दुनिया की खबरें: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ‘खुली जंग’ जारी और क्या अमेरिका भी ईरान पर करेगा हमला?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों ने हताहतों की संख्या के बारे में एक-दूसरे से बिल्कुल विपरित दावे किए हैं और कहा है कि उन्होंने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि ‘‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है’’ और अब अफगानिस्तान के खिलाफ ‘‘खुली जंग’’ जारी है।
इस्लामाबाद ने दावा किया था कि अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार हमला किया गया है जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से हमले शुरू हो गए। इसके उपरांत आसिफ का यह बयान आया है।
रक्षा मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पाकिस्तान को आशा थी कि नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति कायम होगी और तालिबान अफगानिस्तान की जनता की भलाई तथा क्षेत्र में स्थिरता पर ध्यान देगा...।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। अब हमारे बीच खुली जंग की स्थिति है।’’
आसिफ की टिप्पणियों पर अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तानी अधिकारियों और अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, दक्षिण में कंधार और दक्षिण-पूर्व में पक्तिया प्रांत में हवाई हमले किए।
पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले अफगानिस्तान द्वारा किए गए सीमा पार हमलों के जवाब में थे। पड़ोसी देशों के बीच तेज हुए हमलों से कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम कमजोर पड़ता दिख रहा है।
दोनों देशों की सरकारों ने हताहतों की संख्या के बारे में एक-दूसरे से बिल्कुल विपरित दावे किए हैं और कहा है कि उन्होंने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने रात में बताया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें कुछ के शव अफगानिस्तान लाए गए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि “कई अन्य सैनिकों को पकड़ लिया गया।”
उसने कहा कि उसके आठ सैनिक मारे गए हैं और 11 घायल हुए। अफगान मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना की 19 चौकियों और दो सैन्य अड्डों को नुकसान पहुंचाया गया है।
उसने कहा कि यह संघर्ष बृहस्पतिवार को शुरू होने के करीब चार घंटे बाद, आधी रात के आसपास थम गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और तीन घायल हो गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ अली जैदी ने किसी पाकिस्तानी सैनिक के पकड़े जाने की बात से इनकार किया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान के कम से कम 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और नौ लड़ाकों को पकड़ लिया गया।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये लोग कहां हताहत हुए हैं, लेकिन कहा कि काबुल, पक्तिया और कंधार में सैन्य अड्डों पर किए गए हमलों में उन्होंने काफी नुकसान पहुंचाया है।
अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की गीदड़भभकी, 'हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे'
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भारी तनाव जारी है। दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान के पीएम का बयान सामने आया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना में हमलावर इरादे को धूल में मिलाने की पूरी काबिलियत है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान के लोग और सुरक्षा बल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पक्का इरादा कर लिया है कि वे किसी भी हालत में देश की शांति और सुरक्षा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। हमारी सेना में किसी भी हमलावर इरादे को धूल में मिलाने की पूरी काबिलियत है।"
पाकिस्तान के पीएम ने कहा, "सेना के प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के नेतृत्व में, पाकिस्तानी सुरक्षा बल जोश के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना व्यवसायिक क्षमता, उच्च प्रशिक्षण और असरदार डिफेंसिव रणनीति से लैस है और किसी भी अंदरूनी या बाहरी चुनौती से निपटने की पूरी काबिलियत रखती है। प्यारे वतन की रक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान ने हमेशा शांति को बढ़ावा दिया है। लेकिन, देश की अखंडता को कोई नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा और पाकिस्तान की सेना हर हमले का डटकर सामना करेगी। पूरा देश पाकिस्तान की सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।"
अमेरिका ने इजराइल स्थित अपने दूतावास के इच्छुक कर्मियों को देश छोड़ने को कहा
इजराइल स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को अपने कर्मचारियों से कहा कि वे देश छोड़ सकते हैं और इच्छुक कर्मियों से अपील की कि वे तुरंत अमल करें, क्योंकि ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा मंडरा रहा है।
अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने दूतावास के कर्मचारियों को एक ईमेल में बताया कि वाशिंगटन के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के परिणामस्वरूप इच्छुक कर्मियों को वापस जाने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है।
अमेरिका दूतावास में इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे भेजे गए इस ईमेल में देश छोड़ने पर विचार कर रहे कर्मचारियों से जल्द से जल्द ऐसा करने की अपील की गई है, और उन्हें सलाह दी गई है कि वे पहले इजराइल से निकलने के लिए किसी भी उड़ान पर ध्यान केंद्रित करें और फिर वाशिंगटन के लिए रवाना हों।
नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री ओली के बीच मुकाबला
नेपाल में पांच मार्च को होने वाले राष्ट्रव्यापी चुनावों में, प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे तीन प्रमुख उम्मीदवारों में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के युवा नेता गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली शामिल हैं।
यह चुनाव पिछले साल हुए ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के कारण के. पी. शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ होने के बाद हो रहा है। चुनाव में विजयी होने वाला उम्मीदवार देश का 16वां प्रधानमंत्री बनेगा, जो 2008 में राजशाही की समाप्ति के बाद से जारी राजनीतिक अस्थिरता को रेखांकित करता है।
पिछले साल नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शनों ने देश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर युवाओं की हताशा को उजागर किया, जहां लगभग 20 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। इस चुनाव के जरिये संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के सदस्यों को भी चुना जाना है।
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