दुनिया की खबरें: ओमान में शुक्रवार को होगी ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता और पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा चिंताजनक

पिछले महीने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पर तेहरान की सख्त कार्रवाई को लेकर उसके (ईरान) और अमेरिका के बीच काफी तनाव बना हुआ है।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को ओमान में वार्ता होगी। ईरानी मीडिया ने बुधवार को यह खबर दी।

पिछले महीने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पर तेहरान की सख्त कार्रवाई को लेकर उसके (ईरान) और अमेरिका के बीच काफी तनाव बना हुआ है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों-- आईएसएनए और तसनीम के साथ-साथ ‘स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क’ ने भी खबर दी है कि शुक्रवार को ओमान में वार्ता होगी। ओमान ने तत्काल यह स्वीकार नहीं किया कि वह वार्ता की मेजबानी करेगा।

हालांकि पहले ओमान ने ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता के कई दौरों की मेजबानी की थी। अमेरिका ने भी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वार्ता ओमान में होगी।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने कहा कि मंगलवार को अमेरिका द्वारा एक ईरानी ड्रोन को मार गिराए जाने और तेहरान द्वारा अमेरिकी ध्वज वाले जहाज को रोकने का प्रयास किये जाने के बावजूद उसे वार्ता होने की उम्मीद है।

बुधवार को कार्यकर्ताओं ने कहा कि ईरान सरकार की कार्रवाई में गिरफ्तारियों की संख्या 50,000 से अधिक हो गई है। यह जानकारी अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ ने दी है, जिसने ईरान में अशांति के अन्य दौरों में भी सटीक आंकड़े दिए हैं।

कार्यकर्ताओं के मुताबिक, ईरान सरकार द्वारा प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में कम से कम 50,834 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में कम से कम 6,876 लोगों की मौत हुई है। हालांकि आशंका है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

एसोसिएटेड प्रेस ईरान में इंटरनेट पर पाबंदी के कारण मौत के आंकड़े की स्वतंत्र रुप से पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है।

पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के आंकड़े चिंताजनक, केपी में पुलिस कांस्टेबल की हुई हत्या

पाकिस्तान में हाल के समय में लगातार हिंसा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते दिन बलूचिस्तान में पाक सैनिक और बलूच विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में दोनों तरफ से लोग मारे गए। वहीं ताजा मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला कर दिया और उसकी मौत हो गई। पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं।

पुलिस कांस्टेबल की हत्या लक्की मरवत के सराय नौरंग इलाके के पास नसरखेल में दरगा जंगल में हुई। जिला पुलिस प्रवक्ता कुदरतुल्लाह ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल का हंगू ट्रेनिंग स्कूल में इलाज चल रहा था। अज्ञात हमलावरों ने कांस्टेबल को उसके घर से किडनैप कर लिया और मंगलवार रात को दरगा नाम के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।

पाकिस्तान में हाल के कुछ समय में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। जब से सरकार और तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के बीच 2022 में सीजफायर डील खत्म हुई है, खास तौर से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हिंसा में तेजी से विकास हुआ है।

बता दें, 14 जनवरी को पाकिस्तान के बलूचिस्तान के डेरा मुराद जमाली इलाके में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया कि हेड कांस्टेबल अली गौहर 14 जनवरी को पुलिस स्टेशन जा रहे थे, तभी एक स्कूल के पास बंदूकधारियों ने उन्हें गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में पुलिस शव को हॉस्पिटल ले गई और बाद में मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गौहर के परिवार को सौंप दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति तेजी से खराब हुई है। लगातार पांच साल से देश में तनाव, संघर्ष और हिंसा तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय मीडिया ने पीआईपीएस की पाकिस्तान सुरक्षा रिपोर्ट 2025 के हवाले से बताया कि साल 2025 में पाकिस्तान में कुल 699 हमले दर्ज किए गए। 2025 में दर्ज किए गए इन मामलों का आंकड़ा 2024 से 34 फीसदी ज्यादा है।

रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में करीब 1,034 लोग मारे गए, जबकि 1,366 अन्य घायल हुए। बढ़ते अपराध की वजह से मौतों के आंकड़े में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2025 में हमले, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, सीमा पर झड़पें और अपहरण सहित संघर्ष से जुड़ी हिंसा की घटनाएं बढ़कर 1,124 हो गईं। 2025 का ये आंकड़ा 2024 से 43 प्रतिशत ज्यादा है।


गाजा में इजराइली हमले में 21 लोगों की मौत

गाजा में इजराइली गोलीबारी में कम से कम 21 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वहीं, इजराइल का कहना है कि आतंकियों की तरफ से की गई गोलीबारी में उसका एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि इजराइली गोलीबारी में मारे गए लोगों में सात महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। दस अक्टूबर, 2025 को लागू हुए संघर्षविराम के बाद से फलस्तीनियों की मौत की ये ताजा घटना है।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के लागू होने के बाद से इजराइली गोलीबारी में 530 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए हैं।

गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘गाजा पट्टी में हमारे लोगों के खिलाफ नरसंहार वाली जंग जारी है। संघर्षविराम कहां है? मध्यस्थ कहां हैं?’’

अस्पताल ने बताया कि बुधवार सुबह इजराइली सैनिकों ने उत्तरी गाजा के तुफाह इलाके में एक इमारत पर गोलीबारी की। उसने बताया कि इस हमले में कम से कम 11 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर एक ही परिवार के थे।

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