दुनिया की खबरें: 9/11 हमले के 25 साल बाद भी फैसलों का दंश झेल रहा पाक, यूक्रेन युद्ध में 5 लाख से अधिक रूसी सैनिक ढेर

अमेरिका के लोग देश पर 11 सितंबर 2001 को हुए सबसे भयावह आतंकी हमले की 25वीं बरसी शुक्रवार को मना रहे हैं और उस सदमे, मारे गए लोगों और अमेरिका की ताकत और समृद्धि के प्रतीकों पर अलकायदा के हमलों के व्यापक नतीजों को याद कर रहे हैं।

फोटो: IANS
i

अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले को 25 साल हो चुके हैं। इस हमले में न्यूयॉर्क सिटी के ट्विन टावर्स को निशाना बनाया गया था, जो इस हमले में पूरी तरह तबाह हो गए थे और हजारों लोगों की जान चली गई थी।

इसके बाद दुनिया ने राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक बदलाव देखे। वैश्विक सुरक्षा नीतियां और कूटनीतिक संबंध पूरी तरह बदल गए, वहीं अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया।

हमले के कुछ ही हफ्तों बाद पाकिस्तान को अमेरिका के आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में 'फ्रंटलाइन सहयोगी' घोषित किया गया। उसके परमाणु परीक्षणों के बाद लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए और अरबों डॉलर की सहायता मिलने लगी।

कम समय में इससे पाकिस्तान का रणनीतिक महत्व बढ़ गया और उसकी कमजोर पड़ रही अर्थव्यवस्था को राहत मिली। माना जाता है कि अफगानिस्तान में सोवियत कब्जे के खिलाफ 1980 के दशक में चलाए गए गुप्त अभियान के बाद पाकिस्तान को इतनी बड़ी मात्रा में आर्थिक सहायता पहली बार मिली थी।

2001 से 2019 के बीच पाकिस्तान को अमेरिका से 34 अरब डॉलर से अधिक की सहायता मिलने की खबरें हैं, जिसका बड़ा हिस्सा आतंकवाद-रोधी सहयोग से जुड़ा था। इस दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका को रसद सहायता, खुफिया सहयोग और सैन्य ठिकानों तक पहुंच उपलब्ध कराई। इस तरह 9/11 हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया।

हालांकि, अपहरणकर्ताओं में कोई भी पाकिस्तानी नागरिक शामिल नहीं था, लेकिन 2003 में रावलपिंडी से आतंकवादी मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान का नाम अल-कायदा नेटवर्क से स्थायी रूप से जोड़ दिया।

इसके आठ साल बाद अल-कायदा के संस्थापक और 9/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन को अमेरिका की नेवी सील टीम ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक अभियान के दौरान मार गिराया।

बता दें कि उत्तरी पाकिस्तान का शांत शहर एबटाबाद, इस्लामाबाद से लगभग 80 किलोमीटर दूर है और अफगानिस्तान के तोरा बोरा क्षेत्र की उन गुफाओं से करीब 400 किलोमीटर दूर है, जिन्हें कभी ओसामा बिन लादेन का ठिकाना माना जाता था।

प्रतिबंध लगाने वाले देश खुद औद्योगिक गिरावट से जूझ रहे, ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पुतिन का पश्चिम पर निशाना

आज दुनिया बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां पुरानी आर्थिक ताकतों की जगह नए ग्रोथ इंजन ले रहे हैं। बिजनेस-टू-बिजनेस रिलेशन और आर्थिक साझेदारी ही वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और मौजूदा हालात में ब्रिक्स ने इन संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह बात शुक्रवार को आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कही।

पुतिन ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, "आज यहां पर सबकी मौजूदगी व्यवसायिक संपर्क और संबंधों को मजबूत करने को लेकर बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है। यह जाहिर है कि एक विश्वनीय बिजनेस-टू-बिजनेस रिलेशन और आर्थिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की रीढ़ है। बिक्स ने इन संबंधों को और मजबूत करने में मदद की है। इसके साथ ही दुनिया में जो मौजूदा हालात बने हुए हैं, उसमें भी ब्रिक्स ने काफी मदद की है।"

रूस के राष्ट्रपति ने कहा, "दुनिया में बड़े संरचनात्मक और गहरे बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि तथाकथित पुराने लीडर, जो 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक वृद्धि के अगुवा थे, उनकी जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं। जब मैं 'पुराना' कहता हूं तो यह सिर्फ औपचारिकता है, हम सब समझते हैं कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। इन तथाकथित पुराने लीडर्स के पास अभी बहुत मजबूत काबिलियत और अच्छा-खासा इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी फायदे, साइंटिफिक फायदे, साइंटिफिक स्कूल वगैरह हैं। यह इंसानियत और इकॉनमी का नेचर नहीं है। दुनिया हमेशा बदलती रहती है।"

पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंध का दबाव शुरू किया था, वे इंडस्ट्रियल गिरावट और बजट घाटे की समस्या का सामना कर रहे हैं। वे ऐसा नहीं कर सकते। उन्हें कुछ बहुत मुश्किल नतीजों का सामना करना पड़ रहा है।


ब्रिक्स देश सच्चे मायने में वैश्विक दक्षिण में अग्रसर हैं : चीनी विदेश मंत्रालय

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को नियमित प्रेस वार्ता में संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि ब्रिक्स वर्तमान विश्व में नवोदित बाजारों और विकाशील देशों की एकता और सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। स्थापना के बाद ब्रिक्स देश खुलपेन, समावेश, सहयोग और साझी जीत वाली ब्रिक्स भावना का पालन कर बहुपक्षवाद तथा न्याय व निष्पक्षता की सुरक्षा में लगे हुए हैं और समान विकास का अनुसरण करते हैं, जो सच्चे मायने में वैश्विक दक्षिण में अग्रसर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि चीन ब्रिक्स सहयोग को बड़ा महत्व देता है और सक्रियता से इसमें भाग लेता है। आने वाले शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग इसमें भाग लेकर महत्वपूर्ण भाषण देंगे, विभिन्न देशों के नेताओं के साथ वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति, ब्रिक्स तंत्र के विकास, व्यावहारिक सहयोग गहराने पर विचारों का गहन आदान-प्रदान करेंगे और चीनी पक्ष के अहम प्रस्ताव रखेंगे, जो बिग ब्रिक्स सहयोग के उच्च गुणवत्ता विकास का मार्गदर्शन करेगा। चीन अन्य ब्रिक्स देशों के साथ समान कोशिश कर बिग ब्रिक्स सहयोग के दीर्घकालिक तथा स्थिर विकास में शक्ति डालने और मानवता के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए ब्रिक्स का योगदान देने को तैयार है।

यूक्रेन में पांच लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे गये: ब्रिटेन के रक्षा प्रमुख

रूस की ओर से फरवरी 2022 में हमले शुरू होने के बाद से यूक्रेन में पांच लाख से अधिक रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं। ब्रिटेन के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ब्रिटेन के रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने कहा कि यूक्रेन में मारे गये लोग रूस के हताहत हुए 15 लाख लोगों में शामिल हैं।

ब्रिटेन के आंकड़े यूक्रेनी सेना द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से लगभग मेल खाते हैं। रूसी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

रूसी ड्रोन ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कीव में गैस स्टेशनों को निशाना बनाया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, आम नागरिकों को डराने-धमकाने के मकसद से मॉस्को ने अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ा दिया है।

हाल के महीनों में शहरी गैस स्टेशनों पर रूसी हमले काफी तेज हुए हैं, खासकर पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के अग्रिम मोर्चे के पास के इलाकों में। यूक्रेन के अनुसार, यह नागरिकों के जीवन को अस्त-व्यस्त करने और उनके मनोबल को तोड़ने के अभियान का एक हिस्सा है, जिसमें खाद्य वितरण केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है।

यूक्रेन अपनी हवाई रक्षा प्रणाली को सुधारने की कोशिश में लगा है। रूस का हमला अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, बृहस्पतिवार को यूक्रेन को कनाडा से अधिक सहायता का आश्वासन मिला।

दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस की वायु रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाने के लिए उसके काफी अंदर तक ड्रोन से हमले किए हैं।

यूक्रेन की सेना ने बृहस्पतिवार को साइबेरिया में 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित एक रिफाइनरी को निशाना बनाने की बात कही। वह रूस के महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उसके इन हमलों के कारण दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादकों में से एक रूस में ईंधन की किल्लत हो गई है।


यूक्रेन में गैस स्टेशनों पर रूसी ड्रोन का हमला

रूसी ड्रोन ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कीव में गैस स्टेशनों को निशाना बनाया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, आम नागरिकों को डराने-धमकाने के मकसद से मॉस्को ने अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ा दिया है।

शहरी गैस स्टेशनों पर रूसी हमले हाल के महीनों में काफी तेज हुए हैं, खासकर पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के अग्रिम मोर्चे (फ्रंट लाइन) के पास के इलाकों में। यूक्रेन के अनुसार यह नागरिकों के जीवन को अस्त-व्यस्त करने और उनके मनोबल को तोड़ने के अभियान का एक हिस्सा है, जिसमें खाद्य वितरण केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है।

यूक्रेन अपनी हवाई रक्षा प्रणाली को सुधारने की कोशिश में लगा है। रूस का हमला अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, बृहस्पतिवार को यूक्रेन को कनाडा से अधिक सहायता का आश्वासन मिला।

दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस की वायु रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाने के लिए उसके काफी अंदर तक ड्रोन से हमले किए हैं।

यूक्रेन की सेना ने बृहस्पतिवार को साइबेरिया में 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित एक रिफाइनरी को निशाना बनाने की बात कही। वह रूस के महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उसके इन हमलों के कारण दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादकों में से एक रूस में ईंधन की किल्लत हो गई है।

'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में रूस का पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और मॉस्को अब दक्षिण कोरिया व भारत से ईंधन का आयात कर रहा है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए