दुनिया की खबरें: सऊदी अरब ने कहा- इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से दागे ड्रोन मार गिराये और नाइजीरिया फिर दहला

सऊदी रक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया पर यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान ने कई हफ्तों से जारी तनाव और हमलों के बाद सप्ताहांत में अपने हमले रोक दिए थे।

फोटो: सोशल मीडिया
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सऊदी अरब ने कहा है कि उसने ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया द्वारा दागे गए ड्रोन मार गिराये हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया पर यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान ने कई हफ्तों से जारी तनाव और हमलों के बाद सप्ताहांत में अपने हमले रोक दिए थे।

बयान में कहा गया है कि इन ड्रोन का निशाना पूर्वी सऊदी अरब स्थित पेट्रोलियम प्रतिष्ठान और राजधानी रियाद थे।

उत्तरी नाइजीरिया में बंदूकधारियों के हमले में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

नाइजीरिया के उत्तरी राज्य कडुना में रविवार देर रात अज्ञात बंदूकधारियों ने एक समुदाय पर हमला किया, जिसमें बच्चों समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हमले की पुष्टि स्थानीय मीडिया ने सोमवार को करते हुए घटना की पूरी जानकारी दी।

नाइजीरिया के अखबार 'द पंच न्यूजपेपर्स' के अनुसार, कौरू लोकल गवर्नमेंट एरिया के नारिडोन समुदाय में बंदूकधारियों ने गोलीबारी की और घरों के साथ ही दुकानों में भी आग लगा दी, जिससे कई निवासी घायल हो गए। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर है।

अखबार ने कम्युनिटी लीडर्स के हवाले से बताया कि हमला रविवार को स्थानीय समयानुसार रात लगभग 11:00 बजे (22:00 जीएमटी) शुरू हुआ। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में घायल कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

इस हमले में स्थानीय निवासी डोगोन राना का घर भी नष्ट कर दिया गया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि बंदूकधारियों ने दूरदराज के समुदाय को घेर लिया और अंधाधुंध हमला किया। हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

कडुना राज्य में हाल के वर्षों में हिंसक हमलों की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें सांप्रदायिक झड़पें भी शामिल हैं।

इस बीच, स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नाइजीरिया के दक्षिणी राज्य अनाम्ब्रा में रविवार देर रात तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है।


ट्रंप से मिलने रवाना हुए नेतन्याहू, बोले- इजरायल की सुरक्षा और शांति का दायरा बढ़ाना रहेगी पहली प्राथमिकता

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को अमेर‍िका की यात्रा के ल‍िए रवाना हुए। वहां उनकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अहम बैठक होगी। न‍िकलने से पहले उन्‍होंने बताया क‍ि इस बैठक में ईरान समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी और उनका मुख्य लक्ष्य इजरायल की सुरक्षा को और मजबूत करना तथा शांति के दायरे का विस्तार करना है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं अभी हमारे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए रवाना हो रहा हूं। उनके दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद यह हमारी आठवीं मुलाकात होगी। किसी भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय नेता की तुलना में मेरी उनसे सबसे ज्‍यादा मुलाकातें हुई हैं। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है, लेकिन साथ ही एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।''

नेतन्याहू ने कहा क‍ि हमारी बैठक में उन सभी अहम मुद्दों पर बात होगी जो इस समय सामने हैं, जिनमें ईरान सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उसकी ताकत को और मजबूत करना और शांति के दायरे को और आगे बढ़ाना।

उन्‍होंने बताया क‍ि मैं इस मिशन पर पूरे समर्पण के साथ जा रहा हूं, ताकि इजरायल की सुरक्षा, उसकी ताकत और उसके भविष्य को और मजबूत बनाया जा सके।

नेतन्याहू ने कहा क‍ि इस दौरे पर मैं अपने और इजरायल के सच्चे दोस्त, सीनेटर लिंडसे ग्राहम को भी अंतिम श्रद्धांजलि दूंगा। वे हर दौर में इजरायल के सबसे बड़े समर्थकों में से एक रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा करके मैं सभी इजरायली नागरिकों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। ईश्वर की कृपा से हम अपना काम भी करेंगे और सफल भी होंगे। अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का बीमारी की वजह से 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।

जेलेंस्‍की का दावा-ब‍िना अभ्‍यास लोगों को युद्ध के मैदान में भेजने की तैयारी में हैं पुत‍िन; बड़ी संख्‍या में जाएंगी जानें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा क‍िया क‍ि रूसी राष्‍ट्रपत‍ि व्लादिमीर पुत‍िन जल्‍द ही एक बड़ी सैन्‍य भर्ती करने वाले हैं। लोगों के व‍िरोध के बाद भी पुत‍िन बड़ी संख्‍या में लोगों को सीधे युद्ध के मैदान में भेजने वाले हैं। अगर वो ऐसा करने में काम‍याब होते हैं तो बड़ी संख्‍या में लोगों की जान जाएगी।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''पुतिन इस युद्ध को रोकने के लिए तैयार नहीं हैं। हमारी खुफिया जानकारी के मुताबिक, वह नई सैन्य भर्ती (मोबिलाइजेशन) की तैयारी कर रहे हैं। उनका इरादा है कि 21 सितंबर को होने वाले ड्यूमा चुनावों के बाद यह कदम उठाया जाए। वह सैनिकों की भर्ती बढ़ाना चाहते हैं। वह इसे खुलकर नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें अपने ही लोगों की प्रतिक्रिया का डर है।

जेलेंस्‍की ने कहा क‍ि अगर हम उनकी सप्लाई, हथियार, पेट्रोल और डीजल की व्यवस्था में रुकावट नहीं डाल पाए और अगर हमारे सहयोगी उनके हमले के खिलाफ पूरी तरह से कड़े प्रतिबंध नहीं लगाते हैं तो वह अक्टूबर की शुरुआत में ऐसा करेंगे।

उन्‍होंने कहा क‍ि यह एक बड़ी समस्या बन सकती है क्योंकि उनका लक्ष्य करीब तीन लाख से पांच लाख लोगों को सेना में भर्ती करना है। उनके लिए इतनी बड़ी संख्या में लोगों को भर्ती करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। हालांकि, इस फैसले को लेकर उनके देश के अंदर सवाल जरूर उठेंगे। मैंने जो सर्वे देखे हैं, उनके मुताबिक रूस के ज्‍यादातर लोग नई भर्ती के खिलाफ हैं। काफी लोग इस युद्ध के भी खिलाफ हैं लेकिन फिर भी वे पुतिन का समर्थन करते हैं।

जेलेंस्‍की ने कहा क‍ि वह इतने सारे लोगों को कम समय में अच्छी तरह ट्रेनिंग नहीं दे पाएंगे। इसका मतलब है कि पहले की तरह वह कम ट्रेनिंग पाए हुए लोगों को ही सीधे युद्ध के मैदान में भेजेंगे। इसका नतीजा यह होगा कि बड़ी संख्या में लोगों की जान जाएगी।


रूस के सुरक्ष‍ित इलाकों तक पहुंचा यूक्रेन का हमला, तेल सुविधाओं को बनाया निशाना : जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के अंदर लंबी दूरी के हमले का दावा क‍िया। उनके अनुसार, इन हमलों का मकसद रूस की युद्ध से जुड़ी आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उस पर दबाव बढ़ाना है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''रविवार रात रोस्तोव क्षेत्र में हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई असरदार रही। मोर्चे से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित एक निर्यात टर्मिनल को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, यारोस्लावल क्षेत्र और उदमुर्त गणराज्य में मौजूद तेल से जुड़ी सुविधाओं पर भी हमले किए गए। उदमुर्त गणराज्य यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर है। हम अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना पर काम कर रहे हैं।''

जेलेंस्की ने कहा क‍ि मैं यूक्रेन की रक्षा कर रहे सेना के अपने सभी योद्धाओं का उनकी सटीक कार्रवाई के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उन इलाकों में सफलतापूर्वक काम किया, जिन्हें कुछ समय पहले तक रूस का सुरक्षित इलाका माना जाता था। अपनी इन कार्रवाइयों के जरिए हम युद्ध को रूस तक वापस पहुंचा रहे हैं ताकि आखिरकार सम्मानजनक शांति का रास्ता बन सके।

एक अन्‍य पोस्‍ट में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, ''पीएसी-2 और पीएसी-3 कोई हमला करने वाली मिसाइलें नहीं हैं। हमने यूरोप से धन जुटाकर इन्हें अमेरिका से खरीदने की व्यवस्था की लेकिन हमारे पास अभी भी इन मिसाइलों की पर्याप्त संख्या नहीं है। इसकी एक वजह यह है कि रूस के सैन्य उत्पादन पर पर्याप्त प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, इसलिए वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा सकता है। यही कारण है कि हमें जल्द से जल्द बेहतर एयर डिफेंस की जरूरत है। मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति की वजह से भी इन मिसाइलों की कमी बनी हुई है। मैं इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों, अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ लगातार काम कर रहा हूं।''

जेलेंस्की ने कहा क‍ि यूक्रेन में होने वाला हमारा घरेलू उत्पादन हमें ड्रोन और कई दूसरी चीजों को मार गिराने में मदद करता है लेकिन हम अभी बैलिस्टिक मिसाइलों को नहीं रोक सकते। हम यूरोप का अपना एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं लेकिन इसमें समय लगेगा।

उन्‍होंने कहा क‍ि राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने की मंजूरी दी है। इसका मतलब यह नहीं कि फैसला होते ही हमारे गोदामों में सैकड़ों इंटरसेप्टर मिसाइलें आ जाएंगी। ऐसा नहीं होता।

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