दुनिया की खबरें: ईरान में जेनजी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी से भड़के ट्रंप और पीओके में फिर भड़का विरोध प्रदर्शन

ट्रूथ सोशल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "अगर ईरान शांति से प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाता है और उन्हें बुरी तरह मारता है, जो उनका रिवाज है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा और आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।"

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
i
user

नवजीवन डेस्क

ईरान में जेनजी का विरोध प्रदर्शन बीते चार दिनों से चल रहा है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जेनजी शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन सड़क पर उतरे हैं। इस विरोध-प्रदर्शन में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विरोध-प्रदर्शन में मारे गए लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

ट्रूथ सोशल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, "अगर ईरान शांति से प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाता है और उन्हें बुरी तरह मारता है, जो उनका रिवाज है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा और आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।"

ईरानी अधिकारियों ने देश के अंदरूनी मामलों में अमेरिका के दखल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी दखल से पूरे इलाके में गड़बड़ी होगी और अमेरिकी हितों का नुकसान होगा।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार अली शमखानी ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को रेड लाइन बताया।

इस हफ्ते ईरान के लगभग 21 राज्यों में दर्जनों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इनमें से कुछ जगहों पर जारी प्रदर्शन बुधवार को पुलिस के साथ झड़प के बाद हिंसक हो गए।

ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी फार्स ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई, पुलिस वालों पर पत्थर फेंके गए और कारों में आग लगा दी गई। कुछ हथियारबंद लोगों ने शहर में हो रहे विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाया। पुलिस ने बाद में कुछ लोगों से हथियार जब्त कर लिए।

अफगानिस्तान: फरयाब में कोर्ट की बिल्डिंग में हुआ धमाका, हादसे के वक्त तालिबानी अधिकारी थे मौजूद

फरयाब प्रांत में गुरुवार को कोर्ट की बिल्डिंग में धमाके के बाद उत्तरी अफगानिस्तान में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं। धमाके के बाद इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स घटनास्थल पर पहुंच गए। धमाके से कितनी जनहानि हुई, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

यह धमाका गुरुवार को फरयाब में कोर्ट ऑफ अपील बिल्डिंग में हुआ। जिस दौरान यह धमाका हुआ, तालिबान के अधिकारी बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे और एक सुरक्षा बैठक में हिस्सा ले रहे थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस धमाके का टारगेट यह बैठक थी।

अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि कुछ सूत्रों ने दावा किया कि धमाका रॉकेट हमले की वजह से हुआ, जबकि दूसरों ने कहा कि यह एक प्लांटेड माइन धमाका था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि कई मरे हुए और घायल लोगों को हॉस्पिटल ले जाया गया।

हालांकि, मरने वालों की सही संख्या अभी तक जारी नहीं की गई है। न तो अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है और न ही तालिबान के अधिकारियों की तरफ से घटना या उसके बाद के बारे में किसी भी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

स्थानीय अधिकारी ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान के परवान प्रांत में शाम की नमाज के दौरान एक मस्जिद के अंदर हैंड ग्रेनेड फटने से नौ लोग घायल हो गए थे।

न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि यह धमाका 19 अक्टूबर 2025 को शिनवारी जिले में शाम की नमाज के दौरान हुआ था। घटना में घायल सभी नौ लोगों को फिर आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। गवाहों के मुताबिक, ग्रेनेड गिराने वाला आदमी तालिबान का सदस्य था और धमाके में उसे भी चोटें आई थीं।


मेक्सिको में भूकंप के 6.5 तीव्रता के झटके महसूस किये गये

दक्षिणी और मध्य मेक्सिको में आये जबरदस्त भूकंप के कारण राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम का नये साल का पहला संवाददाता सम्मेलन बाधित हो गया।

मेक्सिको की राष्ट्रीय भूकंप एजेंसी के अनुसार, भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.5 थी और इसका केंद्र दक्षिणी प्रांत गुरेरो में सैन मार्कोस शहर के निकट, प्रशांत तट पर स्थित अकापुल्को रिसॉर्ट के नजदीक था। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

पीओके में फिर भड़का विरोध 'प्रदर्शन', पाक सरकार के वादाखिलाफी से लोग नाराज

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में फिर से शहबाज सरकार के खिलाफ विरोध की भावनाएं धधक रही हैं। पीओके की जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और सरकार के बीच बातचीत रद्द हो गई है। ऐसे में क्षेत्र में अक्टूबर 2025 के समय में लंबे विरोध और हिंसा के बाद जो शांति आई थी, वह फिर से जा सकती है।

सितंबर 2025 में, पीओके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिस दौरान कई संगठनों ने विकास से जुड़ी कई मांगें रखी थीं। पाकिस्तान सरकार ने दखल दिया और उनकी सभी मांगें पूरी करने पर सहमति जताई थी।

हालांकि, अब कमेटी ने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया और कहा कि एक भी मांग पूरी नहीं की गई है। कमेटी ने पाकिस्तानी सरकार के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया। ऐसे में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के आसार नजर आ रहे हैं।

एक मूल्यांकन में अनुमान लगाया गया है कि विरोध प्रदर्शन पिछली बार से भी बड़ा होने की संभावना है। यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान सरकार अपनी बात से पलटी है। इससे इलाके के लोग बहुत निराश हैं।

पीओके के प्रति सरकार का रवैया वही है जो बलूचिस्तान में देखने को मिलता है। लंबे समय से पीओके और बलूचिस्तान इलाकों के लोग सरकार और सेना के बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि उनके संसाधनों का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के बड़े शहरों में सभी विकास के काम किए जाते हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार यहां के विकास को बहुत नजरअंदाज करती है।

संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने अक्टूबर में सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते पर हस्ताक्षर करने के दौरान यह तय हुआ था कि कमेटी और सरकार विकास की समीक्षा करने के लिए हर 15 दिन में मीटिंग करेंगे, लेकिन पिछले तीन महीनों में इस सिलसिले में सिर्फ तीन बार बैठकें हुई हैं। इसकी वजह से कमेटी ने सरकार पर दिखावा करने का आरोप लगाया।


यूक्रेनी ड्रोन हमले में मरने वालों की संख्या हुई 27, जेलेंस्की ने खुफिया प्रमुख को सौंपी नई भूमिका

यूक्रेन के खेरसोन क्षेत्र में रूसी सेना के कब्जे वाले एक गांव में एक कैफे पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई। रूस के अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यूक्रेन ने हालांकि नागरिक ठिकानों पर हमले से इनकार किया।

रूस की प्रमुख आपराधिक जांच एजेंसी ‘इन्वेस्टिगेटिव कमेटी’ की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने एक बयान में बताया कि खोरली गांव में एक कैफे और होटल पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में 27 लोग मारे गए, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि जिस जगह हमला हुआ, उस जगह कम से कम 100 लोग नव वर्ष की पूर्व संध्या पर जश्न मना रहे थे।

पेट्रेंको ने बताया कि पांच नाबालिगों समेत कुल 31 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उन्होंने बताया कि इस मामले में आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है। यूक्रेन के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता दिमित्रो ल्यखोवी ने नागरिकों पर हमले से इनकार किया।

उन्होंने बृहस्पतिवार को यूक्रेन के सार्वजनिक प्रसारक ‘सुस्पिलने’ को बताया कि यूक्रेनी सेनाएं ‘अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मानदंडों का पालन करती हैं’ और ‘केवल रूसी सैन्य ठिकानों, रूसी ईंधन एवं ऊर्जा क्षेत्र की सुविधाओं और अन्य वैध लक्ष्यों पर ही हमले करती हैं’।

ल्यखोवी ने बताया कि जनरल स्टाफ ने उन लक्ष्यों की एक स्पष्ट सूची प्रकाशित की है, जिन पर यूक्रेनी सेना ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर हमला किया था, जिसमें खेरसोन क्षेत्र के कब्जे वाले हिस्से शामिल नहीं थे।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने कीव में शुक्रवार को सैन्य खुफिया प्रमुख किरिलो बुडानोव को अपना नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया। यह नियुक्ति एक महीने से अधिक समय पहले भ्रष्टाचार घोटाले के बाद एंड्री येरमाक के इस्तीफे के बाद हुई है।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia