दुनिया की खबरें: ईरान पर हमले की तैयारी पूरी! और क्यों बढ़ रही है अमेरिका में महंगाई?
अमेरिका ने हिंद महासागर में घातक यूएसएस अब्राहम लिंकन को उतारा है, जो ईरान के करीब पहुंच रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर से बड़े स्ट्राइक की धमकी दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस बार का हमला पिछली बार से भी बड़ा होगा। अमेरिका ने हिंद महासागर में घातक यूएसएस अब्राहम लिंकन को उतारा है, जो ईरान के करीब पहुंच रहा है।
अमेरिकी मीडिया ने बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को हिंद महासागर में दाखिल हुआ और ईरान के करीब जा रहा है। यह ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित ऑपरेशन में मदद कर सकता है, चाहे वह हमलों में मदद करना हो या ईरान के संभावित जवाबी हमले से क्षेत्रीय सहयोगियों की रक्षा करना हो।
अमेरिकी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान इस महीने की शुरुआत में मैसेज का लेन-देन कर रहे थे, जिसमें ओमानी डिप्लोमैट्स के जरिए और ट्रंप के विदेशी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच मैसेज का लेन-देन शामिल था।
इस बातचीत में अमेरिकी हमले को रोकने के लिए एक संभावित मीटिंग के बारे में बात हो रही थी। दरअसल, यह उस अमेरिकी हमले की बात हो रही है, जिसकी धमकी ट्रंप प्रदर्शनकारियों की मौत के जवाब में दे रहे थे। ट्रंप ने हाल के दिनों में सैन्य कार्रवाई की अपनी धमकियां बढ़ा दी हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यूएस की सेना इस इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम भेज रही है, जिसमें एक्स्ट्रा पैट्रियट बैटरी भी शामिल हैं, ताकि वहां मौजूद यूएस फोर्स को ईरान के संभावित जवाबी हमले से बचाया जा सके। अमेरिकी मीडिया ने कई सोर्स के हवाले से बताया कि अमेरिका इस इलाके में एक या ज्यादा थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी तैनात किया है।
क्यों बढ़ रही है अमेरिका में महंगाई? फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने बताई असली वजह
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि अमेरिका में बढ़ती महंगाई की मुख्य वजह लोगों की ज्यादा मांग नहीं, बल्कि आयातित सामान पर लगाए गए टैरिफ हैं। उनका यह आकलन ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं अमेरिकी व्यापार नीति और उसके वैश्विक असर पर नजर बनाए हुए हैं।
बुधवार (स्थानीय समय) को पॉवेल ने कहा, "महंगाई के ये ऊंचे आंकड़े ज्यादातर वस्तु क्षेत्र में बढ़ी कीमतों को दिखाते हैं और यह बढ़ोतरी टैरिफ के असर से हुई है।" उन्होंने यह भी कहा कि सेवाओं के क्षेत्र में कीमतों का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
इसी बैठक में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएससी) ने ब्याज दरों को फिलहाल 3.5 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में ही बनाए रखने का फैसला किया। पॉवेल ने कहा कि मौजूदा नीति उचित है, क्योंकि महंगाई अभी भी फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
पॉवेल के मुताबिक, टैरिफ का ज्यादातर असर अब अर्थव्यवस्था में दिख चुका है। उन्होंने कहा, "इसका बड़ा हिस्सा गुजर चुका है। टैरिफ आम तौर पर एक बार की कीमत बढ़ोतरी की तरह होते हैं। टैरिफ से जुड़ी महंगाई धीरे-धीरे उच्चतम स्तर पर पहुंचकर बाद में कम हो सकती है।
उन्होंने बताया कि जहां व्यापार उपायों के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं, वहीं सेवाओं में एक अलग रुझान दिख रहा है। सेवाओं के क्षेत्र में महंगाई में कमी का सिलसिला जारी है।
महंगाई के आंकड़ों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि दिसंबर तक के 12 महीनों में कोर पीसीई (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) महंगाई 3.0 प्रतिशत रही, जबकि कुल पीसीई महंगाई 2.9 प्रतिशत दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों और बाजारों की महंगाई को लेकर उम्मीदें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं और ज्यादातर दीर्घकालिक अनुमान फेड के 2 प्रतिशत लक्ष्य के अनुरूप हैं।
ईरान के मुद्दे पर संयम बरतें, बातचीत की गुंजाइश अब भी बनी हुई हैं : रूस
रूस ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की अब भी गुंजाइश है। साथ ही चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अस्थिर होगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘हम सभी पक्षों से इस मुद्दे को सुलझाने में संयम बरतने और किसी भी प्रकार के बल प्रयोग का त्याग करने का आह्वान करते हैं।’’
ट्रंप ने बुधवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते हुए घोषणा की कि अमेरिकी सेना का ‘विशाल बेड़ा’ फारस की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने वाले समझौते पर सहमत होने के लिए ‘‘समय समाप्त हो रहा है’’।
थाईलैड में वायुसेना का प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों की मौत
थाईलैंड के उत्तरी शहर चियांग माई में एक प्रशिक्षण मिशन के दौरान विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से बृहस्पतिवार को वायुसेना के दो पायलटों की मौत हो गई। सेना ने यह जानकारी दी।
प्रवक्ता एयर मार्शल जैक्रिट थम्माविचाई ने बताया कि एटी-6टीएच वूल्वरिन हल्का हमलावर और टोही विमान चियांग माई हवाई अड्डे से लगभग 60 किलोमीटर दूर चोम थोंग जिले में एक सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दो सीट वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच की जा रही है।
थाईलैंड ने हाल में लड़ाकू-प्रशिक्षण विमान खरीदा है, जिसका निर्माण अमेरिका में टेक्सट्रॉन एविएशन की एक सहायक कंपनी बीचक्राफ्ट द्वारा किया गया है।