चालक दल तक कांसुलर एक्सेस के लिए ईरानी अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया था।
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